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HAL, BEL समेत डिफेंस शेयर बने रॉकेट, सरकार से ₹2.12 लाख करोड़ के प्रस्तावों की मंजूरी के बाद दिखी तेजी

Defence Stocks Today: इन मंजूरियों के तहत प्रस्तावों को 'आवश्यकता की स्वीकृति' (AoN) दी गई है, जिसका उद्देश्य सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाना है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्वीकृत खरीद का लगभग 82 फीसदी हिस्सा भारतीय उद्योगों से लिया जाएगा.

डिफेंस स्टॉक Image Credit: @AI/Money9live

Highlights

  • मंजूरियों में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के लिए कई तरह के सैन्य उपकरण शामिल हैं.
  • वायु सेना के लिए 200 'लाइट मल्टी रोल हेलीकॉप्टर' खरीदने का 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है.
  • इस ऑर्डर के लिए टाटा-एयरबस और अडानी ग्रुप-लियोनार्डो के बीच मुकाबला हो सकता है.

Defence Stocks Today: डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 26 अक्टूबर को लगभग 2,12,000 करोड़ रुपये के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी. इसके बाद मंगलवार 27 अक्टूबर को डिफेंस कंपनियों के शेयरों में बंपर तेजी देखने को मिली. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, BEL, पारस डिफेंस, BEML और एस्ट्रा माइक्रोवेव जैसी डिफेंस कंपनियों के शेयरों में 4 फीसदी तक की तेजी आई.

BSE पर HAL और BEL के शेयरों में 2-2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि पारस डिफेंस, BEML और एस्ट्रा माइक्रोवेव के शेयरों में 4 फीसदी तक का उछाल आया.

कंपनी का नाममौजूदा भाव (₹)बदलाव (₹)बदलाव (%)पिछला भाव (₹)मार्केट वैल्यू (₹)
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स369.05+6.05+1.67%364.502,63,225
भारत डायनेमिक्स1,030.90+1.90+0.18%1,017.5037,279
डेटा पैटर्न्स (इंडिया)4,002.60+228.80+6.06%3,792.2021,212
एक्वस (Aequs)201.65-40.75-16.81%235.5515,804
एस्ट्रा माइक्रोवेव1,569.20+70.90+4.73%1,485.0014,107
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स437.80+26.90+6.55%374.7513,894
सोर्स- ग्रो

भारतीय उद्योग से होगी बड़ी खरीदारी

इन मंजूरियों के तहत प्रस्तावों को ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (AoN) दी गई है, जिसका उद्देश्य सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाना है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्वीकृत खरीद का लगभग 82 फीसदी हिस्सा भारतीय उद्योगों से लिया जाएगा.

इन मंजूरियों में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के लिए कई तरह के सैन्य उपकरण शामिल हैं, जिनमें हेलीकॉप्टर, वायु-रक्षा प्रणालियां, ड्रोन, आर्टिलरी सिस्टम और नौसैनिक प्लेटफॉर्म शामिल हैं.

भारतीय सेना के क्या-क्या खरीदेगी?

भारतीय सेना के लिए, DAC ने हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (HMVs), सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम, गन शॉट रिस्पॉन्स सिस्टम (GSRS), लाइट मल्टी रोल हेलीकॉप्टर (LMRH), वेरी शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और प्लेटफॉर्म-आधारित काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी.

इसके अलावा, लंबी दूरी के अनमैन्ड एरियल सिस्टम, निगरानी करने वाले UAV, एक इंटीग्रेटेड सर्विलांस एंड स्ट्राइक सिस्टम और लंबी दूरी के कामिकेज ड्रोन सिस्टम को भी मंजूरी मिली है.

भारतीय वायु सेना

भारतीय वायु सेना को भी हेलीकॉप्टर, एयर डिफेंस सिस्टम, हथियार और मोबाइल X-बैंड डॉप्लर वेदर रडार सिस्टम के लिए मंजूरी मिली है. ‘स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर’ वायु सेना की हवाई-परिवहन जरूरतों को पूरा करेंगे, जबकि वेदर रडार सिस्टम सीमावर्ती इलाकों में मौसम की सटीक और स्थानीय निगरानी करने में मदद करेंगे.

हेलीकॉप्टर के लिए 20000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

रक्षा अधिकारियों के हवाले से ANI ने बताया कि इन मंजूरियों का एक बड़ा हिस्सा सेना और वायु सेना के लिए 200 ‘लाइट मल्टी रोल हेलीकॉप्टर’ खरीदने का 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है. इन हेलीकॉप्टरों का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिसमें भारतीय कंपनियां मुख्य भूमिका निभाएंगी.

रक्षा अधिकारियों ने ANI को बताया कि यह अनुबंध सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L1) और दूसरी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L2) के बीच बांटा जा सकता है.

इन कंपनियों के बीच दिख सकता है मुकाबला

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑर्डर के लिए टाटा-एयरबस और अडानी ग्रुप-लियोनार्डो के बीच मुकाबला हो सकता है, जबकि अमेरिका की बेल हेलीकॉप्टर्स भी अपना हेलीकॉप्टर पेश कर सकती है. लंबे समय से लंबित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सशस्त्र बलों के पुराने हो चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों को बदलना है. आने वाले वर्षों में लगभग 400 हेलीकॉप्टरों को सर्विस से हटा दिया जाएगा.

भारतीय नौसेना की बढ़ेगी युद्धक क्षमता

भारतीय नौसेना के लिए, DAC ने ‘एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम’ (AODS) और अन्य प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म्स की खरीद को मंजूरी दी है. माना जा रहा है कि AODS नौसेना की एंटी-मिसाइल सुरक्षा को मजबूत करेगा, खासकर आधुनिक एंटी-शिप मिसाइलों के खिलाफ. अन्य नौसैनिक प्लेटफॉर्म्स को स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया जाएगा, ताकि आधुनिक युद्ध प्रणालियों के जरिए नौसेना की युद्धक क्षमताओं को बढ़ाया जा सके.

इन मंजूरियों में मोबिलिटी, निगरानी, ​​एयर डिफेंस, प्रिसिजन स्ट्राइक और काउंटर-ड्रोन युद्ध जैसी क्षमताएं शामिल हैं. प्रस्तावित खरीद का बड़ा हिस्सा घरेलू उद्योगों से प्राप्त होने की उम्मीद है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.