Royal Challenge, Antiquity और McDowell’s No.1 पर बड़ा अपडेट! FSSAI एक्शन के बाद Diageo ने बदला प्लान
FSSAI की कार्रवाई के बाद Diageo ने Royal Challenge, Antiquity Blue और McDowell’s No.1 Celebration Matured XXX Rum के फॉर्मुलेशन में बदलाव करने का फैसला किया है. कंपनी प्रभावित प्रोडक्ट्स से व्हिस्की और रम फ्लेवरिंग हटाएगी और लेबल्स में भी जरूरी बदलाव करेगी. रिफॉर्म्युलेशन पूरी होने तक फ्रंट-ऑफ-पैक लेबल्स पर फ्लेवरिंग की जानकारी स्पष्ट करने की व्यवस्था की जाएगी.

FSSAI Action: FSSAI की कार्रवाई के बाद दुनिया की बड़ी एल्कोहॉलिक बेवरेज कंपनियों में शामिल Diageo ने भारत में अपने कुछ लोकप्रिय व्हिस्की और रम ब्रांड्स को रिफॉर्मुलेट करने का फैसला किया है. कंपनी Royal Challenge, Antiquity Blue और McDowell’s No.1 Celebration Matured XXX Rum के प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले फ्लेवरिंग सब्सटेंसेज में बदलाव करेगी. Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Diageo ने गवर्नमेंट के साथ इस बात पर सहमति जताई है कि प्रभावित प्रोडक्ट्स में व्हिस्की और रम फ्लेवरिंग को हटाया जाएगा और लेबल्स में भी जरूरी बदलाव किए जाएंगे.
FSSAI ने की थी कार्रवाई
यह पूरा मामला Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI की कार्रवाई से जुड़ा है. FSSAI ने इस महीने की शुरुआत में Diageo सहित कुछ कंपनियों के व्हिस्की और रम ब्रांड्स पर कार्रवाई की थी. रेगुलेटर्स ने प्रोडक्ट्स में फ्लेवरिंग के इस्तेमाल और लेबलिंग को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद कुछ राज्यों में इन ब्रांड्स की बिक्री पर रिस्ट्रिक्शंस लगा दी गई थीं.
Royal Challenge की बिक्री पर कितना असर
Royal Challenge भारत में Diageo के सबसे ज्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट्स में शामिल है. कंपनी के मुताबिक, देश में हर साल Royal Challenge के 4.5 मिलियन से ज्यादा 9-लीटर केस बिकते हैं. यह ब्रांड मिड प्रेस्टिज प्राइस सेगमेंट में आता है. इसके फ्रंट लेबल पर इंडियन ग्रेन स्पिरिट और इम्पोर्टेड स्कॉच के ब्लेंड का उल्लेख किया गया है, जबकि बैक लेबल पर इंग्रीडिएंट्स और ऐडेड नेचर आइडेंटिकल व्हिस्की फ्लेवरिंग सब्सटेंसेज से जुड़ी जानकारी दी गई है.
अब कंपनी को इन प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस और लेबलिंग में बदलाव करना होगा. गवर्नमेंट सोर्सेज के मुताबिक, यह बदलाव सिर्फ उन राज्यों में बने प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं रहेगा, जहां पहले रिस्ट्रिक्शंस लगाए गए थे. भारत में कहीं भी बनाए जाने वाले इन ब्रांड्स पर नए रिक्वायरमेंट्स लागू हो सकते हैं.
फिलहाल फ्रंट लेबल पर भी होगा बदलाव
Diageo ने रिफॉर्मुलेशन की प्रक्रिया पूरी होने तक एक इंटरिम व्यवस्था पर भी सहमति जताई है. इसके तहत प्रोडक्ट्स के फ्रंट-ऑफ-पैक लेबल्स पर यह स्पष्ट जानकारी दी जाएगी कि उसमें किस तरह का फ्लेवरिंग इस्तेमाल किया गया है. इसका उद्देश्य कंज्यूमर्स को प्रोडक्ट में मौजूद फ्लेवरिंग के बारे में स्पष्ट जानकारी देना है.
18,000 बॉक्सेज की जब्ती से बढ़ी मुश्किल
Diageo के लिए रेगुलेटरी स्क्रूटिनी सिर्फ फ्लेवरिंग और लेबलिंग तक सीमित नहीं है. Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इंस्पेक्टर्स ने Diageo की करीब 18,000 बॉक्सेज लिकर बॉटल्स भी जब्त की हैं. इन बॉटल्स पर कथित तौर पर यह मार्किंग नहीं थी कि इन्हें सेफ रिसाइकिल्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल करके बनाया गया है.
भारत Diageo के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्केट है. कंपनी भारत को अपने प्रमुख कंज्यूमर मार्केट्स में शामिल करती है. ऐसे में FSSAI की कार्रवाई के बाद प्रोडक्ट्स में रिफॉर्मुलेशन और लेबलिंग में बदलाव कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि नए फॉर्मुलेशन के साथ Royal Challenge, Antiquity Blue और McDowell’s No.1 की बिक्री और सप्लाई चेन पर कितना असर पड़ता है.
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