Infosys Q2 Results: मुनाफा 6.2% बढ़कर ₹7823 करोड़, हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड का ऐलान
इंफोसिस का Q2 FY27 नेट प्रॉफिट 6.2% बढ़कर 7823 करोड़ रुपये रहा. रेवेन्यू 10.7 फीसदी बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये पहुंचा, लेकिन कंपनी ने FY27 का रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस घटाया है. खास बात ये भी है कि कंपनी ने 26 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है.

देश की दिग्गज IT कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 6.2 फीसदी की बढ़त के साथ 7,823 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है. इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 10.7 फीसदी बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, मुनाफे के मामले में कंपनी ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों के अनुमान से पीछे रही, जबकि रेवेन्यू अनुमान से बेहतर रहा.
ग्लोबल लेवल पर जारी अनिश्चितता और कंपनियों की ओर से खर्च में सावधानी को देखते हुए इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस में कटौती की है. कंपनी ने अब 1 फीसदी से 2 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान दिया है, जबकि पहले यह अनुमान 1.5 फीसदी से 3 फीसदी था. कंपनी को बड़े सौदे मिलने के बावजूद रेवेन्यू ग्रोथ में नरमी देखने को मिली है.
तिमाही आधार पर मुनाफे में 0.7% की बढ़त
30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में इंफोसिस का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 6.2% बढ़कर 7,823 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, तिमाही आधार पर मुनाफे में 0.7% की मामूली बढ़त दर्ज की गई. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.7% बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये रहा. इस बढ़त में लाइफ साइंसेज के साथ एनर्जी, यूटिलिटीज, रिसोर्सेज और सर्विसेज से जुड़े कारोबार का बड़ा योगदान रहा. स्थिर मुद्रा यानी कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 1.2% और सालाना आधार पर 1.5% की बढ़त हुई.
ब्लूमबर्ग के अनुमान से कैसा रहा प्रदर्शन?
इंफोसिस का मुनाफा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुमान से कम रहा, जबकि रेवेन्यू अनुमान से अधिक दर्ज किया गया. रिपोर्ट में कंपनी का रेवेन्यू 49,107.9 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 7,904 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था. भौगोलिक आधार पर देखें तो उत्तरी अमेरिका में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1.6% घटा. स्थिर मुद्रा के आधार पर इसमें 1.5% की गिरावट रही. वहीं, यूरोप में रेवेन्यू 3.9% बढ़ा. दुनिया के दूसरे बाजारों में सालाना आधार पर 15% की बढ़त दर्ज की गई.
₹5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे मिले
इंफोसिस के CEO और MD सलिल पारेख ने कहा कि कंपनी को दूसरी तिमाही में 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे मिले. इनमें 2 अरब डॉलर से अधिक का एक मेगा डील भी शामिल है. कुल सौदों में 62% हिस्सा नेट न्यू डील का रहा. इसका मतलब है कि ये सौदे मौजूदा कारोबार के विस्तार के बजाय नए कारोबार से जुड़े थे. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी को 3.6 अरब डॉलर के सौदे मिले थे. इस लिहाज से दूसरी तिमाही में बड़े सौदों का कुल मूल्य बढ़ा है.
सलिल पारेख ने बताया कि कंपनी के कुल रेवेन्यू में AI से होने वाली कमाई की हिस्सेदारी 10.5% रही. AI से रेवेन्यू तिमाही आधार पर 29% बढ़ा. उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियां बड़े स्तर पर AI अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. ऐसे में AI से होने वाली कमाई में बढ़त कंपनी की तकनीकी क्षमता और ग्राहकों के भरोसे को दिखाती है.
उन्होंने आगे कहा कि इंफोसिस दुनिया की कई बड़ी कंपनियों को AI रणनीति बनाने में सलाह दे रही है. कंपनी AI के इस्तेमाल से कारोबार को फायदा पहुंचाने के लिए अपनी तकनीकी और क्षेत्र-विशेष की क्षमताओं में निवेश जारी रखेगी.
ऑपरेटिंग मार्जिन 21%, फ्री कैश फ्लो 928 मिलियन डॉलर
इंफोसिस के CFO जयेश संघराजका ने बताया कि दूसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 21% रहा. उनके मुताबिक, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लागत और परिचालन क्षमता पर ध्यान देने से मार्जिन स्थिर रखने में मदद मिली. कंपनी का फ्री कैश फ्लो 928 मिलियन डॉलर रहा, जो नेट प्रॉफिट का 113.3% है. CFO ने इसे कंपनी की वित्तीय मजबूती का संकेत बताया. कंपनी के बोर्ड ने 26 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है. यह पिछले साल के मुकाबले 13% अधिक है.
कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 3.32 लाख से ज्यादा
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के अंत में इंफोसिस के कर्मचारियों की कुल संख्या 3,32,542 रही. कंपनी ने पहली तिमाही के मुकाबले 4,480 कर्मचारियों को जोड़ा.इस दौरान कंपनी की एट्रिशन रेट 12.7% रही. एट्रिशन रेट से पता चलता है कि एक निश्चित अवधि में कितने कर्मचारी कंपनी छोड़कर गए.ॉ
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