Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

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Tejaswita Upadhyay

90 रुपये से नीचे कारोबार करने वाले एक सरकारी शेयर में अचानक आई हलचल ने बाजार का ध्यान खींचा है. रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े नए कदम और रणनीतिक फैसलों के चलते निवेशकों में दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है, जिससे शेयर की चाल पर चर्चा तेज हो गई है.

नए साल की शुरुआत के साथ ही प्राथमिक बाजार में हलचल तेज हो गई है. सरकारी क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी निवेशकों के सामने नए अवसर लेकर आ रही है. वैल्यूएशन, सेक्टर की स्थिति और वित्तीय प्रदर्शन को लेकर बाजार में चर्चा बनी हुई है.

नए साल के पहले हफ्ते में बाजार की दिशा कई बड़े संकेतों से तय होती दिख रही है. तकनीकी स्तर, वैश्विक घटनाक्रम, नतीजों का सीजन और निवेशकों का रुख मिलकर बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं. निवेशकों की नजर इस हफ्ते कई अहम ट्रिगर्स पर टिकी रहेगी.

नए साल की शुरुआत में वैश्विक हालात अचानक बदलते दिख रहे हैं. राजनीति और अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ती खींचतान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. कच्चे तेल से लेकर कीमती धातुओं और शेयर बाजार तक, कई बड़े एसेट्स पर असर की आशंका गहराती नजर आ रही है.

नए साल की शुरुआत में बाजार का मिजाज कुछ सतर्क नजर आ रहा है. वैश्विक संकेत, मुद्रा की चाल और वैल्यूएशन जैसे फैक्टर निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं. हालांकि आगे के महीनों को लेकर उम्मीद और आशंका, दोनों साथ-साथ बनी हुई हैं.

T20 वर्ल्ड कप का 10वां एडिशन, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर कर रहे हैं, 7 फरवरी को शुरू होगा. इससे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए भारत दौरे से इनकार कर दिया है. आंकड़े बताते हैं कि BCCI की वित्तीय स्थिति BCB के मुकाबले करीब 43 गुना मजबूत है.

लैटिन अमेरिका में हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर महाशक्तियों की राजनीति को केंद्र में ला दिया है. इतिहास, सुरक्षा, ड्रग तस्करी और वैश्विक ध्रुवीकरण के बीच कुछ देशों पर बढ़ता दबाव कई बड़े संकेत देता है. सवाल यह है कि यह सिर्फ चेतावनी है या आने वाले बदलावों की आहट.

शेयर बाजार में कभी निवेशकों का भरोसेमंद माना जाने वाला एक बड़ा रिटेल स्टॉक इन दिनों दबाव में है. हालिया उतार-चढ़ाव, वैल्यूएशन को लेकर बढ़ी चिंताएं और ग्रोथ की रफ्तार पर सवाल निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं. अब नजर इस बात पर है कि आगे की रणनीति क्या संकेत देती है.

नए साल के पहले हफ्ते में कीमती धातुओं के बाजार ने निवेशकों को सतर्क कर दिया. कीमतों में उतार-चढ़ाव ने यह साफ किया कि ग्लोबल संकेत, डॉलर की चाल और निवेशकों की रणनीति मिलकर बाजार की दिशा तय कर रहे हैं. आगे की चाल पर सभी की नजर बनी हुई है.

आईपीओ की तैयारी कर रही एक HR सॉल्यूशंस कंपनी ने लिस्टिंग से पहले निवेशकों का भरोसा हासिल किया है. प्री-आईपीओ फंडिंग, बड़े कॉरपोरेट नामों की हिस्सेदारी और विस्तार की योजनाओं ने कंपनी को बाजार में चर्चा का विषय बना दिया है. निवेशक अब इसके आगे के कदम और आईपीओ डिटेल्स पर नजर बनाए हुए हैं.