Flipkart इस साल नहीं लाएगा IPO, कंपनी ने इस वजह से टाला प्लान

यह स्थिति भारत में वॉलमार्ट की लिस्टिंग में दूसरी बड़ी देरी को दर्शाती है. इससे पहले PhonePe की लिस्टिंग भी टल गई थी, जिसमें इस अमेरिकी कंपनी की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है. IPO की लंबी कतार में NSE, Reliance Jio, Zepto और Oyo शामिल हैं, जिससे 2026 में निवेशकों की मांग काफी बढ़ जाएगी.

फ्लिपकार्ट आईपीओ. Image Credit: Getty image

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) टाल दिया है. अमेरिका की रिटेलर कंपनी वॉलमार्ट ने ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनी फ्लिपकार्ट से कहा है कि वह अभी अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की योजनाओं को टाल दे और इसके बजाय फाइनेंशियल ईयर (FY) 2027 के खत्म होने से पहले EBITDA ब्रेकइवन हासिल करने पर ध्यान दे. मनीकंट्रोल ने इस मामले से जुड़े लोगों के हवाले से इस बात की जानकारी दी. EBITDA का मतलब है ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई.

मुनाफे को प्राथमिकता

पिछले हफ्ते बेंगलुरु की यात्रा के दौरान वॉलमार्ट के CEO और प्रेसिडेंट जॉन फर्नर ने नए कैपिटल जुटाने के बजाय मुनाफे को प्राथमिकता देने का फैसला किया, चाहे वह प्राइवेट मार्केट में हो या पब्लिक मार्केट में. भारत की यह उनकी पहली यात्रा थी, जहां फरवरी में अपना पद संभालने के बाद उन्होंने फ्लिपकार्ट की पूरी टीम से मुलाकात की.

कंट्रोलिंग हिस्सेदारी

यह स्थिति भारत में वॉलमार्ट की लिस्टिंग में दूसरी बड़ी देरी को दर्शाती है. इससे पहले PhonePe की लिस्टिंग भी टल गई थी, जिसमें इस अमेरिकी कंपनी की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है. वॉलमार्ट के पास फ्लिपकार्ट में अभी 80 फीसदी से अधिक और PhonePe में लगभग 71.8 फीसदी हिस्सेदारी है.

वित्तीय आंकड़े पर फोकस

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वॉलमार्ट पर भारत में अपने निवेश से पब्लिक ऑफरिंग के जरिए तुरंत रिटर्न कमाने का कोई दबाव नहीं है. इसके बजाय, कंपनी बाजार में जल्दबाजी में उतरने की योजनाओं के बजाय, लंबे समय तक टिकने वाले वित्तीय नतीजे हासिल करने पर ध्यान दे रही है.

IPO की लंबी कतार

भारत का प्राइमरी मार्केट एक साथ कई बड़े इश्यू को संभालने में मुश्किल महसूस कर रहा है, क्योंकि निवेशकों का रुझान सतर्क हो गया है और वैल्यूएशन पर दबाव है. IPO की लंबी कतार में NSE, Reliance Jio, Zepto और Oyo शामिल हैं, जिससे 2026 में निवेशकों की मांग काफी बढ़ जाएगी.

Flipkart के लिए, यह देरी Walmart की उस कोशिश के भी अनुरूप है, जिसके तहत वह पब्लिक मार्केट में उतरने से पहले मुनाफे के आंकड़ों को और बेहतर बनाना चाहती है. इसमें EBITDA ब्रेकइवन हासिल करने पर खास जोर दिया जा रहा है.

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