भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में अल्पकालिक नकदी प्रबंधन के लिए ₹25,000 करोड़ के ओवरनाइट Variable Rate Repo (VRR) Auction का ऐलान किया है. यह नीलामी Liquidity Adjustment Facility (LAF) के तहत होगी.
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. FIIs ने चार कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली हमेशा कंपनी के कमजोर होने का संकेत नहीं होती.
सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. पिछले एक महीने में सोना करीब 6% और चांदी 7% से ज्यादा सस्ती हो चुकी है.
सरकारी नवरत्न कंपनी RCF (राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स) ने ₹1,500 करोड़ जुटाने के लिए FPO लाने का फैसला किया है. कंपनी के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, हालांकि शेयरधारकों, उर्वरक विभाग और DIPAM की मंजूरी अभी बाकी है.
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में 2025 के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 44% बढ़कर 39 अरब डॉलर पहुंच गया है. UNCTAD की World Investment Report 2026 के अनुसार, भारत अब दुनिया का 11वां सबसे बड़ा FDI प्राप्तकर्ता देश बन गया है.
अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है. होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, वहीं ईरान के तेल निर्यात की अनुमति भी वापस ले ली गई. इस माहौल में तेल की कीमतों में फिसॉर तेजी देखने को मिली है.
देश में कमजोर मानसून का असर अब खेतों में साफ दिखने लगा है. कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, खरीफ फसलों की बुआई 21% घटकर 350.85 लाख हेक्टेयर रह गई है. धान, दाल, तिलहन, कपास और मोटे अनाज की खेती में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
पेट्रोल में 25% इथेनॉल (E25) मिलाने की योजना पर सरकार फिलहाल ब्रेक लगाने के मूड में है. E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज घटने और पुरानी गाड़ियों में इंजन से जुड़ी शिकायतों के बाद सरकार अब जल्दबाजी से बचना चाहती है.
सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. वैश्विक बाजार में बिकवाली और घरेलू मांग कमजोर पड़ने से सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय बुलियन मार्केट और MCX दोनों पर गोल्ड और सिल्वर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं.
भारतीय शेयर बाजार ने नया इतिहास रच दिया है. BSE में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप पहली बार ₹482.31 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी, कच्चे तेल की नरम कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव कम होने से बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली.