Paytm पर ब्रोकरेज बुलिश, ₹2200 तक जाएगा शेयर? Q2 नतीजों के बाद मिला 33% अपसाइड

Paytm के शेयर पर दूसरी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस बुलिश हैं. Bernstein ने शेयर के लिए 2,200 रुपये का टारगेट दिया है, जो सोमवार के बंद भाव 1654.70 रुपये से करीब 33 फीसदी संभावित अपसाइड दिखाता है. Jefferies ने 2150 रुपये, Goldman Sachs ने 2010 रुपये और Citi ने 1940 रुपये का टारगेट रखा है.

Paytm का दूसरी तिमाही का मुनाफा बढ़कर ₹226 करोड़ पहुंच गया. Image Credit: @tv9

Paytm के शेयर में आने वाले दिनों में हलचल देखने को मिल सकती है. कंपनी के दूसरी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद Jefferies, Citi, Goldman Sachs और Bernstein जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस ने शेयर पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा है. Bernstein ने शेयर के लिए 2,200 रुपये का टारगेट दिया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 33 फीसदी की संभावित तेजी दिखाता है. कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 11 गुना बढ़कर 226 करोड़ रुपये पहुंच गया है. अब निवेशकों की नजर कंपनी की बढ़ती कमाई, बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन और UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से मिलने वाले संभावित फायदे पर है.

Paytm के शेयर पर कितना है ब्रोकरेज का टारगेट?

Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर सोमवार को 2.4 फीसदी की बढ़त के साथ 1654.70 रुपये पर बंद हुए. कंपनी के नतीजों से पहले ही शेयर में तेजी देखने को मिली. साल 2026 में अब तक शेयर करीब 28.1 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि इसी अवधि में Nifty 50 में करीब 13 फीसदी की गिरावट आई है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये रहा.

ब्रोकरेज हाउस के टारगेट प्राइस पर नजर डालें तो Bernstein ने सबसे ज्यादा 2200 रुपये का टारगेट दिया है. Jefferies ने 2150 रुपये, Goldman Sachs ने 2010 रुपये और Citi ने 1,940 रुपये का टारगेट रखा है.

ब्रोकरेजरेटिंगटारगेट प्राइस
BernsteinOutperform₹2,200
JefferiesBuy₹2,150
Goldman SachsBuy₹2,010
CitiBuy₹1,940

ये टारगेट ब्रोकरेज के अनुमान हैं, शेयर के भाव की गारंटी नहीं. बाजार की चाल और कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर वास्तविक भाव अलग हो सकता है.

Paytm के मुनाफे में करीब 11 गुना उछाल

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में Paytm का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 226 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 21 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था.

कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 28.5 फीसदी बढ़कर 2,648 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 2,061 करोड़ रुपये था. वहीं, EBITDA 91.5 फीसदी बढ़कर 270 करोड़ रुपये रहा. EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 6.8 फीसदी से सुधरकर 10.2 फीसदी हो गया.

इन नतीजों से कंपनी की कमाई और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में सुधार के संकेत मिले हैं. यही वजह है कि ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी की ग्रोथ और मुनाफे की संभावनाओं पर ध्यान दिया है.

Bernstein को क्यों दिख रहा है ₹2,200 का टारगेट?

Bernstein ने Paytm पर Outperform रेटिंग बरकरार रखते हुए 2,200 रुपये का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी के फाइनेंशियल सर्विसेज रेवेन्यू में सालाना आधार पर 49 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि मार्केटिंग सर्विसेज रेवेन्यू 26 फीसदी बढ़ा.

नेट पेमेंट रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 7 फीसदी और सालाना आधार पर 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान इनडायरेक्ट खर्च 14 फीसदी बढ़ने के बावजूद EBITDA में 90 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई और मार्जिन करीब 10 फीसदी रहा.

Bernstein का मानना है कि कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी और पेमेंट कारोबार में बेहतर मार्जिन शेयर के प्रदर्शन को समर्थन दे सकते हैं.

Jefferies और Citi को UPI MDR से उम्मीद

Jefferies ने Paytm पर Buy रेटिंग बनाए रखते हुए 2150 रुपये का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 10 फीसदी पहुंच गया और प्रॉफिट बिफोर टैक्स उसके अनुमान से 17 फीसदी ज्यादा रहा. हालांकि, ज्यादा टैक्स के कारण असाधारण मदों को छोड़कर नेट प्रॉफिट उसकी उम्मीदों के अनुरूप रहा.

Jefferies को दिवाली के बाद प्रस्तावित UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) व्यवस्था से कंपनी की कमाई को समर्थन मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा लोन डिस्ट्रीब्यूशन और निवेश से जुड़ी सेवाओं में ग्रोथ भी अहम होगी.

Citi ने Paytm का टारगेट 1,560 रुपये से बढ़ाकर 1,940 रुपये कर दिया है. ब्रोकरेज को फाइनेंशियल सर्विसेज में तेजी और नेट पेमेंट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है. इसके मुताबिक, UPI MDR के संभावित फायदे को शामिल किए बिना भी कंपनी के कारोबार में सुधार की गुंजाइश है.

Goldman Sachs ने घटाया टारगेट, लेकिन रेटिंग बरकरार

Goldman Sachs ने Paytm पर Buy रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 2,070 रुपये से घटाकर 2,010 रुपये कर दिया है. ब्रोकरेज ने कंपनी के दूसरी तिमाही के प्रदर्शन को उम्मीद से बेहतर बताया है.

Goldman Sachs के मुताबिक, प्रस्तावित UPI MDR से Paytm के EBITDA में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, यह एक अनुमान है और वास्तविक फायदा व्यवस्था के लागू होने तथा उसके असर पर निर्भर करेगा. ब्रोकरेज ने Paytm Postpaid के विस्तार और वॉलेट कारोबार को दोबारा शुरू करने की संभावनाओं को भी कमाई के संभावित अवसरों के तौर पर देखा है.