Religare Enterprises Insider Trading: कॉर्पोरेट जगत की बड़ी बैठक जिसने सेबी को भी हिला कर रख दिया
हाल ही में सेबी ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की पूर्व चेयरपर्सन रश्मि सलूजा पर इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में कार्रवाई की. यह मामला बर्मन परिवार के ओपन ऑफर से जुड़ा था. सेबी का मानना है कि सलूजा के पास कंपनी से संबंधित Unpublished Price-Sensitive Information (UPSI) मौजूद थी और उन्होंने ओपन ऑफर की घोषणा से पहले करीब ₹35 करोड़ के शेयर बेच दिए. जांच में होटल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप मैसेज , मोबाइल लोकेशन और ट्रेडिंग पैटर्न जैसे सबूतों का इस्तेमाल किया गया. इसके आधार पर सेबी ने उन पर ₹40 लाख का जुर्माना लगाया और कथित अवैध लाभ वापस करने का आदेश दिया.
यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि बैठकों में क्या बातचीत हुई, इसका कोई सीधा रिकॉर्ड मौजूद नहीं था. फिर भी सेबी ने सबूतों और घटनाओं के क्रम को देखते हुए माना कि गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया. बाद में शेयरधारकों ने भी रश्मि सलूजा के पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया, जिसके बाद उन्होंने फरवरी 2025 में बोर्ड छोड़ दिया. यह मामला दिखाता है कि बाजार नियामक किस तरह ट्रेडिंग गतिविधियों, डिजिटल रिकॉर्ड और व्यवहारिक पैटर्न के आधार पर इनसाइडर ट्रेडिंग की जांच करते हैं.