Reliance Power के शेयर में 5% की गिरावट, ED ने ₹2,033 करोड़ की संपत्ति जब्त की

Reliance Power के शेयरों में 5 फीसदी तक गिरावट आई है. ED ने FEMA मामले में कंपनी की ₹2,032.81 करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं. कार्रवाई में बैंक बैलेंस और Sasan Power में हिस्सेदारी शामिल है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है.

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अनिल अंबानी की कंपनी Reliance Power के शेयरों में गुरुवार को तेज गिरावट देखने को मिली. कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 5 फीसदी तक टूट गया. शेयर में यह गिरावट प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई के बाद आई है. ED ने विदेशी मुद्रा कानून से जुड़े मामले में Reliance Power की भारत में मौजूद करीब ₹2,032.81 करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं.

बैंक बैलेंस और Sasan Power के शेयर शामिल

ED की कार्रवाई में Reliance Power के बैंक बैलेंस और Sasan Power Limited में कंपनी की हिस्सेदारी शामिल है. यह कार्रवाई Foreign Exchange Management Act यानी FEMA के तहत की गई है. जांच एजेंसी के मुताबिक, भारत में जब्त की गई संपत्तियों का मूल्य उस विदेशी मुद्रा के बराबर है, जिसे कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेश में रखा गया था.

संपत्ति जब्ती का आदेश 12 अक्टूबर को FEMA की धारा 37A के तहत जारी किया गया था. हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को चुनौती देने की बात कही है और कहा है कि वह अपने हितों और शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी सलाह के अनुसार जरूरी कदम उठाएगी.

2006 से जुड़ा है मामला

ED की जांच की जड़ करीब दो दशक पुरानी गतिविधियों से जुड़ी बताई गई है. जांच के मुताबिक, 2006 में Reliance Natural Resources Limited ने विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड यानी FCCB के जरिए करीब 300 मिलियन डॉलर जुटाए थे. इसमें से करीब 275 मिलियन डॉलर सिंगापुर स्थित उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी में लगाए गए थे.

बाद में Reliance Natural Resources का Reliance Power में विलय हो गया. जांच में विदेशी निवेश और विदेश में दी गई रकम से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है.

₹2,101 करोड़ के लेखांकन पर भी सवाल

यह जांच कंपनी की किताबों में करीब ₹2,101.46 करोड़ के राइट-ऑफ या प्रोविजन से जुड़े मामले के बाद आगे बढ़ी. इसमें ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और केमैन आइलैंड्स जैसी जगहों पर मौजूद कंपनियों से जुड़े विदेशी निवेश और एडवांस शामिल बताए गए हैं.

शेयरधारकों की नजर आगे की कार्रवाई पर

ED की कार्रवाई के बाद निवेशकों की नजर अब मामले की अगली प्रक्रिया पर है. जब्त की गई संपत्तियों में Sasan Power की हिस्सेदारी भी शामिल है, इसलिए निवेशक यह देख रहे हैं कि कार्रवाई का कंपनी की वित्तीय स्थिति और कारोबार पर आगे क्या असर पड़ता है.

फिलहाल कंपनी ने आरोपों से असहमति जताई है और कानूनी विकल्प अपनाने की बात कही है. ऐसे में आने वाले दिनों में जांच और नियामकीय प्रक्रिया से जुड़ी खबरें Reliance Power के शेयर की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी.

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