2 महीने की इंटर्नशिप के लिए ₹57 लाख देगी ये कंपनी, आखिर करना क्या होगा काम?

भारत की प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग फर्म Graviton Research Capital इंजीनियरिंग छात्रों को दो महीने की इंटर्नशिप के लिए 57 लाख रुपये तक का स्टाइपेंड देने की पेशकश कर रही है. कंपनी गणित, प्रोग्रामिंग और क्वांटिटेटिव रिसर्च में मजबूत छात्रों की तलाश कर रही है. जानिए इंटर्न्स को क्या काम करना होगा और यह पैकेज इतना खास क्यों है.

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Graviton Internship: अगर आप इंजीनियरिंग के छात्र हैं और गणित, प्रोग्रामिंग या डेटा एनालिसिस में अच्छी पकड़ रखते हैं, तो आपके लिए एक बड़ा मौका है. भारत की प्रॉपराइटरी क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग फर्म Graviton Research Capital दो महीने की इंटर्नशिप के लिए 57 लाख रुपये तक का स्टाइपेंड ऑफर कर रही है. यह देश के सबसे अधिक पेमेंट वाली इंटर्नशिप में से एक मानी जा रही है.

दो महीने के इस कार्यक्रम में स्टाइपेंड को देखें तो यह करीब 28.5 लाख रुपये प्रति माह बैठता है. वहीं, कंपनी का सिंगापुर कार्यालय दो महीने की इंटर्नशिप के लिए 95,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 70 लाख रुपये) तक का पैकेज ऑफर कर रहा है.

इंटर्न्स को क्या काम करना होगा?

कंपनी के आंतरिक भर्ती दस्तावेजों के मुताबिक, इंटर्न्स को Graviton के क्वांटिटेटिव रिसर्चर्स, ट्रेडर्स और सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के साथ काम करने का मौका मिलेगा. इंटर्न्स लाइव ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करेंगे, बड़ी मात्रा में मार्केट डेटा को प्रोसेस करेंगे और ऐसे सिस्टम को बेहतर बनाएंगे जहां रिस्पॉन्स टाइम, प्रोसेसिंग क्षमता और विश्वसनीयता सीधे ट्रेडिंग के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं.

कंपनी ने यह भी कहा है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले इंटर्न्स को आगे चलकर फुल-टाइम रिसर्च और इंजीनियरिंग रोल के लिए भी चुना जा सकता है.

किस तरह के छात्रों की तलाश?

Graviton Research Capital देश के ऐसे छात्रों को भर्ती करना चाहती है, जिनकी गणित, सांख्यिकी, कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मजबूत पकड़ हो.

क्या करती है Graviton Research Capital?

Graviton Research Capital की स्थापना 2014 में IIT दिल्ली के पूर्व छात्रों अंकित गुप्ता और निशिल गुप्ता ने की थी. यह एक निजी फंडिंग वाली प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग फर्म है, जो गणित, सांख्यिकी, फाइनेंस और सिस्टम इंजीनियरिंग की मदद से अलग-अलग एसेट क्लास में ट्रेडिंग करती है. कंपनी का कारोबार भारत के अलावा न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर, टोक्यो और हांगकांग जैसे वित्तीय केंद्रों तक फैला हुआ है.

क्यों अहम है यह इंटर्नशिप?

कंपनियां अब ग्रेजुएशन के बाद भर्ती करने के बजाय पढ़ाई के दौरान ही प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान कर उन्हें लाइव ट्रेडिंग सिस्टम पर काम करने का मौका दे रही हैं. यही वजह है कि इंटर्नशिप अब इस इंडस्ट्री में टैलेंट हायरिंग का सबसे अहम जरिया बन गई है. बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बाद में स्थायी नौकरी का मौका भी मिल सकता है.

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