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Tejaswita Upadhyay

तेजस्विता उपाध्याय वर्तमान में मनी 9 में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. बिजनेस, जेंडर और ह्यूमन राइट्स सेंगमेंट पर इनकी मजबूत पकड़ है. इसके अलावा हाशिये पर खड़े हर समुदाय पर रिपोर्ट करना इनका जज्बा है. इससे पहले यह क्विंट हिंदी, गांव कनेक्शन और स्पैन कम्यूनिकेशन जैसे संस्थानों में अहम पद पर रह चुकी हैं. इनका लगाव संगीत, साहित्य और नृत्य से है. तेजस्विता की एक स्टोरी, 'We The Change' को जेंडर सेंसिटिविटी के लिए 2024 के लाडली मीडिया अवार्ड्स में ज्यूरी एप्रीशिएशन सिटेशन से सम्मानित किया गया है.

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Tejaswita Upadhyay

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भारत के लिए महंगाई और सप्लाई शॉक का खतरा बढ़ा दिया है, लेकिन मजबूत घरेलू मांग और नीतिगत उपाय अर्थव्यवस्था को सहारा दे सकते हैं. वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, FY27 में 7% से अधिक ग्रोथ की उम्मीद बरकरार है, हालांकि जोखिम बढ़ गए हैं.

दो साल तक 56 अरब डॉलर की भारी बिकवाली के बाद अब भारतीय शेयर बाजार में प्रमोटर्स की वापसी दिख रही है. 2026 में अब तक 4 अरब डॉलर से ज्यादा की खरीदारी हो चुकी है, जिससे साफ है कि गिरते वैल्युएशन पर बड़े बिजनेस घराने फिर से अपनी कंपनियों में दांव लगा रहे हैं.

बुधवार को जोरदार शुरुआत के बाद मुनाफावसूली के दबाव में बाजार ऊपरी स्तरों से फिसल गया, लेकिन फिर भी निफ्टी 24,177 और सेंसेक्स 77,496 पर बढ़त के साथ बंद हुआ. विशेषज्ञों के मुताबिक, 24,000 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट है, जबकि 24,400-24,500 के जोन पर बाजार की अगली परीक्षा होगी.

Deutsche Bank के एक आकलन के मुताबिक, अगर केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी 40% तक बढ़ाते हैं, तो अगले 5 साल में गोल्ड की कीमत $8,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है. डीडॉलराइजेशन, बढ़ती जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और मजबूत केंद्रीय बैंक खरीद इस तेजी के बड़े कारण बन सकते हैं.

Zomato (Eternal) के ताजा नतीजों ने बाजार का फोकस ग्रोथ से हटाकर मुनाफे पर ला दिया है. जहां Blinkit की ग्रोथ थोड़ी धीमी पड़ी है, वहीं फूड डिलीवरी बिजनेस मजबूत कमाई का आधार बनकर उभरा है. ब्रोकरेज फर्म्स के मुताबिक, मौजूदा स्तर से इस शेयर में 58% तक की तेजी की संभावना बनती दिख रही है.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Reliance Industries के Jio Platforms IPO में देरी की आशंका जताई गई है. CreditSights के मुताबिक, करीब $4 billion के इस IPO को अब FY27 के दूसरे हाफ तक टाला जा सकता है, जबकि कंपनी का फोकस capex, debt reduction और telecom growth पर बना हुआ है.

UAE के OPEC से बाहर निकलने के फैसले ने ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल मचा दी है, जिसका असर सीधे MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा. सप्लाई बढ़ने की आशंका और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच अब बाजार की दिशा अनिश्चित बनी हुई है.

निफ्टी 24,200 के अहम रेजिस्टेंस के नीचे दबाव में बना हुआ है और एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार इंडेक्स फिलहाल एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जहां 23,800 सपोर्ट और 24,200 रेजिस्टेंस बना हुआ है, जिससे दिशा साफ नहीं है.

HDFC म्यूचुअल फंड और TV9 की ‘बरनी से आजादी’ मुहिम मनीषा कालरा, पुरी रबारी और आकांक्षा खन्ना जैसी महिलाओं की प्रेरक कहानियां सामने लाती है, जिन्होंने चुनौतियों को पार कर न सिर्फ आत्मनिर्भरता हासिल की बल्कि निवेश की समझ के जरिए वित्तीय आजादी की नई परिभाषा भी गढ़ी है.

चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाहों पर सरकार ने विराम लगा दिया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया कि कीमत बढ़ाने की कोई योजना नहीं है. हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पैनिक बाइंग ने बाजार में चिंता जरूर बढ़ा दी है.