Housing Sales: देश के 8 बड़े शहरों में घरों की बिक्री 6% घटी, जानें कहां कितना रहा असर

अप्रैल-जून 2026 में देश के आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 6% घटकर 91,729 यूनिट रही. वैश्विक अनिश्चितता, पश्चिम एशिया संघर्ष और AI से रोजगार पर संभावित असर के चलते खरीदारों ने खरीदारी में सावधानी बरती.

दिल्ली-NCR में घरों की बिक्री 7 फीसदी घटकर 9,352 यूनिट रही Image Credit:

देश के आठ प्रमुख शहरों में अप्रैल-जून 2026 के दौरान मकानों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनी प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू कैलेंडर वर्ष की दूसरी तिमाही में इन शहरों में 91,729 मकान बिके, जो पिछले साल की समान अवधि के 97,674 यूनिट के मुकाबले करीब 6 फीसदी कम है.

खरीदारों ने अपनाया सतर्क रुख

प्रॉपटाइगर ने अपनी रिपोर्ट ‘रियल इनसाइट’ में बताया कि वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं के कारण संभावित घर खरीदारों ने इस दौरान खरीदारी को लेकर सावधानी बरती. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रोजगार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित असर को भी खरीदारों की सतर्कता की वजह माना गया है.

हालांकि, कंपनी का कहना है कि बिक्री में कमी को आवासीय बाजार की कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. बाजार अब पहले की तुलना में ज्यादा परिपक्व हो रहा है और खरीदार बड़े फैसले लेने से पहले ज्यादा सोच-विचार कर रहे हैं.

6 शहरों में बिक्री घटी

आंकड़ों के मुताबिक, आठ में से छह प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में गिरावट आई. इनमें मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), दिल्ली-NCR, पुणे, बेंगलुरु, अहमदाबाद और कोलकाता शामिल हैं.

MMR में बिक्री 7 फीसदी घटकर 24,112 यूनिट रह गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 25,939 मकान बिके थे. इसके बावजूद MMR आठ शहरों में सबसे ज्यादा मकानों की बिक्री वाला बाजार रहा. दिल्ली-NCR में घरों की बिक्री 7 फीसदी घटकर 9,352 यूनिट रही. पिछले साल अप्रैल-जून में यहां 10,051 मकान बिके थे.

पुणे और अहमदाबाद में बड़ी गिरावट

पुणे के रियल एस्टेट बाजार में बिक्री में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली. यहां अप्रैल-जून 2026 में 21 फीसदी की गिरावट के साथ 12,642 मकान बिके. एक साल पहले इसी अवधि में 15,962 यूनिट की बिक्री हुई थी. अहमदाबाद में भी बिक्री 20 फीसदी घटकर 7,541 यूनिट रह गई. पिछले साल यहां 9,451 मकान बिके थे.

बेंगलुरु में घरों की बिक्री 9 फीसदी घटकर 14,186 यूनिट रही, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 15,628 यूनिट था. वहीं कोलकाता में 9 फीसदी गिरावट के साथ बिक्री 3,517 यूनिट रह गई, जो पिछले साल 3,847 यूनिट थी.

चेन्नई और हैदराबाद में बढ़ी बिक्री

जहां छह शहरों में घरों की बिक्री कम हुई, वहीं चेन्नई और हैदराबाद में बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया. दोनों शहरों में पिछले साल की तुलना में आवासीय संपत्तियों की बिक्री बढ़ी.

यह बताता है कि देश के सभी प्रमुख रियल एस्टेट बाजारों पर वैश्विक अनिश्चितताओं का असर एक जैसा नहीं पड़ा है. कुछ शहरों में मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है.

‘बाजार कमजोर नहीं, परिपक्व हो रहा है’

प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के सीईओ प्रकाश तेजवानी ने कहा कि 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि भारत का आवासीय बाजार कमजोर नहीं हो रहा है, बल्कि परिपक्व हो रहा है.

उनके मुताबिक, खरीदार अब घर खरीदने से पहले आर्थिक परिस्थितियों, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रख रहे हैं. ऐसे में बिक्री में आई गिरावट को बाजार की पूरी तस्वीर के बजाय मौजूदा अनिश्चित माहौल के बीच खरीदारों के सतर्क रुख के तौर पर देखा जा सकता है.

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