भारतीय शेयर बाजार में जल्द एक ऐसा कदम उठने वाला है जो निवेशकों की नजरें अपनी ओर खींच सकता है. देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों में से एक से जुड़ी बड़ी तैयारी चल रही है. अगर यह योजना पूरी हुई तो बाजार में नई हलचल देखने को मिल सकती है.
सरकारी कंपनी REC Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए चौथा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है. कंपनी अपने निवेशकों को 3.20 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देगी. इसके लिए रिकॉर्ड डेट 20 मार्च 2026 तय की गई है और भुगतान 14 अप्रैल तक किया जाएगा.
फेस्टिव सीजन में खरीदारी बढ़ते ही लोग ऐसे पेमेंट विकल्प ढूंढते हैं जिससे एक साथ बड़ा खर्च न करना पड़े. Credit Card EMI और Buy Now Pay Later (BNPL) दो लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन दोनों में फर्क क्या है और कब कौन-सा विकल्प बेहतर है, यह समझना जरूरी है.
वैश्विक तनाव और बाजार में अस्थिरता के बीच PhonePe ने फिलहाल अपना IPO टाल दिया है. कंपनी के CEO समीर निगम ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद भारत में पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर शुरू की जाएगी.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली है और 400 से ज्यादा शेयर डबल डिजिट में टूट चुके हैं. कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंचने से बाजार पर दबाव बढ़ा है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. LPG टैंकर Shivalik सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला है. इसके साथ ही Nanda Devi नाम का एक और भारतीय जहाज भी गैस लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है. दोनों जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे हैं.
करीब 100 साल पुरानी इंजीनियरिंग कंपनी को चेन्नई में पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का करीब 1000 करोड़ रुपये का मेगा ऑर्डर मिला है. इस खबर के बाद कंपनी का शेयर 5 प्रतिशत तक उछल गया. दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला भी इस कंपनी में 8.03 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं.
IDBI Bank के शेयरों में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली और स्टॉक करीब 16 प्रतिशत तक टूट गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार बैंक के निजीकरण की मौजूदा प्रक्रिया को रोक सकती है, क्योंकि मिले हुए ऑफर तय रिजर्व प्राइस से कम बताए जा रहे हैं. इस खबर के बाद निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई और शेयर पर दबाव दिखाई दिया.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर यह डर बढ़ रहा है कि आने वाले वर्षों में कई व्हाइट-कॉलर नौकरियां खत्म हो सकती हैं. हालांकि पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि ऐसा बदलाव अचानक नहीं होगा. उनके मुताबिक नई तकनीक को उद्योगों में फैलने में समय लगता है और सरकार की नीतियां, कंपनियों की रणनीति और बाजार की प्रतिस्पर्धा यह तय करेंगी कि AI का असर कितना बड़ा होगा.
एक RTI जवाब में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 96 लाख प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाभार्थियों ने एक भी LPG सिलेंडर रिफिल नहीं कराया. आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में ऐसे मामलों की संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है. इससे उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने और उसके वास्तविक उपयोग के बीच अंतर सामने आता है.