टाटा संस की लिस्टिंग के सपोर्ट में शापूर मिस्त्री, बोले इससे बढ़ेगी जवाबदेही; RBI के फैसले का किया स्वागत

टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर एसपी ग्रुप के चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले का स्वागत किया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस की रजिस्ट्रेशन वापस लेने की मांग को खारिज कर उसे अपर लेयर NBFC के नियमों का पालन करने को कहा है. शापूर मिस्त्री के मुताबिक, लिस्टिंग से टाटा संस में ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही बढ़ सकती है.

टाटा संस की संभावित लिस्टिंग का शापूर मिस्त्री ने किया सपोर्ट. Image Credit: Money9

टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग को लेकर शापूरजी पालोनजी ग्रुप के चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने सपोर्ट किया है. उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें टाटा संस को अपर लेयर NBFC से जुड़े नियमों का पालन करने को कहा गया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने 11 सितंबर को टाटा संस की अपना रजिस्ट्रेशन वापस लेने की मांग को खारिज कर दिया था. इसके बाद कंपनी के लिए शेयर मार्केट में लिस्ट होने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है. शापूर मिस्त्री के मुताबिक, लिस्टिंग से टाटा संस में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ सकती है.

शापूर मिस्त्री ने किया स्वागत

शापूर मिस्त्री ने भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे टाटा संस के भविष्य को लेकर स्थिति ज्यादा साफ हुई है. भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को अपर लेयर NBFC के लिए लागू नियमों का पालन करने को कहा है. इन नियमों के तहत कंपनी को लिस्टिंग से जुड़ी जरूरी शर्तों का पालन करना होगा. शापूर मिस्त्री ने कहा कि यह फैसला टाटा संस में ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है.

एसपी ग्रुप की कितनी हिस्सेदारी

शापूरजी पालोनजी ग्रुप के पास टाटा संस में करीब 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है. ऐसे में टाटा संस की संभावित लिस्टिंग एसपी ग्रुप के लिए भी महत्वपूर्ण है. अगर कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होती है तो टाटा संस के शेयरों का बाजार वैल्यू सामने आ सकता है. इससे एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी की कीमत का आकलन करने में भी ज्यादा स्पष्टता मिल सकती है. हालांकि, लिस्टिंग की तारीख और पूरी प्रक्रिया को लेकर अभी अंतिम डेडलाइन तय नहीं हुई है.

लिस्टिंग से बढ़ सकती है जवाबदेही

शापूर मिस्त्री ने कहा कि टाटा संस की लिस्टिंग शेयरधारकों और टाटा ट्रस्ट्स के बीच एक पुल की तरह काम कर सकती है. उनके मुताबिक, इससे प्राइवेट ओनरशिप और पब्लिक अकाउंटेबिलिटी के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है. शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद टाटा संस को बाजार और पब्लिक शेयर होल्डर्स के सामने ज्यादा जानकारी शेयर करनी होगी. इससे कंपनी के कामकाज और मैनेजमेंट में ट्रांसपेरेंसी बढ़ सकती है.

टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका भी अहम

टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है. इसलिए कंपनी की लिस्टिंग को लेकर ट्रस्ट्स की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स की ओर से लिस्टिंग को लेकर आपत्ति जताई गई है और दूसरे विकल्पों पर विचार करने की बात सामने आई है. दूसरी ओर, एसपी ग्रुप ने लिस्टिंग का समर्थन किया है. ऐसे में टाटा संस के आगे के फैसले पर सभी प्रमुख हिस्सेदारों की नजर है.

टाटा ट्रस्ट्स को भी हो सकता है फायदा

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शापूर मिस्त्री ने कहा कि टाटा संस की लिस्टिंग से कंपनी की कीमत और उसके कारोबार को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आ सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादा पब्लिक जवाबदेही टाटा ग्रुप के सोशल और वेलफेयर कामों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए. शापूर मिस्त्री ने टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के साथ मिलकर आगे काम करने की बात भी कही है.

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अब आगे क्या होगा

भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले के बाद टाटा संस को अपर लेयर NBFC के लिए लागू नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. भारतीय रिजर्व बैंक ने 11 सितंबर को कंपनी की रजिस्ट्रेशन वापस लेने की मांग को खारिज कर दिया था. इसके बाद लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुला है. हालांकि, लिस्टिंग की तारीख और पूरी प्रक्रिया अभी तय नहीं हुई है. टाटा संस के बोर्ड ने लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है, जबकि इस मुद्दे पर टाटा ट्रस्ट्स के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आई है.