BHEL और Titagarh Rail ने मिलाया हाथ, Vande Bharat Sleeper के लिए 35 साल का बड़ा प्लान; रखें नजर

BHEL और Titagarh Rail Systems ने Vande Bharat Sleeper ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए 35 साल का ज्वाइंट वेंचर बनाया है. दोनों कंपनियों की इसमें 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. शुरुआती पेड-अप शेयर कैपिटल 50 लाख रुपये रखा गया है और ज्वाइंट वेंचर का रजिस्टर्ड ऑफिस दिल्ली में होगा. इस साझेदारी में दोनों कंपनियां अपनी टेक्निकल और ऑपरेशनल कैपेबिलिटी का इस्तेमाल करेंगी.

वंदे भारत Image Credit: PTI

Highlights

  • BHEL और Titagarh Rail Systems ने Vande Bharat Sleeper मेंटेनेंस के लिए JV बनाया है.
  • 35 साल तक Vande Bharat Sleeper ट्रेनों के मेंटेनेंस से जुड़ा होगा यह ज्वाइंट वेंचर.
  • 50 लाख रुपये का शुरुआती पेड-अप शेयर कैपिटल, जबकि रजिस्टर्ड ऑफिस दिल्ली में होगा.

BHEL और Titagarh Rail Systems ने Vande Bharat Sleeper ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए ज्वाइंट वेंचर (JV) बनाने की घोषणा की है. दोनों कंपनियों के बीच यह साझेदारी 35 साल की अवधि के लिए होगी. इस ज्वाइंट वेंचर में BHEL और Titagarh Rail Systems की हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत होगी. शेयर बाजार में इन दोनों कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है, क्योंकि यह समझौता रेलवे के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉन्ग-टर्म मेंटेनेंस बिजनेस से जुड़ा है.

35 साल तक Vande Bharat Sleeper का मेंटेनेंस

इस ज्वाइंट वेंचर का मुख्य उद्देश्य Vande Bharat Sleeper ट्रेनों के मेंटेनेंस से जुड़ी गतिविधियों को संभालना है. दोनों कंपनियां मिलकर ट्रेनों की ऑपरेशनल रेडीनेस, सेफ्टी और रिलायबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगी. 35 साल की लंबी अवधि इस समझौते को खास बनाती है, क्योंकि इससे दोनों कंपनियों को लंबे समय तक रेलवे मेंटेनेंस से जुड़े बिजनेस में बने रहने का अवसर मिलेगा.

50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी

ज्वाइंट वेंचर में दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी बराबर होगी. BHEL और Titagarh Rail Systems प्रत्येक 50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेंगे. शुरुआती पेड-अप शेयर कैपिटल 50 लाख रुपये रखा गया है. कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस दिल्ली में होगा. बोर्ड में दोनों कंपनियों की ओर से दो-दो डायरेक्टर नियुक्त किए जाएंगे.

दोनों कंपनियों की टेक्निकल कैपेबिलिटी

इस साझेदारी में दोनों कंपनियां अपनी-अपनी टेक्निकल और ऑपरेशनल कैपेबिलिटी का इस्तेमाल करेंगी. BHEL के पास रेलवे और हैवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स का अनुभव है, जबकि Titagarh Rail Systems रेलवे रोलिंग स्टॉक और रेल कोच मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती है.

ऐसे में Vande Bharat Sleeper ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जा सकता है. ज्वाइंट वेंचर का फोकस सेफ्टी, रिलायबिलिटी और बेहतर मेंटेनेंस सपोर्ट पर रहेगा.

शेयरों पर क्यों रखें नजर

निवेशकों के लिए इस खबर का महत्व मुख्य रूप से लॉन्ग-टर्म बिजनेस अवसर को लेकर है. 35 साल का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट रेलवे सेक्टर में दोनों कंपनियों की मौजूदगी को मजबूत कर सकता है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस ज्वाइंट वेंचर से जुड़ी ऑर्डर वैल्यू, संभावित रेवेन्यू या प्रॉफिट का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है. इसलिए केवल इस घोषणा के आधार पर कंपनियों के फाइनेंशियल प्रदर्शन पर किसी निश्चित असर का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा.

Vande Bharat नेटवर्क के विस्तार के साथ रेलवे से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस बिजनेस में नए अवसर बन रहे हैं. ऐसे में BHEL और Titagarh Rail Systems का यह ज्वाइंट वेंचर दोनों कंपनियों के लिए लॉन्ग-टर्म बिजनेस एक्सपोजर बढ़ाने वाला कदम हो सकता है. निवेशकों को अब इस JV की आगे की प्रोग्रेस, ऑपरेशनल रेडीनेस और इससे जुड़ी संभावित बिजनेस एक्टिविटी पर नजर रखनी चाहिए.

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