Adani Group: डेटा सेंटर कारोबार के लिए 1.5 अरब डॉलर जुटाएंगे गौतम अडानी, इन बड़े बैंकों से चल रही बात

गौतम अडानी का Adani Group डेटा सेंटर कारोबार के विस्तार के लिए करीब 1.5 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने की तैयारी कर रहा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, AdaniConneX इस फंडिंग के लिए DBS, First Abu Dhabi Bank और MUFG समेत कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों से बातचीत कर रही है.

Adani Group डेटा सेंटर कारोबार के लिए 1.5 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने की तैयारी में है. Image Credit: ai/canva

भारत के दिग्गज कारोबारी समूह Adani Group ने डेटा सेंटर कारोबार के विस्तार के लिए बड़ी फंडिंग जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है. गौतम अडानी का समूह करीब 1.5 अरब डॉलर यानी लगभग 13000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों से बातचीत कर रहा है. इस रकम का इस्तेमाल डेटा सेंटर कारोबार के विस्तार और उससे जुड़ी प्रोजेक्ट के फाइनेंस में किया जा सकता है. इस फंडिंग के लिए AdaniConneX बैंकों के साथ बातचीत कर रही है. हालांकि, अभी कर्ज की शर्तों और ब्याज दर को अंतिम रूप नहीं दिया गया है.

DBS, MUFG समेत कई बैंकों से बातचीत

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, AdaniConneX प्राइवेट लिमिटेड इस ऑफशोर लोन के लिए DBS Group Holdings, First Abu Dhabi Bank और Mitsubishi UFJ Financial Group (MUFG) समेत कई बैंकों के साथ बातचीत कर रही है. इसके अलावा Natixis, ING Bank और Societe Generale जैसे वित्तीय संस्थान भी इस फंडिंग प्रक्रिया से जुड़े हैं.

कर्ज की कीमत यानी ब्याज दर को लेकर चर्चा चल रही है. इस लोन की अवधि 5 से 7 साल हो सकती है. हालांकि, अभी तक इसकी शर्तें तय नहीं हुई हैं. DBS और First Abu Dhabi Bank ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. वहीं, Adani Group और अन्य बैंकों ने टिप्पणी के रिक्वेस्ट का जवाब नहीं दिया.

क्या है AdaniConneX का कारोबार?

AdaniConneX, Adani Group और डेटा सेंटर ऑपरेटर EdgeConneX का जॉइंट वेंचर है. इसका उद्देश्य भारत में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है. डेटा सेंटर ऐसी सुविधाएं होती हैं, जहां बड़ी मात्रा में कंप्यूटर सर्वर और नेटवर्किंग उपकरण रखे जाते हैं. इनके जरिए कंपनियों का डेटा स्टोर और प्रोसेस किया जाता है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटर की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में Adani Group इस कारोबार को अपने ऊर्जा कारोबार के साथ जोड़कर बड़े स्तर पर विस्तार करना चाहता है.

2035 तक 100 अरब डॉलर निवेश की योजना

Adani Group ने 2035 तक डेटा सेंटर और दूसरे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 100 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है. समूह का इरादा अपने मौजूदा ऊर्जा कारोबार की ताकत का इस्तेमाल करते हुए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़ी मौजूदगी बनाने का है.

इससे पहले AdaniConneX ने डेटा सेंटर कारोबार के लिए 800 मिलियन डॉलर का कर्ज जुटाया था. इस लोन की अवधि 18 महीने थी. अब करीब 1.5 अरब डॉलर की नई फंडिंग जुटाने की कोशिश समूह के विस्तार की योजना को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम मानी जा रही है.

Reliance भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगाएगा बड़ा दांव

डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश की दौड़ में Adani Group अकेला नहीं है. मुकेश अंबानी की Reliance Industries भी अगले सात वर्षों में AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर 110 अरब डॉलर तक निवेश करने की योजना बना रही है.

दोनों बड़े कारोबारी समूहों की योजनाएं दिखाती हैं कि भारत में डेटा सेंटर और AI से जुड़ा कारोबार बड़े निवेश का केंद्र बन रहा है. कंपनियां आने वाले वर्षों में AI मॉडल, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता तैयार करने पर जोर दे रही हैं.

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2030 तक तेजी से बढ़ सकती है डेटा सेंटर क्षमता

भारत में डेटा सेंटर बाजार तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है. अगस्त 2026 में देश की डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.57 गीगावॉट थी. सरकार को उम्मीद है कि 2030 तक यह क्षमता बढ़कर करीब 8 गीगावॉट हो सकती है.

अगले 7 से 8 वर्षों में भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में करीब 200 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना है. AI और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती जरूरत इस निवेश को गति दे सकती है.

कुल मिलाकर, Adani Group की 1.5 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाने की योजना भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में उसकी महत्वाकांक्षा को दिखाती है. हालांकि, कर्ज की अंतिम शर्तें तय होने के बाद ही इस फंडिंग की पूरी तस्वीर साफ होगी.