Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

Read More
Tejaswita Upadhyay

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरानी तेल पर अस्थायी छूट दी है. इस फैसले के बाद भारत समेत एशियाई देश फिर से ईरान से तेल खरीदने की तैयारी में हैं. सप्लाई संकट के बीच यह फैसला वैश्विक तेल बाजार और कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है.

ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर एयरस्ट्राइक के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. हालांकि रेडिएशन लीक की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस हमले ने परमाणु युद्ध की आशंका को फिर चर्चा में ला दिया है. दुनिया भर में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता गहराती दिख रही है.

Skoda ने नई Kushaq फेसलिफ्ट लॉन्च कर दी है, जिसकी कीमत ₹10.69 लाख से शुरू होती है. इसमें नया डिजाइन, अपडेटेड फीचर्स और 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जैसे बदलाव दिए गए हैं. यह SUV अब Hyundai Creta और Kia Seltos को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है.

वजन घटाने की महंगी दवा अब आम लोगों की पहुंच में आ सकती है. सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म होते ही कई कंपनियों ने इसके सस्ते जेनरिक लॉन्च कर दिए हैं. कीमतों में 70-90% गिरावट से बाजार में हलचल तेज है, जिसका असर फार्मा कंपनियों और निवेशकों पर भी दिख सकता है.

छोटी दिखने वाली ये कंपनियां चुपचाप अपने बिजनेस को बड़ा बनाने में जुटी हैं. हजारों करोड़ का कैपेक्स, नई क्षमता और विस्तार की योजनाएं इन्हें भविष्य के मजबूत ग्रोथ स्टॉक्स बना सकती हैं. क्या ये स्मॉल-कैप शेयर निवेशकों को बड़ा मौका देने वाले हैं?

सरकार का फोकस डिफेंस इंपोर्ट कम करने और घरेलू निर्माण बढ़ाने पर है. इसके साथ ही डिफेंस बजट लगातार बढ़ रहा है और एक्सपोर्ट के मौके भी खुल रहे हैं. ऐसे में जो कंपनियां इस सप्लाई चेन का हिस्सा हैं, वे सीधे तौर पर इस ग्रोथ का फायदा उठा सकती हैं

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब हवाई यात्रा पर साफ दिखने लगा है. DGCA ने 9 देशों के एयरस्पेस से बचने को कहा है, जिससे उड़ानें लंबी और महंगी हो रही हैं. ईंधन और बीमा लागत बढ़ने से एयरलाइंस ने टिकट पर सरचार्ज भी बढ़ा दिया है.

फरवरी में बाजार की हल्की गिरावट के बीच म्यूचुअल फंड्स ने अपनी रणनीति बदली है. कई फंड हाउस ने कैश होल्डिंग बढ़ाई और चार शेयरों से पूरी तरह बाहर निकल गए. प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक, यह कदम बाजार में बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए उठाया गया है.

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है और इतिहास बता रहा है कि एक बार 80 डॉलर के ऊपर जाने के बाद कीमतें जल्दी नहीं गिरतीं. इसका असर महंगाई, कंपनियों के मुनाफे और आम लोगों की जेब पर साफ दिख सकता है, खासकर ऑटो, FMCG और सीमेंट सेक्टर में.

देश में बढ़ती बिजली मांग और गर्मी के मौसम के आहट के बीच पावर सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी जा रही है. Inox Wind के शेयर 5% चढ़े, जबकि निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी मजबूत हुआ. निवेशक बढ़ती ऊर्जा जरूरत को देखते हुए इस सेक्टर में रुचि दिखा रहे हैं.