Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

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Tejaswita Upadhyay

रेलवे से जुड़े एक सेफ्टी सिस्टम स्टॉक में अचानक तेज हलचल देखने को मिली है. एक बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ा फैसला और समयसीमा से जुड़ी चुनौती चर्चा में है. हालांकि कंपनी की ऑर्डर बुक और भविष्य की संभावनाएं अभी भी तस्वीर को पूरी तरह नकारात्मक नहीं बनातीं.

वैश्विक तकनीकी सहयोग को लेकर एक अहम पहल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सप्लाई चेन, उभरती तकनीक और रणनीतिक साझेदारी से जुड़ा यह कदम देशों के बीच तालमेल को नई दिशा दे सकता है. आने वाले हफ्तों में इसके दूरगामी असर पर नजर रहेगी.

ताजा महंगाई आंकड़ों में राज्यों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला है. खाद्य कीमतों की चाल और बीते साल के बेस का असर अब साफ दिखने लगा है. आने वाले महीनों में महंगाई का रुख किस दिशा में जाएगा, इसे लेकर नीति स्तर पर सतर्क नजर रखी जा रही है.

उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. सुबह के हालात, तापमान की चाल और बदलते सिस्टम आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहे हैं. आने वाले दिनों को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है, खासकर उन इलाकों में जहां विजिबिलिटी और ठंड दोनों चुनौती बन रही हैं.

करोड़ों टैक्स रिटर्न प्रोसेस होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अब भी एक अहम अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. सिस्टम में बढ़ी जांच, डेटा मिलान और नई प्रक्रिया ने इस बार समय-सीमा को प्रभावित किया है. ऐसे में टैक्सपेयर्स के लिए सतर्क रहना और जानकारी अपडेट रखना जरूरी हो गया है.

बाजार में दबाव के बीच डिफेंस सेक्टर की एक मिडकैप कंपनी को लेकर हलचल तेज है. एक नियामकीय मंजूरी और हालिया कारोबारी अपडेट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. हालांकि ताजा वित्तीय आंकड़े सतर्क रहने का संकेत देते हैं, जिससे शेयर की दिशा पर नजर बनी हुई है.

सरकारी फैसले के बाद टेलिकॉम कंपनी Vi की सालाना वित्तीय जिम्मेदारियों की तस्वीर बदली है. नकदी दबाव, भविष्य की देनदारियां और निवेश की जरूरतें अब नए सिरे से आंकी जा रही हैं. इसका असर कंपनी की बाजार धारणा और शेयरों की चाल पर दिख सकता है.

जनवरी का दूसरा हफ्ता शेयर बाजार के लिए बेहद अहम बनता जा रहा है. टाटा समूह की एक बड़ी कंपनी ने निवेशकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले का संकेत दिया है. बोर्ड मीटिंग, तय तारीख और संभावित कैश रिवॉर्ड को लेकर बाजार में चर्चा तेज है.

बीते हफ्ते शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसका असर बड़ी कंपनियों की वैल्यू पर पड़ा. कुछ दिग्गज शेयर दबाव में रहे, जबकि कुछ ने मजबूती दिखाई. बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेतों की भूमिका अहम रही.

उत्तर भारत के एक बड़े राज्य में मौसम के मिजाज में हल्का बदलाव महसूस किया जा रहा है. सुबह के हालात और दिन के असर में अंतर दिख रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम फिर करवट ले सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.