सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बीच HDFC Mutual Fund ने अपने Gold ETF और Gold ETF Fund of Fund में बड़े निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है. 8 जून से ₹25 करोड़ या उससे अधिक के निवेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जबकि FoF में प्रति PAN मासिक निवेश सीमा ₹10 लाख तय की गई है.
सोने की कीमतों में गुरुवार को जोरदार उछाल देखने को मिला. राष्ट्रीय राजधानी में 24 कैरेट सोना चढ़कर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया. वहीं चांदी की कीमतों में 3,800 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार की प्रतिस्पर्धा तेज होने जा रही है. हुंडई मोटर इंडिया ने इसी साल अपनी पहली मास-मार्केट इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने का ऐलान किया है. कंपनी चेन्नई प्लांट से दो नए मॉडल उतारेगी और अगले 2-3 वर्षों में देशभर में हाई-कैपेसिटी चार्जिंग नेटवर्क भी तैयार करेगी.
Meesho के शेयरों में लगातार आठवें कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई है. 9 जून को लॉक-इन अवधि खत्म होने से पहले निवेशकों की बेचैनी बढ़ी हुई है. करीब ₹54,000 करोड़ मूल्य के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने वाले हैं, जिससे स्टॉक पर दबाव बना हुआ है.
भारत में तेजी से बढ़ रहे माइक्रो ड्रामा ट्रेंड का फायदा उठाकर Kuku Technologies अब शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने गोपनीय तरीके से IPO दस्तावेज फाइल किया है.
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद लगभग सपाट बंद हुआ. IT और Metal शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया, जबकि Titan, Cipla, Coal India और Adani Enterprises जैसे शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को संभाले रखा.
कभी भारत के 'Gold King' कहे जाने वाले राजेश मेहता आज अपने करियर के सबसे बड़े संकट का सामना कर रहे हैं. SEBI ने Rajesh Exports और उसके प्रमोटर पर 15.15 लाख करोड़ रुपये की कथित वित्तीय हेराफेरी और रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने के आरोप लगाए हैं.
SEBI के अंतरिम आदेश ने Rajesh Exports को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद कंपनी के शेयर लोअर सर्किट में पहुंच गए, जबकि बड़ा हिस्सेदारी रखने वाली LIC और ₹509 करोड़ के एक्सपोजर वाले Canara Bank की चिंता बढ़ गई है.
भारत में IPO बाजार की तेजी के बीच Kyro Capital ने ₹100 करोड़ के नए प्राइवेट इक्विटी फंड की घोषणा की है. Kyro India Opportunities Fund-I उन तेजी से बढ़ती और मुनाफे वाली भारतीय कंपनियों में निवेश करेगा, जो अगले 24 से 36 महीनों में शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही हैं.
देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल Reliance Industries ने वित्त वर्ष 2026 में अपनी भर्ती की रफ्तार धीमी कर दी है. कंपनी ने पिछले साल की तुलना में करीब 90,000 कम नए कर्मचारियों को नौकरी पर रखा.