CPI में बड़ा बदलाव! कैसे बदलेगी महंगाई, आपकी जेब पर क्या असर होगा?
भारत में महंगाई को मापने का सबसे अहम पैमाना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है. सरकार सीपीआई के बेस ईयर और वेटेज स्ट्रक्चर में संशोधन की तैयारी कर रही है, ताकि देश की बदलती अर्थव्यवस्था और उपभोग के पैटर्न को ज्यादा सटीक तरीके से दर्शाया जा सके. मौजूदा सीपीआई में खाद्य वस्तुओं का वेटेज काफी ज्यादा है, जिस वजह से खाने पीने की चीजों की कीमतों में हल्का उतार चढ़ाव भी हेडलाइन महंगाई को तेजी से प्रभावित करता है. प्रस्तावित बदलावों में फूड वेटेज को कम करने और हाउसिंग, एजुकेशन, हेल्थकेयर और सर्विसेज जैसे खर्चों को ज्यादा महत्व देने की बात सामने आ रही है.
इस बदलाव का सीधा असर महंगाई के आंकड़ों, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, ब्याज दरों और आम लोगों की ईएमआई पर पड़ सकता है. अगर हेडलाइन महंगाई के आंकड़े कम उतार चढ़ाव वाले होते हैं, तो रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों को स्थिर रखने या उनमें कटौती करने की संभावना बढ़ सकती है. इसका फायदा होम लोन, ऑटो लोन और बिजनेस लोन लेने वालों को मिल सकता है.