एवरेस्ट और लालजी गोधू की हींग पाउडर बिक्री पर रोक, FSSAI ने मानकों के उल्लंघन पर लिया एक्शन
FSSAI ने मानकों का उल्लंघन मिलने पर एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोधू एंड कंपनी के हींग पाउडर की बिक्री पर रोक लगा दी. जांच में घटिया गुणवत्ता, गलत ब्रांडिंग और तय मानक से कम अल्कोहल में घुलनशील अर्क मिला.
Highlights
- FSSAI ने एवरेस्ट की हींग बिक्री पर रोक लगाई
- लालजी गोधू की हींग भी जांच में घटिया मिली
- नमूनों में गलत ब्रांडिंग और मानक उल्लंघन मिला
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. खाद्य नियामक ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोधू एंड कंपनी के हींग पाउडर की बिक्री पर रोक लगा दी है. जांच में दोनों कंपनियों के हींग उत्पाद तय खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे.
एवरेस्ट की सभी किस्मों की बिक्री पर रोक
FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स के हींग पाउडर (मिश्रित हींग) की सभी किस्मों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश दिए हैं. नियामक के मुताबिक, प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला में लिए गए नमूनों की जांच के दौरान उत्पाद मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए.
जांच में हींग पाउडर की गुणवत्ता के साथ गलत ब्रांडिंग का मामला भी सामने आया. FSSAI ने कहा कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए हैं.
अल्कोहल में घुलनशील अर्क की मात्रा कम मिली
नियामक के अनुसार, हींग पाउडर में अल्कोहल में घुलनशील अर्क की मात्रा तय मानक से काफी कम पाई गई. नियमों के मुताबिक इसकी मात्रा कम से कम 5 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन कुछ नमूनों में यह शून्य प्रतिशत मिली.
इसके अलावा पीली हींग पाउडर और काली हींग पाउडर के नमूने भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे. जांच में पीली हींग में अल्कोहल में घुलनशील अर्क 3.29 प्रतिशत, जबकि काली हींग में 4.4 प्रतिशत पाया गया.
लालजी गोधू की हींग में भी मिली गड़बड़ी
FSSAI ने लालजी गोधू एंड कंपनी के हींग पाउडर की बिक्री पर भी रोक लगाई है. कंपनी के मिश्रित हींग यानी पाउडर और टुकड़ों वाले उत्पाद के नमूनों की जांच में भी खामियां सामने आईं.
नियामक ने बताया कि ये नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे. साथ ही, इनमें गलत ब्रांडिंग और घटिया गुणवत्ता भी पाई गई. जांच के दौरान मिश्रित हींग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की कुछ किस्मों में स्टार्च की मात्रा भी अधिक मिली.
खामियां दूर नहीं हुईं तो होगी आगे कार्रवाई
FSSAI ने दोनों कंपनियों को खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी कमियों को दूर करने की चेतावनी दी है. नियामक ने स्पष्ट किया है कि अगर निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और खामियों को ठीक नहीं किया गया, तो आगे भी कार्रवाई की जा सकती है.
खाद्य नियामक की इस कार्रवाई से साफ है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग को लेकर नियमों का पालन करना कंपनियों के लिए जरूरी है. उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए FSSAI ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई जारी रखता है.
Latest Stories
BRICS देशों के बीच डिजिटल करेंसी जोड़ने का प्रस्ताव रखेगा भारत, सीमा पार भुगतान आसान बनाने की तैयारी
UPI का बढ़ता दबदबा, डेबिट-क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी घटी; जुलाई में 77.3% हुआ मार्केट शेयर
हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी में बढ़ाई हिस्सेदारी, 1,758 करोड़ रुपये में खरीदे शेयर
