विदेशी Investors का भरोसा डगमगाया, अगस्त में अब तक भारतीय शेयरों से निकाले हजारों करोड़
अगस्त के पहले पखवाड़े में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है. वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं और घरेलू मोर्चे पर कमजोर कॉरपोरेट नतीजों ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है. आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से हजारों करोड़ रुपये की निकासी की है. इसका सबसे अधिक असर फाइनेंशियल सर्विसेज और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनियों पर देखा गया, क्योंकि इनका वेटेज Sensex और Nifty में सबसे अधिक है. रुपये में कमजोरी, प्राइमरी मार्केट में मजबूत पाइपलाइन और टैरिफ मोर्चे पर जारी खींचतान ने जोखिम बढ़ा दिया है.
IIFL Capital के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्रीराम वेलायुधन का कहना है कि निवेशक भारत को लेकर सतर्क हैं क्योंकि कमजोर आय, सीमित वैल्यूएशन और बाहरी दबावों ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है. ऐसे में घरेलू निवेशकों के भरोसे पर बाजार टिका हुआ है, लेकिन लगातार FPI आउटफ्लो से वोलैटिलिटी बनी रहने की संभावना है. अगस्त में जारी बिकवाली ने संकेत दिया है कि विदेशी निवेशक फिलहाल जोखिम से बचाव की रणनीति अपना रहे हैं.