India Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार में 14.14 अरब डॉलर का उछाल, 707 अरब डॉलर पहुंचा रिजर्व
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अगस्त को खत्म हुए सप्ताह में 14.136 अरब डॉलर बढ़कर 707.002 अरब डॉलर हो गया. इससे पिछले सप्ताह भी फॉरेक्स रिजर्व में 10.512 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. फॉरेन करेंसी एसेट 9.946 अरब डॉलर बढ़कर 574.625 अरब डॉलर पहुंच गई. वहीं सोने के भंडार की वैल्यू 3.995 अरब डॉलर बढ़कर 108.738 अरब डॉलर हो गई.

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अगस्त के पहले सप्ताह में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. RBI के मुताबिक, 7 अगस्त को खत्म हुए सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 14.136 अरब डॉलर बढ़कर 707.002 अरब डॉलर हो गया. इससे पिछले सप्ताह भी विदेशी मुद्रा भंडार में 10.512 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. फॉरेक्स रिजर्व में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब रुपये और वैश्विक बाजारों पर दबाव बना हुआ है. फॉरेन करेंसी एसेट और सोने के भंडार में बढ़ोतरी से कुल रिजर्व को मजबूती मिली है.
फॉरेक्स रिजर्व में 14.14 अरब डॉलर की बढ़ोतरी
RBI के आंकड़ों के मुताबिक 7 अगस्त को खत्म हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14.136 अरब डॉलर बढ़ा है. इसके बाद कुल फॉरेक्स रिजर्व 707.002 अरब डॉलर पहुंच गया. इससे पिछले सप्ताह 31 जुलाई को खत्म हुए सप्ताह में भी रिजर्व 10.512 अरब डॉलर बढ़ा था. तब कुल विदेशी मुद्रा भंडार 692.866 अरब डॉलर था. लगातार दूसरे सप्ताह रिजर्व में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है.
फॉरेन करेंसी एसेट में भी जोरदार इजाफा
फॉरेक्स रिजर्व में सबसे बड़ी हिस्सेदारी फॉरेन करेंसी एसेट की होती है. 7 अगस्त को खत्म हुए सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट 9.946 अरब डॉलर बढ़कर 574.625 अरब डॉलर हो गई. फॉरेन करेंसी एसेट में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राओं की कीमत में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है. इन मुद्राओं की कीमत में बदलाव होने पर रिजर्व के डॉलर मूल्य में भी उतार चढ़ाव आता है.
सोने के भंडार की वैल्यू 3.99 अरब डॉलर बढ़ी
भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी इस सप्ताह अच्छी बढ़ोतरी हुई है. RBI के मुताबिक सोने के भंडार का मूल्य 3.995 अरब डॉलर बढ़कर 108.738 अरब डॉलर हो गया. फॉरेन करेंसी एसेट के बाद गोल्ड रिजर्व भारत के फॉरेक्स रिजर्व का एक अहम हिस्सा है. सोने की कीमतों में बदलाव का असर रिजर्व की कुल वैल्यू पर पड़ता है. इस दौरान गोल्ड रिजर्व की बढ़ी वैल्यू ने कुल विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में योगदान दिया.
फरवरी में ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था रिजर्व
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इसी साल फरवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. 27 फरवरी को खत्म हुए सप्ताह में फॉरेक्स रिजर्व 728.494 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था. इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से रिजर्व में कई हफ्तों तक गिरावट देखने को मिली. इस दौरान रुपये पर दबाव बढ़ा था और RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की बिक्री के जरिए हस्तक्षेप किया था. अब लगातार दो सप्ताह की बढ़ोतरी से रिजर्व में फिर मजबूती दिख रही है.
सरकार और RBI ने उठाए कई कदम
देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए RBI और सरकार ने जुलाई में कई कदम उठाए थे. इनमें FCNR(B) योजना भी शामिल थी. इन उपायों का मकसद देश में ज्यादा विदेशी मुद्रा लाना और फॉरेक्स रिजर्व को मजबूत करना था. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन योजनाओं के तहत अब तक करीब 40 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा देश में आई है. इससे भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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SDR और IMF रिजर्व में भी बढ़ोतरी
भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स यानी SDR में भी इस सप्ताह बढ़ोतरी हुई है. RBI के आंकड़ों के मुताबिक SDR 79 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.745 अरब डॉलर हो गया. वहीं IMF के पास भारत की रिजर्व पोजिशन 116 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.894 अरब डॉलर हो गई. इस तरह फॉरेन करेंसी एसेट और सोने के साथ SDR तथा IMF रिजर्व में बढ़ोतरी से भारत के कुल फॉरेक्स रिजर्व को मजबूती मिली है.