MSME लोन, AI और साइबर खतरे पर सरकार अलर्ट, वित्त मंत्री ने बुलाई बड़ी बैठक
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई में देश के 12 सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगी. यह बैठक बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन से कहीं अधिक, भविष्य के संभावित जोखिमों पर केंद्रित होगी, जो बैंकिंग क्षेत्र के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं.
मुख्य चर्चा के बिंदुओं में एमएसएमई और रिटेल लोन में बढ़ते तनाव, जमा (डिपॉजिट) और कर्ज के बीच बढ़ता अंतर, नए ईसीएल (एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस) नियमों का असर और पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न होने वाले आर्थिक खतरे शामिल हैं. वित्त मंत्री विशेष रूप से बैंकों की साइबर सुरक्षा और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के संभावित खतरों को लेकर भी चिंतित हैं.
इसके अतिरिक्त, सरकार गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने पर जोर दे रही है. ऐप-आधारित कंपनियों को 21 जून तक अपने सभी गिग वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत करने का निर्देश दिया गया है. इस कदम का उद्देश्य करोड़ों वर्कर्स के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार करना है. आईटी क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव और नौकरियों पर इसके असर पर भी चर्चा होगी. सरकार का लक्ष्य देश के बैंकिंग और श्रम बाजारों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है.