दिवाली तक फ्री रहेगा UPI से पेमेंट, त्योहारी सीजन बाद 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर लगेगा चार्ज

UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की प्रक्रिया को दिवाली के ठीक बाद तक टाल दिया गया है. इसे लागू करने की नई तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी.

यूपीआई पेमेंट Image Credit: Money9live/Canva

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को कहा कि चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की प्रक्रिया को दिवाली के ठीक बाद तक टाल दिया गया है. यानी 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई पेमेंट दिवाली तक फ्री रहेंगे.

त्योहारी सीजन के चलते लिया गया फैसला

इसे लागू करने की नई तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी. NPCI ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंगलवार (13 अक्टूबर) को यह फैसला लिया.

15 अक्टूबर से होना था लागू

NPCI ने कहा, ‘UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने आज फैसला किया है कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए, चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा, जिसकी तारीख अलगै से बताई जाएगी.’ इसे पहले 15 अक्टूबर से लागू किया जाना था.

क्या है MDR?

MDR एक फीस है जो डिजिटल पेमेंट सिस्टम के जरिए मर्चेंट ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने से जुड़ी होती है. प्रस्तावित चार्ज चुनिंदा P2M UPI ट्रांजैक्शन से जुड़े हैं, जिनमें ग्राहक मर्चेंट को पेमेंट करते हैं.

जानकारी के मुताबिक, 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होना था. बताए गए स्ट्रक्चर में 75,000 रुपये और उससे अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए 300 रुपये की अधिकतम सीमा (कैप) और कुछ खास कैटेगरी के लिए 5 रुपये का फ्लैट रेट भी शामिल था.

रिटेलर्स ने की थी छूट की मांग

त्योहारों के मौसम में राहत की मांग करने वाले व्यापारी संगठनों की मांगों के बाद यह टाला गया है. ET की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने टालने, छोटे व्यापारियों के लिए छूट की सीमा बढ़ाने और व्यापारी-से-व्यापारी लेन-देन में छूट की मांग की थी.

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