Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

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Tejaswita Upadhyay

जनवरी का दूसरा हफ्ता शेयर बाजार के लिए बेहद अहम बनता जा रहा है. टाटा समूह की एक बड़ी कंपनी ने निवेशकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले का संकेत दिया है. बोर्ड मीटिंग, तय तारीख और संभावित कैश रिवॉर्ड को लेकर बाजार में चर्चा तेज है.

बीते हफ्ते शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसका असर बड़ी कंपनियों की वैल्यू पर पड़ा. कुछ दिग्गज शेयर दबाव में रहे, जबकि कुछ ने मजबूती दिखाई. बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेतों की भूमिका अहम रही.

उत्तर भारत के एक बड़े राज्य में मौसम के मिजाज में हल्का बदलाव महसूस किया जा रहा है. सुबह के हालात और दिन के असर में अंतर दिख रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम फिर करवट ले सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

एक मशहूर वैश्विक कंपनी में नेतृत्व बदलने के साथ वेतन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. लंबे समय से चली आ रही सादगी की परंपरा अब सवालों के घेरे में है. नया चेहरा, नई जिम्मेदारी और बदला हुआ सैलरी ढांचा कॉरपोरेट दुनिया में दिलचस्प बहस छेड़ रहा है.

क्रिप्टो बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन की स्थिति बनी हुई है. प्रमुख डिजिटल एसेट्स अहम स्तरों के आसपास टिके हैं, जहां से आगे की दिशा तय हो सकती है. तकनीकी संकेत पूरी तरह कमजोर नहीं हैं, लेकिन निवेशकों की नजर अब कुछ निर्णायक स्तरों पर टिकी हुई है.

जनवरी के पहले हिस्से में शेयर बाजार की चाल निवेशकों को सतर्क करती दिखी. विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक घटनाएं और मुद्रा से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय करते रहे. सूचकांकों में उतार-चढ़ाव ने यह संकेत दिया कि आगे का रुख कई अहम फैसलों और संकेतों पर निर्भर करेगा.

इस हफ्ते कीमती धातुओं के बाजार में हलचल रही. कभी दाम उछले, कभी अचानक संभले. अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, निवेशकों की सोच और वैश्विक संकेतों ने बाजार की दिशा तय की. सप्ताह के अंत तक तस्वीर कुछ बदली हुई दिखी, जिसने आगे के रुझानों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी.

भारत के पूंजी बाजार में एक बड़े टेक-डिजिटल खिलाड़ी की एंट्री की तैयारी निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. संभावित वैल्यूएशन, इश्यू साइज और टाइमलाइन को लेकर बाजार में हलचल तेज है, जिसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.

एक बड़ी कॉरपोरेट मंजूरी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है. कारोबारी संरचना में बदलाव से एक प्रमुख समूह के अलग-अलग कारोबारों पर फोकस बढ़ने की उम्मीद है. निवेशक अब इस फैसले के दीर्घकालीन असर को लेकर सतर्क नजर रखे हुए हैं.

एक बड़े राज्य में प्रॉपर्टी सेक्टर ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. बढ़ते रजिस्ट्रेशन, नई जगहों तक फैलता विकास और नीति सुधारों के असर से रियल एस्टेट बाजार में नई रफ्तार दिख रही है. यह ट्रेंड आने वाले समय के लिए अहम संकेत दे रहा है.