अब इनकम टैक्स रिटर्न में देने होंगे दो एड्रेस, ITR फॉर्म में जुड़ा नया कॉलम; टैक्सपेयर्स के लिए बदला नियम
आयकर विभाग ने AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब ITR-1 से ITR-7 तक सभी फॉर्म में Primary Address के साथ Secondary Address भी देना होगा. इसका मकसद टैक्सपेयर्स से बेहतर संपर्क बनाए रखना है. अगर किसी के पास एक ही पता है, तो जरूरत पड़ने पर वही पता दोनों जगह दर्ज किया जा सकता है.
ITR Filing 2026: आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (AY 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है. अब टैक्सपेयर्स को ITR दाखिल करते समय अपने मुख्य पते के साथ एक अतिरिक्त पता भी देना होगा. यह नया फील्ड ITR-1 से लेकर ITR-7 तक सभी रिटर्न फॉर्म में जोड़ा गया है.
किन लोगों पर लागू होगा नया नियम?
यह बदलाव वेतनभोगी कर्मचारियों, प्रोफेशनल्स, कारोबारियों, फर्म, LLP, कंपनियों और ट्रस्ट समेत सभी तरह के टैक्सपेयर्स पर लागू होगा. यानी जो भी व्यक्ति या संस्था ITR-1 से ITR-7 के किसी भी फॉर्म के जरिए रिटर्न दाखिल करेगें, उसे यह जानकारी देनी होगी.
क्यों जोड़ा गया सेकेंडरी एड्रेस ?
आयकर विभाग ने इस बदलाव की अलग से कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है. हालांकि टैक्स जानकारों का मानना है कि इसका मकसद टैक्सपेयर्स का रिकॉर्ड अधिक सटीक बनाना और विभाग के साथ संपर्क व्यवस्था को बेहतर करना है. यह अतिरिक्त पता उस स्थिति में काम आ सकता है, जब कोई व्यक्ति अपना निवास बदल चुका हो या उसके व्यक्तिगत और व्यावसायिक पते अलग-अलग हों.
क्या एक ही पता दोनों जगह दे सकते हैं?
आयकर कानून में “Secondary Address” की कोई अलग परिभाषा नहीं दी गई है. अगर किसी टैक्सपेयर का केवल एक ही पता है और ई-फाइलिंग सिस्टम इसकी अनुमति देता है, तो वह वही पता Primary और Secondary Address दोनों जगह दर्ज कर सकता है.
ITR भरते समय किन बातों का रखें ध्यान?
रिटर्न भरते समय पता पूरी तरह सही और स्पष्ट होना चाहिए. इसमें मकान या फ्लैट नंबर, गली, मोहल्ला, शहर, राज्य और पिन कोड जैसी सभी जानकारी सही तरीके से दर्ज करें.
अगर रिटर्न जमा करने के बाद पता गलत दर्ज होने का पता चलता है, तो आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत तय समय सीमा के भीतर संशोधित रिटर्न (Revised Return) दाखिल कर इसे ठीक किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर टैक्सपेयर्स अपने ई-फाइलिंग प्रोफाइल में भी पता अपडेट कर सकते हैं.
क्यों जरूरी है सही पता?
रिटर्न में सही पता दर्ज होने से आयकर विभाग की ओर से भेजे जाने वाले नोटिस या दूसरी जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सकेंगी. इसलिए ITR जमा करने से पहले पर्सनल जानकारी वाले सेक्शन की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है. इससे रिटर्न में गलती की संभावना कम होगी और भविष्य में विभाग के साथ संपर्क बनाए रखने में आसानी होगी.
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