Gold-Silver Price: धनतेरस से पहले सोना सस्ता, चांदी की कीमतों में भी गिरावट; जानें- 24 कैरेट वाले गोल्ड का भाव
Gold-Silver Price Today: निवेशक अमेरिका से जुड़े अहम घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें आज आने वाले चुनाव परिणाम, बेरोजगारी के आंकड़े और 'नॉन-फार्म पेरोल' डेटा शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट गोल्ड 41.19 डॉलर या 1.04 फीसदी गिरकर 3,905.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.

Gold-Silver Price Today: धनतेरस और दिवाली से से पहले सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ावा बना हुआ है. मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में 700 रुपये की गिरावट आई और यह 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वैश्विक स्तर पर बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार के कारण निवेशक सतर्क हो गए हैं.
सोने-चांदी की कीमत
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले सोने की कीमत सोमवार के 1,42,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से 700 रुपये गिरकर 1,41,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई.
चांदी, जो पिछले सत्र में स्थिर रही थी, उसमें भी गिरावट आई. यह 1.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से 2,000 रुपये गिरकर 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गई.
क्यों आई सोने की कीमतों में गिरावट?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, ‘कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सुधार के बीच मंगलवार को सोने की कीमतों में आई तेजी कम हो गई.’
उन्होंने कहा कि हालांकि, आने वाला त्योहारी सीजन घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को सहारा दे सकता है. धनतेरस और दिवाली से पहले आभूषणों की खरीदारी में तेजी आने की उम्मीद है, क्योंकि इन मौकों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है.
इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड-सिल्वर का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट गोल्ड 41.19 डॉलर या 1.04 फीसदी गिरकर 3,905.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 3 फीसदी से अधिक गिरकर 48.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.
प्रॉफिटबुकिंग जारी
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (VP) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई क्योंकि व्यापारियों ने मुनाफावसूली जारी रखी, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बना रहा.’
उन्होंने आगे कहा कि इस बिकवाली ने कीमतों को ‘ओवरसोल्ड’ (अत्यधिक बिकवाली) क्षेत्र के करीब पहुंचा दिया है. हालांकि, कीमतों में लगातार सुधार नई खरीदारी और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगा.
त्रिवेदी ने कहा कि निवेशक अमेरिका से जुड़े अहम घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें आज आने वाले चुनाव परिणाम, बेरोजगारी के आंकड़े और ‘नॉन-फार्म पेरोल’ डेटा शामिल हैं. इनसे फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीतिगत रुख के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं.