GST Council Meeting 2026: 12 सितंबर को होगी अगली बैठक, क्या होगा इस बार मीटिंग का एजेंडा?
12 सितंबर को अगली GST Council Meeting होने वाली है, इससे पहले 11 सितंबर को नई दिल्ली में ऑफिसर्स की मीटिंग होगी. मेमोरेंडम अलग-अलग सरकारी ऑफिस और राज्य के फाइनेंस मिनिस्टर को भेजा गया है. जीएसटी काउंसिल भारत की सबसे बड़ी इनडायरेक्ट टैक्स पर फैसले लेने वाली बॉडी है.

57th GST Council Meeting: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक होने वाली है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इस बात की जानकारी दी है कि GST काउंसिल सेक्रेटेरिएट द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार, मीटिंग से पहले 11 सितंबर को अधिकारियों की मीटिंग होगी.
इस बार किस मुद्दे पर चर्चा?
12 सितंबर की मीटिंग में जीएसटी काउंसिल उन बिज़नेस के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाने पर चर्चा कर सकती है जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स क्रेडिट देते हैं. इसके अलावा जीएसटी काउंसिल की इस अगली बैठक में जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन प्रोसेस में ऑटोमेशन और दूसरे बदलावों पर भी विचार कर सकती है.
अभी फिलहाल सेंट्रल GST फॉर्मेशन और अलग-अलग स्टेट फॉर्मेशन द्वारा हर महीने 2.5 लाख रुपए से ज्यादा का क्रेडिट देने वाले बड़े बिजनेस के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में एक जैसा तरीका नहीं है. इससे टैक्सपेयर्स के बीच अनिश्चितता पैदा होती है. जीएसटी काउंसिल ने सितंबर 2025 में हुई मीटिंग के दौरान छोटे और कम रिस्क वाले बिजनेस के लिए एक आसान जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्कीम को पहले ही मंजूरी दी थी और यह स्कीम 1 नवंबर से शुरू हुई थी.
जीएसटी सिस्टम ने डेटा एनालिसिस के जरिए छोटे और कम रिस्क वाले बिजनेस के तौर पर जिन एप्लीकेंट्स की पहचान की है या जो खुद से अपनी आउटपुट टैक्स लायबिलिटी का आकलन CGST, SGST/UTGST और IGST मिलाकर हर महीने 2.5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं करते हैं, वे इस स्कीम को चुन सकते हैं. अभी लगभग 1.68 करोड़ बिजनेस GST के तहत रजिस्टर्ड हैं.
2025 में हुई थी पिछली बैठक
काउंसिल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्टेट फाइनेंस मिनिस्टर्स हैं और इस बार सितंबर में एक साल से ज्यादा के गैप के बाद मीटिंग होने वाली है. याद दिला दें कि जीएसटी काउंसिल की पिछली मीटिंग 3-4 सितंबर 2025 को हुई थी, जब केंद्र और राज्यों ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) रेट्स और स्लैब्स के एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दी थी.
22 सितंबर 2025 से जीएसटी को 5 फीसदी और 18 फीसदी के टू-टियर सिस्टम में रीस्ट्रक्चर किया गया था, जिसमें अल्ट्रा-लग्ज़री और सिन गुड्स पर 40 फीसदी जीएसटी लगाया गया था. नए स्ट्रक्चर ने 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी के चार स्लैब की जगह ली जो 1 जुलाई 2017 से लागू हुए थे.
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