EPFO New Rules 2026: PF निकासी से लेकर क्लेम तक बदले 8 बड़े नियम, जानें आपके लिए क्या हुआ नया
EPFO ने 2026 के लिए नई EPF, EPS और EDLI स्कीम लागू की है. नई व्यवस्था में PF योगदान के नियम पहले जैसे ही रखे गए हैं, लेकिन निकासी, वेज सीलिंग, नॉमिनेशन और क्लेम प्रक्रिया में कई बदलाव किए गए हैं. अब निकासी के नियम आसान होंगे, ऑनलाइन नॉमिनेशन को मान्यता मिलेगी और PF क्लेम 20 दिन में निपटाने का लक्ष्य रखा गया है.
EPF New Rules: देश के करोड़ों EPF अकाउंट होल्डर्स के लिए अहम खबर है. EPFO ने 2026 के लिए नई EPF, EPS और EDLI स्कीम लागू की है. नई सिस्टम में कर्मचारियों के मौजूदा फायदे बरकरार रखे गए हैं, लेकिन PF निकासी, क्लेम प्रोसेस, नॉमिनेशन और जवाबदेही से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है. इन बदलावों का मकसद प्रक्रिया को आसान, डिजिटल और अधिक ट्रांसपेरेंट बनाना है. आइए जानते हैं 2026 के 8 बड़े PF अपडेट.
PF योगदान के नियम में कोई बदलाव नहीं
नई स्कीम में कर्मचारियों के PF योगदान के नियम पहले जैसे ही रहेंगे. कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी EPF में जमा करेंगे और नियोक्ता भी बराबर का योगदान देगा. 15000 रुपये की मासिक बेसिक सैलरी तक EPF योगदान अनिवार्य रहेगा. इससे अधिक योगदान पहले की तरह स्वैच्छिक (Voluntary) रहेगा.
वेज सीलिंग बदलना होगा आसान
नई स्कीम में 15000 रुपये की वेज सीलिंग का सीधा उल्लेख हटा दिया गया है. अब इसकी जगह केंद्र सरकार द्वारा लिस्टेड वेज सीलिंग का जिक्र किया गया है. इससे भविष्य में सरकार केवल नोटिफिकेशन जारी कर वेज सीलिंग बदल सकेगी और स्कीम में बदलाव की जरूरत नहीं होगी.
PF निकासी के नियम हुए आसान
EPFO ने निकासी के नियमों को पहले से सरल बनाया है. अब कई अलग -अलग शर्तों की जगह निकासी को तीन मेन कैटेगरी में बांटा गया है. इनमें जरूरी जरूरतें, मकान और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं. इससे सदस्यों के लिए नियम समझना आसान होगा.
PF बैलेंस में लागू होगा 25 और 75 का नियम
नई सिस्टम के तहत EPFO PF बैलेंस को दो हिस्सों में रखेगा. कुल राशि का 25 फीसदी हिस्सा न्यूनतम बैलेंस के रूप में रहेगा. जबकि 75 फीसदी राशि पात्रता के अनुसार आंशिक निकासी के लिए उपलब्ध होगी.
सभी निकासी के लिए एक जैसा सर्विस नियम
पहले अलग- अलग कारणों से PF निकासी के लिए अलग -अलग सर्विस अवधि तय थी. अब ज्यादातर कैटेगरी में 12 महीने की सर्विस अनिवार्य होगी. मेडिकल जरूरत के लिए भी अब 12 महीने की सर्विस पूरी करनी होगी.
नौकरी छोड़ने के बाद बढ़ा इंतजार
नई स्कीम के तहत नौकरी छोड़ने के बाद पूरा PF निकालने के लिए अब 12 महीने तक इंतजार करना होगा. पहले यह अवधि 2 महीने थी. हालांकि आंशिक निकासी की सुविधा जारी रहेगी. वहीं EPS के तहत इंतजार की अवधि बढ़ाकर 36 महीने कर दी गई है.
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नॉमिनेशन और क्लेम प्रक्रिया हुई डिजिटल
नई सिस्टम में फिजिकल फॉर्म 2 को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा. अब ऑनलाइन नॉमिनेशन को आधिकारिक मान्यता दी गई है. इसके साथ ही PF क्लेम का निपटारा 20 दिन के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है. यदि बिना उचित कारण क्लेम में देरी होती है तो 12 फीसदी पेनल इंटरेस्ट देना होगा. यह अमाउंट संबंधित क्षेत्रीय PF आयुक्त के वेतन से वसूली जा सकती है.
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