Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

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Tejaswita Upadhyay

घर खरीदना जीवन का बड़ा फैसला होता है और इसमें टैक्स की भूमिका भी अहम होती है. बदलते नियमों के बीच यह समझना जरूरी है कि किस तरह की प्रॉपर्टी पर टैक्स लागू होता है और कहां राहत मिलती है. सही जानकारी के बिना लिया गया फैसला आपकी जेब पर असर डाल सकता है.

केंद्र सरकार की एक नई पहल पर कृषि और नीति से जुड़े हलकों में चर्चा तेज है. प्रस्ताव का मकसद राज्यों को ज्यादा निर्णय क्षमता देना और योजनाओं को जमीनी जरूरतों के करीब लाना बताया जा रहा है. आने वाले समय में इस कदम से खेती से जुड़ी नीतियों के काम करने के तरीके में बदलाव दिख सकता है.

भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में एक पॉपुलर मॉडल को लेकर हलचल तेज है. कंपनी इसके डिजाइन, टेक्नोलॉजी और फीचर्स में कुछ अहम बदलाव की तैयारी में है. आने वाले समय में यह गाड़ी नए लुक और बेहतर अनुभव के साथ ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है, जिससे सेगमेंट में मुकाबला और दिलचस्प हो जाएगा.

भारत और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में धीरे-धीरे बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. हालिया आंकड़े बताते हैं कि कुछ अहम सेक्टरों में आयात का रुख बदला है, जिसका असर आने वाले समय में सप्लाई चेन और घरेलू उद्योगों पर दिख सकता है. यह बदलाव अर्थव्यवस्था के लिए क्या मायने रखता है.

कीमती धातुओं और क्रिप्टो बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बीच एक मशहूर निवेशक का रुख चर्चा में है. जहां बाजार में घबराहट दिख रही है, वहीं उनका नजरिया धैर्य, सही समय और अनुशासन पर टिका है. उनका मानना है कि असली फायदा जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर उठाए गए कदमों से मिलता है.

महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंक के ताजा संकेतों ने बाजार और निवेशकों का ध्यान खींचा है. सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी ने नीति निर्माताओं की चिंता बढ़ाई है, हालांकि रोजमर्रा की महंगाई फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है. आने वाले महीनों में किन फैक्टर्स पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी, जानें खबर में.

ऑयल सेक्टर के एक बड़े सरकारी शेयर में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजरें टिक गई हैं. मजबूत तिमाही नतीजे, बेहतर मार्जिन और सपोर्टिव मैक्रो माहौल ने इस स्टॉक को चर्चा में ला दिया है. हालांकि, तेजी के बाद आई नरमी ने अब निवेशकों के लिए नए सवाल और संभावनाएं दोनों खड़ी कर दी हैं.

डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के बीच तमाम लोग ठगी के नए जाल में फंस रहे हैं. RBI ने इस खतरे को ध्यान में रखते हुए डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा बढ़ाने के प्रस्ताव दिए हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और संभावित नुकसान से बचाव हो. इसके साथ ही आरबीआई पीड़ित ग्राहकों को आर्थिक मदद देगी.

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी सहमति के बाद शेयर बाजार में मजबूती के संकेत मिले हैं. GIFT Nifty में करीब 791 अंकों की तेजी दर्ज की गई है, जिससे दलाल स्ट्रीट में मजबूत शुरुआत की उम्मीद बढ़ी है. टैरिफ कटौती और ट्रेड अनिश्चितता के कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है.

पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है. अगले कुछ दिनों तक ठंड, कम दृश्यता और मौसम की मार बनी रह सकती है.