तेल की कीमतों में तूफानी तेजी, क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार; जानें आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल की कीमत
10 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ. ब्रेंट क्रूड 101.34 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 96.55 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और यूएस-ईरान कॉन्फ्लिक्ट के कारण ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है.

Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम गुरुवार, 10 सितंबर को भी स्थिर रहे. ब्रेंट क्रूड 101.34 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 96.55 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और यूएस-ईरान कॉन्फ्लिक्ट के कारण ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है.
दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में पेट्रोल के रेट
10 सितंबर को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है. कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये प्रति लीटर है. इसके अलावा हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये और बेंगलुरु में 110.89 रुपये प्रति लीटर है.
डीजल की कीमतों में भी बदलाव नहीं
डीजल के दाम भी देश के प्रमुख शहरों में स्थिर रहे. दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है. कोलकाता में यह 99.82 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है. हैदराबाद में डीजल 103.82 रुपये और बेंगलुरु में 98.80 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है.
क्रूड ऑयल में तेजी, इंडिया में फ्यूल प्राइस स्थिर
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण आई है. ईरान और यूएस के बीच बढ़ते कॉन्फ्लिक्ट से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. इसके अलावा गल्फ क्षेत्र में कमर्शियल वेसल्स पर हमलों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान की खबरों ने भी सप्लाई रिस्क बढ़ाया है.
हालांकि, इंटरनेशनल क्रूड की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव का असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है. स्टेट-रन ऑयल मार्केटिंग कंपनियां फ्यूल प्राइसेज तय करते समय इंटरनेशनल क्रूड प्राइसेज के साथ रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट, रिफाइनिंग कॉस्ट्स, टैक्सेज और डीलर मार्जिन जैसे कई फैक्टर्स को ध्यान में रखती हैं.
इंडिया में फ्यूल डिमांड में भी आई गिरावट
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में इंडिया की फ्यूल कंजम्पशन महीने-दर-महीने 6.3 प्रतिशत घटकर 18.61 मिलियन मेट्रिक टन्स रह गई. यह करीब दो वर्षों का सबसे निचला स्तर है. ऐसे समय में जब ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, डोमेस्टिक फ्यूल डिमांड में गिरावट भी महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है.
फिलहाल, ग्लोबल ऑयल मार्केट में सप्लाई कंसर्न्स बढ़ने के बावजूद इंडियन कंज्यूमर्स को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं मिला है. आने वाले दिनों में क्रूड प्राइसेज की दिशा और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर फ्यूल रेट्स की अगली चाल निर्भर कर सकती है.
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