अगर आप टाटा मोटर्स की कमर्शियल गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 जुलाई से पहले फैसला लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. कंपनी ने कच्चे माल और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए अपने सभी कमर्शियल व्हीकल्स की कीमतों में 2.5% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है.
टाटा मोटर्स पर ब्रोकरेज फर्म Emkay ने भरोसा जताते हुए 'ADD' रेटिंग बरकरार रखी है. हालांकि JLR को अमेरिका में टैरिफ और चीन में कमजोर मांग जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन घरेलू बाजार में मजबूत मांग, नए लॉन्च और EV रणनीति कंपनी की ग्रोथ को गति दे सकते हैं.
करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपना DRHP दाखिल कर IPO की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. 14.89 करोड़ शेयरों के इस पूरी तरह OFS आधारित इश्यू में SBI समेत कई बड़े शेयरधारक हिस्सेदारी बेचेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए हैं. समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, जबकि अमेरिका नाकेबंदी हटाएगा और होर्मुज स्ट्रेट को 60 दिनों के लिए टोल-फ्री ट्रांजिट के लिए खोला जाएगा.
टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड जो जूडियो और वेस्टसाइड जैसे ब्रांड्स का संचालन करती है, का शेयर अपने ऑल-टाइम हाई ₹5,563 से 40% से ज्यादा टूट चुका है. ऐसे में सवाल है कि क्या शेयर में गिरावट का दौर खत्म हो चुका है या अभी और दबाव बाकी है?
टाटा मोटर्स 2027 में अपनी सबसे लोकप्रिय SUV नेक्सन का नेक्स्ट-जेनरेशन मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है. नई Tata Nexon में पूरी तरह नया डिजाइन, अपडेटेड केबिन और पेट्रोल, डीजल, CNG व EV पावरट्रेन विकल्प मिलेंगे. 10 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेच चुकी नेक्सन एक दशक बाद सबसे बड़े बदलाव के साथ भारतीय बाजार में दस्तक देगी.
नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की सख्ती से सोने-चांदी के बाजारों में हड़कंप मच गया है. ब्याज दरों में बदलाव न होने और साल के अंत तक बढ़ोतरी के संकेतों के बाद सोना और चांदी में भारी गिरावट है.
भारत अब सिर्फ विदेशी तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि अपना सॉवरेन AI इकोसिस्टम तैयार कर रहा है. ₹10,372 करोड़ के IndiaAI Mission और तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर निवेश के बीच 4 कंपनियां AI क्रांति की सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभर रही हैं.
ब्रिगेड एंटरप्राइजेज का शेयर बुधवार को कागजों पर 22 फीसदी टूटता दिखा, लेकिन असल में निवेशकों को कोई नुकसान नहीं हुआ. 1:3 बोनस इश्यू के एडजस्टमेंट के बाद शेयर में करीब 10 फीसदी की तेजी आई और यह दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गया.
ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते खतरे के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चीन की तर्ज पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. सरकार रिफाइनर्स के लिए 30 दिनों के कच्चे तेल का अतिरिक्त भंडार अनिवार्य करने पर विचार कर रही है, जिससे कंपनियों पर करीब 60,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.