जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच गोल्ड ETF में मार्च तिमाही में ₹31,561 करोड़ का बड़ा निवेश आया है. यह दिखाता है कि अनिश्चितता के दौर में निवेशक फिर से सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं.
HDFC सिक्योरिटीज ने इंफ्रा सेक्टर पर बुलिश रुख अपनाया है. HG Infra, NCC सहित कई शेयरों में मजबूत अपसाइड दिखाया गया है, जहां मौजूदा कीमत के मुकाबले ऊंचे टारगेट प्राइस दिए गए हैं. पढ़ें कि क्यों सेक्टर को किन ट्रिगर से मिलेगी मजबूती.
दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल करेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin) ने शानदार बढ़त दिखाते हुए$74,901 का आंकड़ा छू लिया है. इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ था. आइए जानते हैं इस अचानक आई तेजी के पीछे की बड़ी वजहें और क्या है पाकिस्तान का इसमें कनेक्शन.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच अब दूसरे दौर की आमने-सामने बातचीत की तैयारी हो रही है. सीजफायर खत्म होने से पहले समझौते की कोशिश तेज हो गई है, जिसमें पाकिस्तान और जेनेवा संभावित मेजबान के तौर पर सामने आए हैं.
सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक हब में मजदूरों और प्रबंधन के बीच टकराव चरम पर था. मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह निर्णय उद्योगों की चुनौतियों और श्रमिकों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की एक कोशिश है.
ग्लोबल बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच गिफ्टी निफ्टी 24,000 के ऊपर बना हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में भारतीय बाजार की चाल बुधवार इन संकेतों पर निर्भर करेगी.
जहां बाजार में गिरावट का दबाव रहा, वहीं Gyftr के शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली. कंपनी के नाम बदलने, 4:1 बोनस इश्यू और बेहतर नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. कमजोर सेंटीमेंट के बीच भी यह स्टॉक बाजार से अलग प्रदर्शन करता नजर आया.
अमेरिका ने ईरान से 20 साल तक यूरेनियम एनरिचमेंट रोकने की मांग रखी, लेकिन तेहरान ने इसे ठुकराते हुए कम अवधि का प्रस्ताव दिया. लंबी बातचीत के बावजूद कोई समझौता नहीं हो पाया. इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है और परमाणु विवाद फिर से केंद्र में आ गया है.
करीब सात साल बाद भारत में ईरानी कच्चे तेल की वापसी हुई है. गुजरात और ओडिशा के बंदरगाहों पर दो सुपरटैंकर पहुंचे हैं, जिनमें करीब 40 लाख बैरल तेल है. यह डिलीवरी अमेरिकी छूट के तहत हुई है, जिससे वैश्विक सप्लाई और भारत की ऊर्जा रणनीति पर असर पड़ सकता है.
अमरनाथ यात्रा 2026 इस बार 57 दिनों तक चलेगी, जिसकी शुरुआत 3 जुलाई से होगी. रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होंगे, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं. यात्रा के लिए सख्त स्वास्थ्य नियम लागू किए गए हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए RFID ट्रैकिंग सिस्टम भी जोड़ा गया है.