भारत अब सिर्फ विदेशी तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि अपना सॉवरेन AI इकोसिस्टम तैयार कर रहा है. ₹10,372 करोड़ के IndiaAI Mission और तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर निवेश के बीच 4 कंपनियां AI क्रांति की सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभर रही हैं.
ब्रिगेड एंटरप्राइजेज का शेयर बुधवार को कागजों पर 22 फीसदी टूटता दिखा, लेकिन असल में निवेशकों को कोई नुकसान नहीं हुआ. 1:3 बोनस इश्यू के एडजस्टमेंट के बाद शेयर में करीब 10 फीसदी की तेजी आई और यह दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गया.
ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते खतरे के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चीन की तर्ज पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. सरकार रिफाइनर्स के लिए 30 दिनों के कच्चे तेल का अतिरिक्त भंडार अनिवार्य करने पर विचार कर रही है, जिससे कंपनियों पर करीब 60,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Coforge एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है. हालिया कमजोरी के बावजूद ब्रोकरेज फर्म Nuvama ने शेयर पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,200 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 50% की संभावित तेजी दिखाता है. कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, AI कारोबार में बढ़ती हिस्सेदारी और FY30 तक 5 अरब डॉलर के रेवेन्यू लक्ष्य ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
रिलायंस जियो अगले कुछ दिनों में 4 अरब डॉलर के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर सकती है. 19 जून को होने वाली AGM से पहले मुकेश अंबानी के बड़े ऐलान पर निवेशकों और बाजार की नजरें टिकी हैं.
7 साल बाद भारत के लिए फिर खुल सकता है ईरानी तेल का रास्ता. अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद भारतीय रिफाइनर्स को सस्ता कच्चा तेल, कम फ्रेट कॉस्ट और बेहतर सप्लाई सुरक्षा का फायदा मिल सकता है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर एजीएम से पहले लगातार रफ्तार पकड़ रहा है. पिछले तीन कारोबारी सत्रों में स्टॉक 6% चढ़ चुका है, जबकि 19 जून को होने वाली AGM में बड़े ऐलानों की उम्मीद है. ऐसे में निवेशकों की नजर कंपनी के अगले ग्रोथ रोडमैप पर टिकी हुई है.
अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते से पहले तनाव चरम पर है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी, जबकि तेल बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई. तनाव के बावजूद दोनों देशों के अधिकारी स्विट्जरलैंड में शुक्रवार से स्थायी शांति के लिए 60 दिनों की मैराथन वार्ता शुरू करेंगे.
देश की प्रमुख सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी SIS ने अपने कैश लॉजिस्टिक्स बिजनेस के IPO को फिलहाल टाल दिया है. कंपनी का कहना है कि IPO योजना रद्द नहीं हुई है और बाजार की स्थिति अनुकूल होते ही इसे लॉन्च किया जाएगा.
OpenAI के शुरुआती निवेशक विनोद खोसला ने भारतीय IT सर्विसेज इंडस्ट्री को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि AI एजेंट्स अगले कुछ वर्षों में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, IT सपोर्ट और BPO जैसे काम संभाल सकते हैं, जिससे पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल पर बड़ा असर पड़ सकता है.