पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने निर्यातकों को राहत देते हुए RoDTEP स्कीम के पूरे फायदे फिर लागू कर दिए हैं. बढ़ते फ्रेट और बीमा खर्च से जूझ रहे एक्सपोर्ट सेक्टर को इससे राहत मिलेगी और ग्लोबल ट्रेड में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मदद मिलेगी.
विदेशों में छिपे काले धन पर सरकार की सख्ती तेज हो गई है. FY26 के 9 महीनों में ही 4,009 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स लगाया गया है. पनामा और पेंडोरा जैसे खुलासों के बाद कार्रवाई और तेज हुई है, जिससे बड़े पैमाने पर टैक्स और पेनाल्टी की मांग उठी है.
SEBI के नए नियमों ने REIT और InvIT निवेश को और आसान बना दिया है. SPV होल्डिंग से लेकर ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट और उधारी के इस्तेमाल तक बड़े बदलाव किए गए हैं. इन फैसलों से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश बढ़ने और निवेशकों को बेहतर मौके मिलने की उम्मीद है.
पश्चिम एशिया तनाव के बीच ट्रंप के फैसले ने ग्लोबल बाजारों को राहत दी है. सैन्य कार्रवाई टालने से शेयर बाजार उछले और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई. गिफ्ट निफ्टी की तेजी से भारतीय बाजार में भी मजबूत शुरुआत की उम्मीद बढ़ गई है.
ऊर्जा की बढ़ती मांग और जलवायु संकट के बीच भारत किस रास्ते पर आगे बढ़ेगा? TV9 के मंच पर हुए खास पैनल में देश के शीर्ष विशेषज्ञों ने समाधान सुझाए. सौर ऊर्जा, बायो-फ्यूल और कॉर्पोरेट इनोवेशन के जरिए भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को कैसे पूरा करेगा, इस पर गहन चर्चा हुई.
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब म्यूचुअल फंड निवेशकों पर भी दिखने लगा है. सिर्फ एक महीने में कई बड़े फंड्स में 6% से 9% तक गिरावट आई है. ऐसे में निवेशकों के पोर्टफोलियो पर दबाव बढ़ा है और बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है.
रिकॉर्ड कमाई, मजबूत मार्जिन और शानदार कैश फ्लो के बावजूद हिंद जिंक का शेयर तेजी से फिसल रहा है. क्या इसके पीछे सिर्फ बाजार की कमजोरी है या कहानी में कुछ बड़ा बदल रहा है? गिरावट के इस ट्रेंड में आगे क्या संकेत छिपे हैं, यही समझना जरूरी है.
पश्चिम एशिया तनाव के बीच एथेनॉल एक बड़ा विकल्प बनकर उभर रहा है. उद्योग ने 20% से ज्यादा ब्लेंडिंग की पेशकश की है, जिससे भारत का कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो सकती है. इससे आयात बिल घटेगा और ऊर्जा संकट के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी आज ऊर्जा, बिजली और उर्वरक सेक्टर की समीक्षा करेंगे. होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ा है. सरकार अब हालात संभालने के लिए अलर्ट मोड में है.
पश्चिम एशिया तनाव का असर अब भारत के यूरिया उत्पादन पर दिख रहा है. LNG सप्लाई बाधित होने से कई प्लांट आधी क्षमता पर चल रहे हैं और उत्पादन 50% तक गिर गया है. अगर हालात नहीं सुधरे, तो खरीफ सीजन से पहले उर्वरक की कमी चिंता बढ़ा सकती है.