इनकम छिपाना पड़ेगा भारी! 200% तक लग सकता है जुर्माना, ITR में न करें ये 6 गलतियां
ITR फाइल करने में देरी या इनकम की गलत जानकारी देना टैक्सपेयर्स को महंगा पड़ सकता है. सेक्शन 234F के तहत 5,000 रुपये तक लेट फीस लग सकती है. वहीं, इनकम कम दिखाने पर टैक्स का 50 फीसदी और मिसरिपोर्टिंग के मामले में 200 फीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है. दूसरी टैक्स चूक पर भी अलग पेनाल्टी का प्रावधान है.
Income Tax Penalty: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरते समय छोटी सी गलती भी टैक्सपेयर्स की जेब पर भारी पड़ सकती है. अगर आपने तय समय तक ITR नहीं भरा या अपनी पूरी इनकम की सही जानकारी नहीं दी, तो आपको फीस, ब्याज और जुर्माना देना पड़ सकता है. कुछ मामलों में गलत तरीके से दिखाई गई इनकम पर बनने वाले टैक्स का 200 फीसदी तक जुर्माना लग सकता है.
सिर्फ समय पर ITR भरना ही काफी नहीं
टैक्सपेयर्स के लिए केवल तय तारीख तक ITR फाइल करना ही जरूरी नहीं है. उन्हें अपनी इनकम के सभी सोर्स की सही जानकारी भी देनी होती है. इसके अलावा तय समय पर टैक्स का पेमेंट और जहां जरूरी हो वहां बुक्स या रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है.
ऐसे में इन 6 नियमों का पालन नहीं करने पर गलती की प्रकृति के आधार पर फीस या जुर्माना लगाया जा सकता है.
1. देर से ITR भरने पर ₹5,000 तक फीस
ITR की डेडलाइन चूकना टैक्सपेयर्स की आम गलतियों में से एक है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234F के तहत तय समय के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर 5,000 रुपये तक की लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ सकती है.
हालांकि, अगर टैक्सपेयर की कुल इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है, तो लेट फाइलिंग फीस 1,000 रुपये तक सीमित है. यह जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से दी गई है.
2. कम इनकम दिखाने पर 50% जुर्माना
इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 270A इनकम को कम दिखाने यानी अंडर-रिपोर्टिंग और गलत जानकारी देने यानी मिसरिपोर्टिंग से जुड़ा है. अगर कोई टैक्सपेयर अपनी इनकम को कम दिखाता है, तो अंडर-रिपोर्ट की गई इनकम पर बनने वाले टैक्स का 50 फीसदी जुर्माना लगाया जा सकता है.
3. गलत जानकारी दी तो 200% तक पेनाल्टी
अगर इनकम की अंडर-रिपोर्टिंग को मिसरिपोर्टिंग माना जाता है, तो जुर्माना और बढ़ जाता है. तथ्यों को छिपाना, गलत एंट्री दर्ज करना या गलत दावा करना मिसरिपोर्टिंग के दायरे में आ सकता है. ऐसे मामलों में गलत तरीके से रिपोर्ट की गई इनकम पर बनने वाले टैक्स का 200 फीसदी जुर्माना लगाया जा सकता है.
4. टैक्स भुगतान में चूक पर भी पेनाल्टी
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 221(1) के तहत टैक्स के भुगतान में चूक होने पर असेसिंग ऑफिसर जुर्माना तय कर सकता है. हालांकि, यह जुर्माना बकाया टैक्स की रकम से ज्यादा नहीं हो सकता है. इसके अलावा टैक्सपेयर को जहां लागू हो, टैक्स और ब्याज का पेमेंट भी करना पड़ सकता है.
5. TDS या TCS स्टेटमेंट में देरी पर रोजाना ₹200 फीस
TDS या TCS स्टेटमेंट फाइल करने में देरी भी महंगी पड़ सकती है. सेक्शन 234E के तहत देरी होने पर हर दिन 200 रुपये की फीस लग सकती है. हालांकि, यह फीस TDS या TCS की रकम तक सीमित होगी.
6. बुक्स ऑफ अकाउंट नहीं रखे तो ₹25,000 जुर्माना
जहां नियमों के तहत बुक्स ऑफ अकाउंट रखना जरूरी है, वहां ऐसा नहीं करने पर पेनाल्टी लग सकती है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 271A के तहत बुक्स ऑफ अकाउंट मेंटेन नहीं करने पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
ITR भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, अलग-अलग तरह की चूक के लिए इनकम टैक्स एक्ट के अलग प्रावधानों के तहत फीस और जुर्माना लगाया जाता है. पेनाल्टी गलती की प्रकृति पर निर्भर करती है. इसके अलावा जहां लागू हो, टैक्सपेयर्स को संबंधित टैक्स और ब्याज भी चुकाना पड़ सकता है.
ऐसे में तय तारीख तक ITR फाइल करना, इनकम के सभी सोर्स की सही जानकारी देना और समय पर टैक्स चुकाना जरूरी है. साथ ही, जहां जरूरी हो वहां रिकॉर्ड रखने और ऑडिट से जुड़े नियमों का पालन करना टैक्स नोटिस, अतिरिक्त खर्च और लंबे विवाद से बचने में मदद कर सकता है.
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