फरवरी 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन 5.2% बढ़ा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने सबसे बड़ा योगदान दिया. माइनिंग में भी सुधार दिखा, हालांकि पावर सेक्टर कमजोर रहा. यह आंकड़े इंडस्ट्री में धीरे-धीरे रिकवरी के संकेत दे रहे हैं.
NSE IPO की तैयारी तेज हो गई है और शेयरहोल्डर्स को हिस्सेदारी बेचने का मौका दिया गया है. अनलिस्टेड मार्केट में शेयर ₹1,925 पर ट्रेड कर रहा है. यह IPO करीब ₹23,000 करोड़ का हो सकता है, जिससे बाजार में बड़ी हलचल की उम्मीद है.
Vedanta ने Adani Group की ₹14,543 करोड़ की JAL डील को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कंपनी का दावा है कि उसकी ज्यादा बोली के बावजूद उसे नजरअंदाज किया गया. यह मामला अब IBC प्रक्रिया और लेंडर्स के फैसलों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.
1 अप्रैल से देश में जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसमें 33 सवाल पूछे जाएंगे. इस बार सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी मिलेगी. सरकार ने साफ किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है, इसलिए किसी को भी फीस देने की जरूरत नहीं है.
KNR Construction के शेयर 52 वीक लो के करीब आते ही अचानक तेजी में आ गए. 1,734 करोड़ रुपये का NHAI प्रोजेक्ट मिलने के बाद निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी. गिरावट के बीच यह स्टॉक अब फिर से फोकस में आ गया है.
₹2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों की मंजूरी के बाद डिफेंस सेक्टर में हलचल तेज हो गई है. BEL और HAL जैसे दिग्गज शेयरों में तेजी दिखी, जिससे निवेशकों की उम्मीदें बढ़ी हैं कि अब सेक्टर में लंबे समय बाद स्थिर ग्रोथ देखने को मिल सकती है.
Vedanta के डीमर्जर प्लान की खबर आते ही शेयर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. स्टॉक 655 से 678 रुपये तक पहुंच गया. कंपनी 5 हिस्सों में बंटने जा रही है, जिससे वैल्यू अनलॉक और निवेशकों के लिए नए मौके बनने की उम्मीद बढ़ी है.
शेयर बाजार में गिरावट के चलते टॉप कंपनियों का मार्केट कैप 1.75 लाख करोड़ रुपये घट गया. सबसे ज्यादा नुकसान Reliance Industries को हुआ. ग्लोबल तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई.
अगले हफ्ते शेयर बाजार सिर्फ तीन दिन खुलेगा, जबकि दो छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग सीमित रहेगी. ऐसे में पहले से कमजोर बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है. निवेशकों के लिए हर सेशन अहम रहेगा और ग्लोबल संकेतों पर नजर जरूरी होगी.
Vedanta अपने बिजनेस को 5 कंपनियों में बांटने जा रही है, जिससे कर्ज घटाने और वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति सामने आई है. इस कदम से निवेशकों को नए मौके मिल सकते हैं और शेयर में हलचल बढ़ने की उम्मीद है.