क्या भारत पर 100% टैरिफ लगाएगा अमेरिका? सीनेट में बिल पास; नवारो बोले- ट्रंप और PM मोदी सुलझा लेंगे मामला
नवारो से लिंडसे ग्राहम बिल के भारत पर संभावित असर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने में ट्रंप और मोदी के बीच के रिश्ते अहम होंगे. . रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला यह बिल पिछले हफ्ते US सीनेट में 86-11 के द्विदलीय वोट से पास हो गया था.

व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने ANI को बताया कि भारत पर संभावित नए टैरिफ को लेकर बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करेंगे. यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका एक ऐसे कानून पर विचार कर रहा है, जिसके तहत रूसी कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक का शुल्क लगाया जा सकता है. जब नवारो से लिंडसे ग्राहम बिल के भारत पर संभावित असर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने में ट्रंप और मोदी के बीच के रिश्ते अहम होंगे.
दोनों के बीच दखल देना सही नहीं
नवारो ने ANI समाचार एजेंसी से कहा, ‘राष्ट्रपति और आपके प्रधानमंत्री के बीच बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं. वे इसे आपस में सुलझा लेंगे, और मेरे लिए उनके बीच दखल देना सही नहीं होगा.’
ट्रंप द्वारा समर्थित रूस प्रतिबंध विधेयक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने अपना रुख दोहराते हुए कहा, ‘आपके प्रश्न के संबंध में राष्ट्रपति और आपके प्रधानमंत्री के बीच बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं. वे इसे आपस में सुलझाने जा रहे हैं. मेरे या किसी अन्य गुट के बीच में आना उनके बस की बात नहीं है.’
किस पर लग सकता है 100 फीसदी टैरिफ?
यह कानून, जिसका नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है, रूस के कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं, पर 100 फीसदी तक का टैरिफ लगा सकता है. रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला यह बिल पिछले हफ्ते US सीनेट में 86-11 के द्विदलीय वोट से पास हो गया था. कानून बनने से पहले इसे अभी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से भी पास होना बाकी है.
किस तरह की कंपनियों पर लग सकता है प्रतिबंध?
CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में रूस के सीनियर सरकारी अधिकारियों (जिनमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं) और रूस के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को सपोर्ट करने वाली विदेशी कंपनियों पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है.
इन पांच देशों के लिए टैरिफ की अंतिम दर US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर तय करेंगे. हालांकि, इस बिल में उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के कुल नेचुरल गैस एक्सपोर्ट का 15 फीसदी से कम हिस्सा लेते हैं और रूसी नेचुरल गैस पर अपनी निर्भरता को काफी कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं.
नवारो को झेलनी पड़ी थी आलोचना
ANI के साथ बातचीत के दौरान नवारो ने उस आलोचना का भी जिक्र किया जो उन्हें ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ में भारत के रूसी तेल व्यापार के बारे में एक लेख लिखने के बाद झेलनी पड़ी थी.
नवारो ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान, करीब 6-8 महीने पहले, मैंने फाइनेंशियल टाइम्स में एक लेख लिखा था. उसमें तथ्यों के साथ बिल्कुल सही बात कही गई थी कि यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले भारत रूस के साथ तेल के व्यापार में शामिल नहीं था, लेकिन बाद में वह इसमें बड़े पैमाने पर शामिल हो गया और रूस की ओर से बहुत सारे रिफाइंड प्रोडक्ट बेचने लगा, जिससे युद्ध को जारी रखने में मदद मिली.’
हो गई थी हमलों की बौछार
उन्होंने कहा कि वह मामला अब सुलझ गया है और अपने लेख पर मिली प्रतिक्रिया को याद किया. उन्होंने कहा, ‘शायद उस ओप-एड (लेख) में मेरी भी थोड़ी भूमिका थी, लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि इंटरनेट पर भारतीय लोगों की तरफ से मुझ पर तीखे हमलों की बौछार हो गई थी.’ नवारो ने आगे कहा कि अमेरिका में समस्याओं को इस तरह से हल नहीं किया जाता है, और साथ ही यह भी कहा, ऐसा मत कीजिए.
यह भी पढ़ें: बुधवार को इन 3 शेयरों पर रखें नजर, एक्सपर्ट ने बताया 10% तक मिल सकता है मुनाफा