ईरान-USA तनाव के बीच भारत अलर्ट, हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर नहीं भेजे जाएंगे भारतीय नाविक
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने अगले आदेश तक शिपिंग कंपनियों को हॉर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती नहीं करने का निर्देश दिया है. हाल ही में हुए हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत के बाद यह कदम उठाया गया है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट में लगातार हो रहे हमलों के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने शिपिंग कंपनियों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को अगले आदेश तक हॉर्मुज के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की तैनाती नहीं करने का निर्देश दिया है. हाल के दिनों में दो भारतीय नाविकों की मौत और कई अन्य के घायल होने के बाद यह फैसला लिया गया है. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 13 भारतीयों की मौत हुई है और 3 भारतीय अभी तक लापता हैं. ऐसे में सरकार का यह आदेश भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.
हॉर्मुज मार्ग पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DG Shipping) ने सभी शिपिंग कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगले आदेश तक किसी भी भारतीय नाविक को ऐसे जहाजों पर तैनात न किया जाए, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं. साथ ही फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं.
हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत, कई घायल
पिछले तीन दिनों में हॉर्मुज स्ट्रेट में हुए हमलों में दो भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है. मंगलवार को दो अमीराती तेल टैंकरों पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए. इन हमलों में जहाजों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
कई जहाज भी बने निशाना, हजारों भारतीयों की सुरक्षा चिंता
फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के अनुसार, कई अन्य जहाजों को भी इस संघर्ष के दौरान निशाना बनाया गया है. इन जहाजों पर भारतीय नाविक भी सवार थे. भारत दुनिया में व्यापारी जहाजों के लिए नाविक उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है और करीब 3.1 लाख भारतीय सीफेयरर्स दुनिया भर के जहाजों पर काम करते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
FSUI ने सरकार से उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाने की मांग की है. यूनियन ने भारतीय नाविकों की मौत की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराने, मृतकों के परिवारों को कम से कम 50 लाख अमेरिकी डॉलर का मुआवजा दिलाने और समुद्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए और मजबूत इंतजाम करने की मांग की है.
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