लगातार तीसरे दिन चढ़ा रुपया, डॉलर के मुकाबले 34 पैसे मजबूत होकर 95.26 पर बंद
Indian Rupee सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 34 पैसे मजबूत होकर 95.26 पर बंद हुआ. यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है जब रुपये में तेजी दर्ज की गई. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार की मजबूत तेजी ने रुपये को सहारा दिया.

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये ने सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ कारोबार खत्म किया. रुपया 34 पैसे मजबूत होकर 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है जब रुपये में तेजी देखने को मिली है. बाजार में यह मजबूती अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू बाजार के मजबूत प्रदर्शन के बीच आई. विदेशी मुद्रा बाजार में निवेशकों का भरोसा बेहतर हुआ है. इसके साथ ही RBI की ओर से आए बयान ने भी रुपये को सहारा दिया.
लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ रुपया
Indian Rupee सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 34 पैसे मजबूत होकर 95.26 पर बंद हुआ. इससे पहले शुक्रवार को भी रुपया 75 पैसे की तेजी के साथ 95.60 पर बंद हुआ था. सोमवार को इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.36 पर खुला. कारोबार के दौरान इसने 95.12 का उच्च स्तर और 95.44 का निचला स्तर भी छुआ. दिन के अंत में यह मजबूती के साथ बंद हुआ.
समझौते की उम्मीद से मिला सपोर्ट
United States और Iran के बीच शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों ने बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है. इससे वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद बनी है. इसका असर विदेशी मुद्रा बाजार पर भी दिखा. निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों में दिलचस्पी दिखाई, जिससे रुपये को मजबूती मिली.
RBI गवर्नर के बयान का भी असर
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, Reserve Bank of India के गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा कि केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सिस्टेमेटिक प्राइसिंग बनाए रखने के लिए जो जरूरी होगा वह करेगा. उनके इस बयान के बाद बाजार को भरोसा मिला कि जरूरत पडने पर RBI हस्तक्षेप कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल की कमजोरी के बाद भारतीय रुपया ओवरवैल्यूड नहीं है और संभव है कि यह अभी भी अंडरवैल्यूड हो.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत
वैश्विक बाजार में Brent crude की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली. कच्चा तेल 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरा. तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देश के लिए राहत की खबर मानी जाती है क्योंकि इससे डॉलर की मांग कम हो सकती है. इसका सीधा फायदा रुपये को मिलता है. इसी वजह से भी सोमवार को रुपये में मजबूती देखने को मिली.
शेयर बाजार की तेजी ने भी बढ़ाया भरोसा
घरेलू शेयर बाजार में भी सोमवार को जोरदार तेजी रही. BSE Sensex 1073 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 24000 के ऊपर बंद हुआ. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय बाजार में खरीदारी की. एक्सचेंज डेटा के मुताबिक उन्होंने 821.75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
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विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट
इस बीच RBI के आंकडों के अनुसार 15 मई को खत्म सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.094 अरब डॉलर घटकर 688.894 अरब डॉलर रह गया. इससे पहले वाले सप्ताह में इसमें अच्छी बढत दर्ज की गई थी. हालांकि भंडार में गिरावट के बावजूद रुपये में मजबूती देखने को मिली. बाजार जानकारों का मानना है कि फिलहाल वैश्विक संकेत और घरेलू निवेशक भरोसा रुपये की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.