ईरान जंग का असर! 400 से ज्यादा शेयर डबल डिजिट में टूटे, बाजार में हड़कंप; इन स्टॉक में आपका भी लगा है पैसा?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली है और 400 से ज्यादा शेयर डबल डिजिट में टूट चुके हैं. कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंचने से बाजार पर दबाव बढ़ा है.
Share market news update: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा है. ईरान से जुड़ी जंग और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है, जिसकी वजह से बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिल रही है. हालात यह हैं कि जंग शुरू होने के बाद से 400 से ज्यादा शेयर डबल डिजिट में टूट चुके हैं. इस गिरावट से बड़े, मिडकैप और स्मॉलकैप- तीनों तरह के शेयर प्रभावित हुए हैं और दलाल स्ट्रीट पर जोखिम से बचने का माहौल बन गया है.
कई शेयरों में 20-40% तक गिरावट
डेटा के मुताबिक कई कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. कुछ स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है.
कौन से शेयर सबसे ज्यादा टूटे-
| कंपनी | गिरावट |
|---|---|
| Infobeans Technologies | 40% से ज्यादा |
| Aqylon Nexus | 30% से ज्यादा |
| SEPC | लगभग 29% |
| Rain Industries | 24% से ज्यादा |
| Rajesh Exports | 23% से ज्यादा |
इसके अलावा KS Smart Technologies, Network People Services Technologies, Deccan Gold Mines और Capacit’e Infraprojects जैसे शेयर भी 20 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुके हैं.
नहीं बचे दिग्गज शेयर भी
गिरावट केवल छोटे शेयरों तक सीमित नहीं रही. कई बड़े और चर्चित शेयरों में भी तेज कमजोरी आई है.
| कंपनी | गिरावट |
|---|---|
| Larsen & Toubro | 19- 22% |
| Ashok Leyland | करीब 20% |
| Amber Enterprises | करीब 20% |
| IDBI Bank | लगभग 20% |
| Birla Corporation | लगभग 19% |
ऑटो सेक्टर की कंपनियां जैसे Lumax Industries, Rico Auto Industries और Jamna Auto Industries भी दबाव में रही हैं.
बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भी दबाव
बैंक और एनबीएफसी सेक्टर के शेयर भी इस बिकवाली से नहीं बच पाए. City Union Bank, IndusInd Bank, IDFC First Bank, Bank of India और UCO Bank जैसे शेयरों में 14 से 18 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है. वहीं Ugro Capital और Fusion Finance जैसे NBFC शेयरों में भी तेज गिरावट आई है.
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कोविड के बाद सबसे बड़ी गिरावट
- मार्च 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछले कई वर्षों का सबसे कमजोर महीना बनता दिख रहा है.
- निफ्टी मार्च में अब तक करीब 8% गिर चुका है.
- यह पिछले दस वर्षों में दूसरी सबसे बड़ी मासिक गिरावट है.
- मार्च 2020 में कोविड के दौरान निफ्टी करीब 23% गिरा था.
- सिर्फ पिछले एक हफ्ते में ही सेंसेक्स करीब 4,000 अंक टूट चुका है, जबकि निफ्टी में करीब 5% गिरावट आई है.
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान से जुड़ा संघर्ष है. इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है. इस तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. भारत अपनी करीब 85% तेल जरूरतें आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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