डिजिटल इकोनॉमी के इस दौर में उपभोक्ता अब पेचीदा रिवॉर्ड सिस्टम से ऊब चुका है. PhonePe SBI कार्ड का सीधा '1 पॉइंट = ₹1' का फॉर्मूला और बिल पेमेंट पर 10% तक की बचत इसे गेम-चेंजर बनाती है. यह कार्ड कैशबैक को 'दिखावे' से हटाकर 'वास्तविक बचत' में बदलने वाला एक व्यावहारिक टूल है.
साइबर सुरक्षा अब महज एक तकनीकी जरूरत नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है. 2026 तक $248 बिलियन का संभावित खर्च यह बताता है कि निवेशक अब इस सेक्टर को 'डिफेंसिव ग्रोथ' के रूप में देख रहे हैं. भारतीय कंपनियों का ग्लोबल पेमेंट और AI सुरक्षा में बढ़ता दखल इन्हें लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए आकर्षक बनाता है.
साल 2026 की शुरुआत हुए चार महीने बीतने को हैं, लेकिन महंगाई भत्ते (DA) पर सरकार की चुप्पी ने अब आक्रोश का रूप ले लिया है. 16 अप्रैल को इनकम टैक्स और पोस्टल जैसे बड़े विभागों के कर्मचारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे. जनवरी 2026 से लंबित इस DA वृद्धि की मांग को लेकर कैबिनेट सचिव को नोटिस भेज दिया गया है.
भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है, जहां सेंसेक्स 1,245 अंक उछलकर 78,000 के पार पहुंच गया और निफ्टी 24,200 के ऊपर ट्रेड कर रहा है. ग्लोबल संकेत मजबूत रहने और तेल कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा लौटा है.
अप्रैल 2026 में Maruti Suzuki अपनी Nexa रेंज पर ₹2.15 लाख तक का बड़ा डिस्काउंट दे रही है. Invicto, Grand Vitara, Baleno और Ignis जैसे मॉडल्स पर भारी बचत का मौका है. यह ऑफर सीमित समय के लिए है और 30 अप्रैल तक ही मान्य रहेगा.
पश्चिम एशिया के तनाव का असर अब दवाओं की कीमतों पर दिख सकता है. कच्चे माल की लागत बढ़ने के चलते सरकार जरूरी दवाओं में 10-15 फीसदी तक अस्थायी बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, ताकि सप्लाई बनी रहे.
ग्लोबल संकेत मजबूत हो गए हैं. GIFT Nifty में 350 अंकों की छलांग दिखी है, कच्चा तेल $95 के नीचे और एशियाई बाजारों में तेजी से आज भारतीय बाजार में दमदार शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. सोना-चांदी की बात करें तो वह अभी भी अपनी चमक बनाए हुए हैं.
डोनाल्ड ट्रंप भले ही ईरान के साथ युद्ध खत्म होने का दावा कर रहे हों, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट हैं. अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तेज कर दी है और खाड़ी में तनाव चरम पर है. हालांकि अच्छी खबर ये है कि दोनों देश दोबारा शांति वार्ता के लिए मेज पर एक साथ बैठने वाले हैं.
जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच गोल्ड ETF में मार्च तिमाही में ₹31,561 करोड़ का बड़ा निवेश आया है. यह दिखाता है कि अनिश्चितता के दौर में निवेशक फिर से सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं.
HDFC सिक्योरिटीज ने इंफ्रा सेक्टर पर बुलिश रुख अपनाया है. HG Infra, NCC सहित कई शेयरों में मजबूत अपसाइड दिखाया गया है, जहां मौजूदा कीमत के मुकाबले ऊंचे टारगेट प्राइस दिए गए हैं. पढ़ें कि क्यों सेक्टर को किन ट्रिगर से मिलेगी मजबूती.