उत्तर भारत में बढ़ती गर्मी के बीच किचन में खाना बनाना चुनौती बन गया है. लेकिन कुछ आसान और वैज्ञानिक तरीकों से बिना पंखा चलाए भी किचन को ठंडा रखा जा सकता है और गर्मी से राहत पाई जा सकती है.
भारत सरकार ने एफडीआई नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 10% तक चीनी हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों को ऑटोमैटिक रूट से निवेश की अनुमति दी है. हालांकि, चीन या सीमावर्ती देशों में रजिस्टर्ड कंपनियों पर सख्ती बरकरार रहेगी.
FIFA वर्ल्ड कप 2026 और गर्मी के सीजन के चलते Varun Beverages की डिमांड में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद है. मजबूत Q1 नतीजों और ग्लोबल ग्रोथ के दम पर ब्रोकरेज Emkay ने स्टॉक पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को बढ़ा दिया है.
बीते हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में बड़ा बदलाव देखने को मिला. रिलायंस, एयरटेल और टीसीएस ने जहां जबरदस्त बढ़त दर्ज की, वहीं HDFC Bank, SBI और ICICI Bank जैसी कंपनियों की वैल्यू में गिरावट आई.
सोमवार को शेयर बाजार में चुनाव नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की चाल का बड़ा असर देखने को मिल सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के अहम लेवल और मैक्रो संकेतकों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है.
शेयर बाजार में कुछ छोटी कंपनियां अपनी मजबूत पकड़ के दम पर बड़ी कंपनियों को चुनौती देती हैं. लिस्ट में दी गई 3 कंपनियां खास सेगमेंट में मजबूत हैं, लेकिन निवेश से पहले इनके महंगे वैल्युएशन और जोखिम को समझना जरूरी है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और जेट फ्यूल की महंगाई के चलते एयर इंडिया ने जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती का फैसला लिया है. बढ़ती लागत और लंबे रूट्स के कारण कई उड़ानें घाटे में जा रही हैं, जिससे यात्रियों और टिकट कीमतों पर असर पड़ सकता है.
मई से जुलाई 2026 के लिए बैंक कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 25.70 फीसदी कर दिया गया है. यह बढ़ोतरी भले ही 0.70% की है, लेकिन इससे सैलरी पर सीधा असर पड़ेगा और हर महीने करीब 600 से 1,000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
सरकार ने बीमा सेक्टर में 100% FDI को मंजूरी देकर बड़ा दरवाजा खोल दिया है, लेकिन LIC को इससे बाहर रखा गया है. इस फैसले के बाद शेयरों में गिरावट और निवेशकों की चिंता ने बाजार में नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर से जूझ रहे 77 वर्षीय बुजुर्ग की पेंशन याचिका पर 9 साल की देरी को गंभीर मानते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट को तुरंत सुनवाई का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि पेंशन कोई ‘खैरात’ नहीं बल्कि कर्मचारी का अधिकार है, जो उसके जीवन के अधिकार से जुड़ा है.