AI से एटॉमिक एनर्जी तक! गौतम अडानी ने AGM में दिखाया कंपनी का फ्यूचर, निवेश के बड़े ऐलानों से शेयरों में तेजी

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने AGM में लाखों करोड़ रुपये से अधिक निवेश, AI-डेटा सेंटर, डिफेंस, पावर, पोर्ट और एयरपोर्ट सेक्टर में बड़े विस्तार का रोडमैप पेश किया. अडानी ने कहा कि भारत के भविष्य को गति देने में इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे बड़े विकास इंजन साबित होंगे.

अडानी ग्रुप Image Credit: Money9 Live

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने इस साल की सालाना आम बैठक (AGM) में ग्रुप की तरक्की का खाका खींचा है, जो कंपनी की आर्थिक ग्रोथ को बूस्ट करेगा. उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा) को भारत के भविष्य के दो सबसे बड़े इंजन बताया. अडानी ने साफ कहा कि आज के दौर में आर्थिक विकास और देश की मजबूती के लिए फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई-ऑटोमेशन जैसी तकनीकों को अलग करके नहीं देखा जा सकता.

AGM के ऐलान के बीच अडानी एंटरप्राइजेस के शेयरों में 2.40 फीसदी की तेजी देखने को मिली. दोपहर 12 बजे करीब कंपनी के शेयर 3,033 रुपये पर ट्रेड कर रहे है.

मुश्किलों के बीच रिकॉर्ड निवेश

बीता साल अडानी ग्रुप के लिए मुश्किल रहा, लेकिन ग्रुप ने इस दौरान भी निवेश की रफ्तार को कम नहीं होने दिया. वित्त वर्ष 2026 (FY26) में अडानी ग्रुप ने 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कैपेक्स किया. यह आंकड़ा इस साल देश के कुल निजी क्षेत्र के नए निवेश का 30 फीसदी से भी ज्यादा है. इसके अलावा, ग्रुप के 25,000 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू की कामयाबी को उन्होंने शेयरधारकों के भरोसे का सबसे बड़ा प्रमाण बताया.

डिजिटल और डिफेंस में बड़े कदम

डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर ग्रुप साल 2030 तक 3 गीगावाट (GW) का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म तैयार करने की राह पर है. इसके लिए विशाखापट्टनम में गूगल (Google) के साथ एक बड़ा समझौता भी किया गया है. रक्षा क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाते हुए ग्रुप ने लियोनार्डो और एम्ब्रेयर जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अडानी ग्रुप के ड्रोन्स और डिफेंस सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई.

बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में महाविस्तार

  • अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस: कंपनी की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर 72,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.
  • अडानी पावर: अगले 5 सालों में अपनी क्षमता को 45 गीगावाट तक ले जाने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का बड़ा विस्तार प्लान तैयार किया है.
  • क्लीन एनर्जी: भूटान में 5,000 मेगावाट की जलविद्युत क्षमता विकसित की जाएगी, जबकि ‘अडानी एटॉमिक एनर्जी’ के जरिए 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता बनाने का लक्ष्य है.

पोर्ट और एयरपोर्ट पर मजबूत पकड़

लॉजिस्टिक्स के मामले में अडानी पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2026 में 50 करोड़ टन से अधिक का कार्गो संभाला, जिसे 2030 तक 100 करोड़ टन (1 बिलियन टन) करने का लक्ष्य है. विझिंजम पोर्ट ने अपने पहले ही साल में 10 लाख (1 मिलियन) TEU का आंकड़ा पार कर लिया. इसके अलावा, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट का नया टर्मिनल ग्रुप के इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो की नई पहचान बनकर उभरे हैं.

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सामाजिक सरोकार और सुधार

बिजनेस से इतर, गौतम अडानी ने मैनेजमेंट को आसान बनाने और कर्मचारियों व ठेकेदारों की भलाई के लिए संगठनात्मक सुधारों की बात कही. समाज सेवा के मोर्चे पर ‘अडानी फाउंडेशन’ अब देश के 22 राज्यों के 7,000 गांवों में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुका है, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा और स्किलिंग प्रोग्राम के जरिए लोगों का जीवन संवारा जा रहा है.