क्या महंगी होने वाली है Tata Punch, Nexon और Safari? फिर से बढ़ सकती है गाड़ियों की कीमतें
टाटा मोटर्स पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियों की कीमतें फिर से बढ़ा सकती है, अगर ऐसा हुआ तो FY27 में तीसरी बढ़ोतरी होगी. मिडिल ईस्ट संकट की वजह से एल्युमीनियम और स्टील जैसे कमोडिटी खर्च और इनपुट कॉस्ट बढ़ने से कंपनी पर दबाव है.

Tata Motors के पैसेंजर गाड़ियों की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं, अगर ऐसा होता है तो अप्रैल के बाद से पैसेंजर व्हीकल की कीमतों में ये तीसरी बढ़ोतरी होगी. कंपनी पहले ही FY27 में PV (पैसेंजर व्हीकल) की कीमतें दो बार बढ़ा चुकी है, एक बार अप्रैल में और फिर जुलाई में कीमतें बढ़ा गई थी. सिर्फ पैसेंजर गाड़ियां ही नहीं, बल्कि कमर्शियल गाड़ियों की कीमतों में भी इस फाइनेंशियल ईयर में दो बार बढ़ोतरी हुई है. पैसेंजर व्हीकल की कीमतें बढ़ी तो कंपनी के सभी मॉडल्स जैसे कि पंच, नेक्सॉन, सफारी, हैरियर, टियागो सभी मॉडल्स महंगे हो जाएंगे.
कब तक बढ़ेगी कीमतें?
कंपनी ने कहा है कि उम्मीद है कि आने वाले क्वार्टर्स में इलेक्ट्रिक गाड़ियों और कमर्शियल गाड़ियों की डिमांड बनी रहेगी, जिसे ज्यादा पेलोड वाले ट्रकों, बढ़ती EV डिमांड और मजबूत सरकारी ऑर्डर बुक से सपोर्ट मिलेगा. कंपनी कमोडिटी खर्च से जुड़े महंगाई के दबाव का सामना कर रही है, जिसे कीमत बढ़ाने के एक्शन और कॉस्ट कंट्रोल उपायों से कम किया जा सकता है. एचटी ऑटो के मुताबिक, अगर ऐसा है तो उम्मीद है कि कंपनी की पैसेंजर गाड़ी और कमर्शियल गाड़ी दोनों रेंज जल्द ही महंगी होगी. हालांकि, टाटा मोटर्स ने कीमत बढ़ाने के लिए कोई टाइमफ्रेम नहीं बताया है.
मिडिल ईस्ट संकट से बढ़े एल्युमीनियम और स्टील की बढ़ती कीमतों ने गाड़ी बनाने वालों पर ज्यादा इनपुट कॉस्ट को कम करने के लिए कीमतें बढ़ाने का दबाव डाला है. FY27 की पहली तिमाही में, टाटा मोटर्स ने 1528 करोड़ का प्रॉफ़िट बताया, जबकि एक साल पहले यह 1411 करोड़ था. कंपनी का कुल खर्च 23.6 फीसदी बढ़कर 17,668 करोड़ हो गया, जिससे कंपनी का कोर प्रॉफिट मार्जिन 60 बेसिस पॉइंट कम होकर 11.7 फीसदी हो गया. Q1 FY27 में ऑपरेशन से रेवेन्यू 23.3 फीसदी बढ़कर 19,330 करोड़ हो गया.
कर्मशियल व्हीकल की मजबूत मांग
ऑटोमेकर ने दावा किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और ई-कॉमर्स से चलने वाले लॉजिस्टिक्स में बढ़ोतरी से तिमाही के दौरान टाटा मोटर्स के कमर्शियल गाड़ियों की मांग मजबूत बनी रही. टाटा मोटर्स की घरेलू बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 26 फीसदी और एक्सपोर्ट में 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. टाटा मोटर्स मिडिल ईस्ट संकट के कारण ट्रेड फ्लो में रुकावट आने पर ज्यादा इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि उसे इंडोनेशिया में एक बड़े कमर्शियल व्हीकल ऑर्डर के तहत डिलीवरी बढ़ाने की उम्मीद है.
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