अमेरिका से आई एक बड़ी कानूनी खबर के बाद इंटरनेशनल मार्केट में तेज हलचल दिखी है. एक ही दिन में सोना 2% से ज्यादा मजबूत हुआ, जबकि चांदी ने उससे कहीं बड़ी छलांग लगाई. इन ग्लोबल आंकड़ों का असर घरेलू बाजार की चाल पर भी नजर बनाए हुए है.
अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ को लेकर स्थिति साफ की है. व्हाइट हाउस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह टैरिफ 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत लगाया गया है. इसके चलते भारत पर लागू प्रभावी आयात शुल्क अस्थायी रूप से 18 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत रह गया है.
दुनिया की टेक सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव हो रहा है और भारत अब उसका हिस्सा बन चुका है. सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े एक नए वैश्विक गठबंधन में भारत की एंट्री ने बाजार की नजर कुछ चुनिंदा टेक कंपनियों पर टिकाई है. जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में इन शेयरों में तेज बढ़त देखने को मिल सकती है. आप अभी से बनाए रखें नजर.
माइक्रोकैप सेगमेंट की एक कंपनी में अचानक तेज हलचल देखने को मिली है. बड़े कॉरपोरेट नाम से जुड़े ताजा अपडेट के बाद शेयर में जोरदार खरीदारी हुई. मजबूत क्लाइंट लिस्ट और नए ऑर्डर ने निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक की ओर खींच लिया है.
देश के रेल सेक्टर से जुड़ा एक अहम फैसला निवेशकों और उद्योग जगत का ध्यान खींच रहा है. दो बड़ी कंपनियों के बीच हुए समझौते से मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में नई संभावनाएं बन सकती हैं. इस कदम के बाद शेयर बाजार में भी इन कंपनियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
महाराष्ट्र की बड़ी सरकारी बिजली कंपनी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. लेकिन उससे पहले कंपनी अपने बिजनेस स्ट्रक्चर और फाइनेंशियल स्थिति में बड़े बदलाव करने जा रही है. डिमर्जर, कर्ज और सरकार की हिस्सेदारी से जुड़े फैसलों ने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है.
वैश्विक घटनाक्रमों का असर आज शेयर बाजार के एक अहम सेक्टर में साफ दिखाई दिया. अचानक बढ़ी खरीदारी से चुनिंदा शेयरों में तेजी देखने को मिली. निवेशकों का रुख बदलने की वजह से यह सेक्टर एक बार फिर चर्चा में आ गया है और आगे की चाल को लेकर अटकलें तेज हैं.
मैसेजिंग ऐप यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक नया बदलाव किया गया है. खासतौर पर ग्रुप चैट से जुड़ी परेशानी को दूर करने पर फोकस किया गया है. यह नया फीचर बातचीत को समझने में मदद करेगा, वो भी प्राइवेसी से समझौता किए बिना.
हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ा एक नया आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया है. इश्यू साइज, प्राइस बैंड और विस्तार की योजनाओं ने बाजार में चर्चा बढ़ा दी है. एंकर निवेशकों की भागीदारी और ग्रे मार्केट के संकेतों के चलते इस आईपीओ पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है.
फरवरी में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े ताजा आंकड़ों ने बाजार और नीति निर्माताओं का ध्यान खींचा है. मजबूत मांग के संकेतों के साथ-साथ लागत और कीमतों में बढ़ोतरी के इशारे भी सामने आए हैं. यह स्थिति आगे मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर चर्चा को तेज कर सकती है.