न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ FTA को मंजूरी दी, 19 अक्टूबर से लागू हो सकती है डील, निर्यातकों को होगा फायदा

India-New Zealand FTA: समझौते के तहत, भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के लगभग 95% निर्यात पर टैरिफ (आयात शुल्क) या तो पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे या काफी कम कर दिए जाएंगे. समझौते के दायरे में आने वाले न्यूजीलैंड के आधे से अधिक निर्यात लागू होने के पहले दिन से ही ड्यूटी-फ्री हो जाएंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन (फाइल फोटो) Image Credit: PTI

India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ अपने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लागू करने के लिए कानून पास किया, जिससे इस समझौते को लागू करने की दिशा में एक अहम कदम पूरा हो गया. इस कानून को विपक्षी लेबर पार्टी के समर्थन से 93-29 वोटों से मंजूरी मिली. समझौते के तहत, भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के लगभग 95% निर्यात पर टैरिफ (आयात शुल्क) या तो पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे या काफी कम कर दिए जाएंगे.

ड्यूटी-फ्री एक्सेस

अप्रैल में दोनों देशों के बीच हुए भारत-न्यूजीलैंड FTA के तहत, समझौता लागू होने पर भारतीय निर्यात के 100% हिस्से को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री (बिना शुल्क के) पहुंच मिलेगी. उम्मीद है कि इस समझौते से टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, प्रोसेस्ड फूड, सिरेमिक, कालीन और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर के भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा.

अक्टूबर में लागू हो जाएगा समझौता

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि भारत को उम्मीद है कि यह समझौता अक्टूबर के दूसरे हिस्से में लागू हो जाएगा. एक अधिकारी ने 19 अक्टूबर को संभावित तारीख बताया है. दोनों पक्षों द्वारा जरूरी ऑपरेशनल प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अंतिम तारीख की घोषणा की जाएगी.

न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कानून पास होने का स्वागत करते हुए कहा, ‘निर्यातकों के लिए इसके फायदे तुरंत और बड़े पैमाने पर होंगे.’

95% निर्यात पर टैरिफ खत्म

समझौते के दायरे में आने वाले न्यूजीलैंड के आधे से अधिक निर्यात लागू होने के पहले दिन से ही ड्यूटी-फ्री हो जाएंगे, जबकि समझौता पूरी तरह लागू होने पर भारत को होने वाले उसके 95% निर्यात पर टैरिफ खत्म या काफी कम हो जाएंगे.

20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश

इस समझौते में न्यूजीलैंड का अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने का वादा भी शामिल है. वहीं, भारत ने डेयरी और कई कृषि उत्पादों जैसे संवेदनशील सेक्टर के लिए सुरक्षा उपाय बनाए रखे हैं.

रॉयटर्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच जून 2026 तक के साल में लगभग 3.99 अरब न्यूजीलैंड डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ. भारत, गुड्स और सर्विसेज के निर्यात के लिए न्यूजीलैंड का नौवां सबसे बड़ा बाजार है.

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