Digital Currency की ऐसी चाल जिससे खराब होंगे डॉलर के हाल!
डिजिटल करेंसी को लेकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं तेजी से कदम बढ़ा रही हैं और इसका सीधा असर अमेरिकी डॉलर की ताकत पर पड़ सकता है. कई देश अब सीमा-पार लेनदेन के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC पर काम कर रहे हैं, जिससे डॉलर पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होने की आशंका है. अगर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल बढ़ता है, तो डॉलर की ग्लोबल डिमांड कमजोर हो सकती है.
भारत में भी Reserve Bank of India डिजिटल रुपये पर पायलट प्रोजेक्ट चला रहा है. चीन, रूस और कुछ खाड़ी देश भी वैकल्पिक भुगतान सिस्टम पर जोर दे रहे हैं. जानकारों का मानना है कि यह ट्रेंड डॉलर के दबदबे को चुनौती दे सकता है और भविष्य में करेंसी वॉर जैसी स्थिति बन सकती है. हालांकि डॉलर अभी भी दुनिया की सबसे मजबूत रिजर्व करेंसी है, लेकिन डिजिटल करेंसी की यह चाल लंबे समय में उसके हालात बदल सकती है.
