वेदांता पर 50,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज, निवेशक हो जाएं सावधान!
खनन दिग्गज अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज, जो वेदांता ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है, 5.2 अरब डॉलर (लगभग 49,000 करोड़ रुपये से 50,000 करोड़ रुपये) का नया कर्ज जुटाने की योजना बना रही है. इस विशाल वित्तीय कदम का प्राथमिक लक्ष्य मौजूदा उच्च-ब्याज वाले कर्ज का पुनर्वित्तपोषण करना है. वेदांता की क्रेडिट रेटिंग में हालिया सुधार के बाद यह निर्णय लिया गया है.
एसएंडपी ग्लोबल और मूडीज रेटिंग्स ने पिछले महीने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया है, जिससे नए और सस्ते कर्ज की उपलब्धता आसान हो गई है. इस कर्ज के लिए बार्कलेज पीएलसी, सिटीग्रुप इंक., ड्यूश बैंक और जेपी मॉर्गन चेज़ एंड कंपनी सहित आठ प्रमुख बैंकों को नियुक्त किया गया है.
कंपनी का इरादा नए फंड का उपयोग 2028 से 2033 के बीच परिपक्व होने वाले 3.6 अरब डॉलर के बॉन्ड और 2028 के बाद देय 1.6 अरब डॉलर के ऋण के पुनर्वित्तपोषण के लिए करना है. यह रणनीति वेदांता की बैलेंस शीट को मजबूत करने और उसकी आगामी डीमर्जर प्रक्रियाओं को समर्थन देने पर केंद्रित है.
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