Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

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Tejaswita Upadhyay

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी सहमति के बाद शेयर बाजार में मजबूती के संकेत मिले हैं. GIFT Nifty में करीब 791 अंकों की तेजी दर्ज की गई है, जिससे दलाल स्ट्रीट में मजबूत शुरुआत की उम्मीद बढ़ी है. टैरिफ कटौती और ट्रेड अनिश्चितता के कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है.

पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है. अगले कुछ दिनों तक ठंड, कम दृश्यता और मौसम की मार बनी रह सकती है.

Budget 2026 में मिडिल क्लास को कोई सीधी टैक्स राहत नहीं मिली, लेकिन निवेश और बचत से जुड़े कई नियम सख्त हो गए. STT बढ़ने से ट्रेडिंग महंगी हुई, Sovereign Gold Bond का टैक्स-फ्री भरोसा टूटा और म्यूचुअल फंड इनकम पर टैक्स प्लानिंग के रास्ते बंद हो गए.

निवेश की सही शुरुआत, SIP की ताकत, इमरजेंसी फंड की जरूरत और महंगाई से लड़ने की रणनीति, इन सभी सवालों के जवाब Money9Live के खास सेगमेंट में मिले. होस्ट प्रियंका संभव ने SBI निवेश कैफे में युवा निवेशकों से बातचीत कर बताया कि अनुशासन, सही टूल और स्टेप-अप SIP कैसे लंबे समय में करोड़ों की वेल्थ बना सकती है.

बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को 7.85 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन मिलने के बावजूद डिफेंस शेयरों में गिरावट देखी गई. बड़े नीतिगत ऐलान और स्पष्ट ऑर्डर रोडमैप की कमी से निवेशक निराश नजर आए, जिसके चलते HAL, Bharat Dynamics और शिपबिल्डिंग कंपनियों के शेयर दबाव में रहे.

नई एक्साइज ड्यूटी लागू होते ही सिगरेट कंपनियों के शेयरों पर दबाव साफ दिखा. ITC, Godfrey Phillips और VST Industries में 2 से 5.5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि कीमतें बढ़ने से मांग और मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.

जनवरी में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हल्की लेकिन अहम मजबूती देखने को मिली है. HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI दिसंबर के दो साल के निचले स्तर से उबरते हुए 55.4 पर पहुंच गया, जो उत्पादन, नए ऑर्डर और रोजगार में सुधार का संकेत देता है.

बजट 2026-27 में सरकार ने खेती से आगे बढ़कर ग्रामीण आय बढ़ाने पर फोकस किया है. पशुपालन, मत्स्य पालन और उच्च मूल्य वाली फसलों के जरिए किसानों के लिए नए रोजगार और आय के अवसर बनाने की बात कही गई है. इसके साथ ही कृषि और सहायक क्षेत्रों के लिए आवंटन बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए हैं.

बजट 2026 में सरकार ने शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब बायबैक से मिलने वाली रकम को डिविडेंड की जगह कैपिटल गेन माना जाएगा, जिससे निवेशकों को अपनी लागत घटाने और सिर्फ असली मुनाफे पर टैक्स देने का फायदा मिलेगा.

बजट पेश होते ही शेयर बाजार में मजबूती की उम्मीदें कमजोर पड़ीं और कुछ प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट दर्ज हुई. Hindalco, SBI, कोल इंडिया, बजाज फाइनेंस, ओएनजीसी, अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, नेस्ले इंडिया और जियो फाइनेंशियल जैसे बड़े नाम बजट के दिन बाजार के सबसे बड़े लूजर रहे.