मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बूस्ट देने की तैयारी, QCO नियमों में बड़ा बदलाव; AC, Toys समेत 10 सेक्टर को मिलेगी राहत
केंद्र सरकार ने QCO नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए AC, Toys, PPE, फुटवियर, फर्नीचर, वॉशिंग मशीन और अन्य 10 मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत दी है. नए ट्रांजिशन फ्रेमवर्क के तहत कंपनियों को QCO मानकों का पालन करने के लिए चरणबद्ध समय मिलेगा.

QCO Rules: केंद्र सरकार ने देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत देने के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. सरकार ने एयर कंडीशनर, खिलौने, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE), फुटवियर, फर्नीचर, वॉशिंग मशीन, वॉटर हीटर और अन्य चुनिंदा उत्पादों से जुड़े मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक नया ट्रांजिशन फ्रेमवर्क लागू किया है. इस व्यवस्था के तहत कंपनियों को QCO के सभी. नियमों का तुरंत पालन करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से कंप्लायंस करने की सुविधा मिलेगी. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और DPIIT ने गुरुवार को इस नई योजना की अधिसूचना जारी की. सरकार के अनुसार, यह व्यवस्था अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी. इसका उद्देश्य उद्योगों को क्वालिटी मानकों का पालन करने के लिए पर्याप्त समय देना है, ताकि प्रोडक्शन और सप्लाई चेन पर किसी तरह का नकारात्मक असर न पड़े.
दो साल के लिए मिलेगा लाइसेंस
नई व्यवस्था के तहत जारी किए जाने वाले लाइसेंस की प्रारंभिक वैधता दो वर्ष होगी. इसके बाद कंपनियों के प्रदर्शन और नियमों के कंप्लायंस के आधार पर लाइसेंस का रिन्यू किया जा सकेगा. सरकार का मानना है कि इससे कंपनियों को अपनी प्रोडक्शन प्रक्रियाओं और सप्लाई चेन को नए क्वालिटी मानकों के अनुरूप तैयार करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा.
10 उद्योगों को मिलेगा फायदा
यह ट्रांजिशन सुविधा 10 विभिन्न उद्योग क्षेत्रों पर लागू होगी. इनमें एयर कंडीशनर, खिलौने, PPE, फुटवियर, फर्नीचर, वॉशिंग मशीन, वॉटर हीटर और कुछ अन्य इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स शामिल हैं. सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कंपनियां अभी भी इम्पोर्टेड रॉ मैटेरियल और कंपोनेंट्स पर निर्भर हैं. यदि क्वालिटी नियमों को तत्काल पूरी तरह लागू किया जाता, तो प्रोडक्शन प्रभावित होने के साथ-साथ कई उद्योगों की सप्लाई चेन भी बाधित हो सकती थी.
चीन से आयात पर निर्भर कंपनियों को सबसे बड़ी राहत
इस फैसले का सबसे अधिक लाभ उन कंपनियों को मिलने की उम्मीद है, जो चीन से रॉ मैटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और अन्य आवश्यक पुर्जों का आयात करती हैं. वर्तमान व्यवस्था में इम्पोर्टेड प्रोडक्ट्स और कंपोनेंट्स को भी भारत के QCO का पालन करना पड़ता है.
इससे कई कंपनियों को समय, लागत और कंप्लायंस संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था. नई ट्रांजिशन व्यवस्था के तहत पात्र कंपनियों को निर्धारित शर्तों के साथ इम्पोर्टेड इनपुट का उपयोग करने में अधिक लचीलापन मिलेगा. इससे प्रोडक्शन प्रक्रिया बाधित नहीं होगी और घरेलू मैन्यूफेक्चरिंग को भी गति मिलने की उम्मीद है.
DPIIT की समिति करेगी आवेदनों की जांच
इस योजना का लाभ लेने के लिए कंपनियों को DPIIT के पास आवेदन करना होगा. सभी आवेदनों की जांच एक विशेष समिति करेगी, जिसका गठन विभाग द्वारा किया जाएगा. समिति कंपनियों की तकनीकी क्षमता, क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, पूर्व कंप्लायंस रिकॉर्ड और भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की प्रतिबद्धता जैसे विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन करेगी.
इस समिति में वाणिज्य विभाग, उपभोक्ता मामले विभाग, DGFT और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल योग्य और विश्वसनीय कंपनियों को ही इस व्यवस्था का लाभ मिले.
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