Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

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Tejaswita Upadhyay

सरकारी सोशल सिक्योरिटी सिस्टम में एक बड़ा डिजिटल बदलाव होने जा रहा है. इससे करोड़ों कर्मचारियों को अपने पैसे तक पहले से कहीं तेज और आसान पहुंच मिल सकती है. नई सुविधा खास जरूरतों के समय राहत देने वाली साबित हो सकती है.

सरकारी नीति में हुए बदलाव के बाद एक साइक्लिकल सेक्टर में नई हलचल दिख रही है. बेहतर कीमत संकेत, फंडरेजिंग की वापसी और निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत होता नजर आ रहा है. आने वाले महीनों में बाजार में कई बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं.

एक प्रमुख निवेशक के हालिया फैसले ने इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के एक स्टॉक को फिर चर्चा में ला दिया है. लगातार दबाव में चल रहे शेयर में बिकवाली बढ़ी है, जिससे निवेशकों के बीच हिस्सेदारी, भरोसे और आगे की दिशा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

निवेशकों के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. एक कैटेगरी से भारी निकासी हुई, जबकि कुछ चुनिंदा स्कीम्स में ही पैसा टिका रहा. ब्याज दरों, बाजार की अनिश्चितता और शॉर्ट टर्म जरूरतों ने निवेश फैसलों को साफ तौर पर प्रभावित किया है.

भारत में डेटा सेंटर्स की कुल इंस्टॉल्ड पावर कैपेसिटी करीब 1 गीगावॉट से थोड़ी ज्यादा है. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा एक सेक्टर आने वाले वर्षों में बड़ा निवेश आकर्षित कर सकता है. बढ़ती मांग, मजबूत ऑर्डर बुक और खास वैल्यूएशन संकेतों ने कुछ चुनिंदा कंपनियों को निवेशकों के रडार पर ला दिया है.

ईमेल के इस्तेमाल का अनुभव जल्द ही बदलता नजर आ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पढ़ने, समझने और जवाब देने की प्रक्रिया और तेज व आसान हो सकती है. कुछ नए बदलाव यूजर्स के लिए अपने आप सक्रिय रहेंगे, जिससे सुविधा के साथ-साथ नियंत्रण को लेकर भी चर्चा बढ़ सकती है.

ग्रीन बिजनेस और सस्टेनेबल सेक्टर से जुड़ी एक कंपनी ने भविष्य की बड़ी तैयारी के संकेत दिए हैं. विस्तार, फंड जुटाने और नई क्षमताएं बढ़ाने को लेकर उठाए जा रहे कदम निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं.

एक बड़े निजी बैंक के कॉरपोरेट एक्शन को लेकर निवेशकों में हलचल तेज है. रिकॉर्ड डेट नजदीक आते ही शेयर की लिक्विडिटी, कीमत और छोटे निवेशकों की भागीदारी को लेकर चर्चा बढ़ गई है. यह फैसला बाजार में ट्रेडिंग पैटर्न को प्रभावित कर सकता है.

वित्तीय क्षेत्र में नियामक सख्ती एक बार फिर चर्चा में है. नियमों का पालन न करने वाली कुछ संस्थाओं पर कार्रवाई से निवेशकों की सुरक्षा को लेकर संदेश गया है. ऐसे माहौल में लोगों के लिए किसी भी वित्तीय सौदे से पहले सतर्क रहना और जानकारी जांचना बेहद जरूरी हो गया है.

ग्रामीण इलाकों से जुड़ी एक बड़ी इंडस्ट्री में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है. बेहतर आर्थिक हालात, मजबूत मांग और भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों और बाजार की दिलचस्पी बढ़ा दी है. इसके असर कुछ चुनिंदा शेयरों पर भी साफ दिखने लगे हैं.