Fixed Deposit इंटरेस्ट Rates के चक्कर में बैंकों का धंधा गड़बड़ाया

भारतीय बैंकिंग सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. एक तरफ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे दिग्गज बैंक नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट के दबाव से जूझ रहे हैं. दूसरी तरफ बैंक ऑफ बड़ौदा अब केवल लोन आधारित कमाई पर निर्भर रहने के बजाय ट्रेजरी, वेल्थ मैनेजमेंट और फ्री इनकम जैसे नए रास्तों पर जोर देने की तैयारी कर रहा है. बढ़ती डिपॉजिट कॉस्ट, कमजोर ट्रेजरी इनकम और घटते मार्जिनस ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में बैंकों के लिए सिर्फ ज्यादा लोन बांटना ही पर्याप्त नहीं होगा.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक के 18 बीपीएस मार्जिन डाउन हुए हैं. अगर नेट इंटरेस्ट मार्जिन की बात करें तो वह 21 बीपीएस की गिरावट है. यह पूरे पीएसयू के लिए एक नेगेटिव चीज है. मार्जिन में जो प्रेशर है इसमें शार्प गिरावट आई है.

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