RBI ने अप्रैल में बेचे 8.94 अरब डॉलर, रुपये को संभालने के लिए लगातार दूसरे महीने एक्शन

भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2026 में फॉरेन करेंसी मार्केट में 8.944 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री की. यह लगातार दूसरा महीना है जब RBI ने रुपये को सहारा देने के लिए डॉलर बेचे हैं. मार्च में भी केंद्रीय बैंक ने 9.758 अरब डॉलर की बिक्री की थी.

RBI ने अप्रैल 2026 में फॉरेन करेंसी मार्केट में 8.944 अरब डॉलर की नेट सेल की. Image Credit: Money9live

RBI Dollar Sale: भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2026 में फॉरेन करेंसी मार्केट में 8.944 अरब डॉलर की नेट सेल ऑफ की है. RBI के मासिक बुलेटिन में यह जानकारी सामने आई है. यह लगातार दूसरा महीना है जब केंद्रीय बैंक ने स्पॉट करेंसी मार्केट में डॉलर बेचे हैं. मार्च में भी RBI ने 9.758 अरब डॉलर की नेट सेल ऑफ की थी. उस दौरान रुपये पर दबाव बना हुआ था और विदेशी निवेश की निकासी जारी थी. हालांकि जून में रुपये की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है.

अप्रैल में RBI ने की भारी डॉलर बिकवाली

RBI के अनुसार अप्रैल में उसने स्पॉट फॉरेन करेंसी मार्केट में कुल 16.225 अरब डॉलर की खरीदारी की. वहीं दूसरी ओर 25.169 अरब डॉलर की बिक्री की गई. इस तरह केंद्रीय बैंक ने शुद्ध रूप से 8.944 अरब डॉलर बेचे. RBI आमतौर पर फॉरेन करेंसी मार्केट में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए हस्तक्षेप करता है. अप्रैल के दौरान भी रुपये को सपोर्ट देने के लिए यह कदम उठाया गया.

लगातार दूसरे महीने बेचे डॉलर

मार्च 2026 में RBI ने 9.758 अरब डॉलर की नेट सेल्स की थी. अप्रैल में भी डॉलर बेचने का सिलसिला जारी रहा. इससे साफ है कि केंद्रीय बैंक रुपये पर बने दबाव को कम करने के लिए सक्रिय रूप से बाजार में हस्तक्षेप कर रहा था. लगातार दो महीनों तक डॉलर बिक्री यह दिखाती है कि फॉरेन करेंसी मार्केट में अस्थिरता बनी हुई थी. RBI का उद्देश्य रुपये में अत्यधिक कमजोरी को रोकना था.

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सोमवार को फिर कमजोर हुआ रुपया

हालांकि सोमवार को रुपया एक बार फिर दबाव में नजर आया. भारतीय करेंसी 30 पैसे गिरकर 94.63 प्रति डॉलर पर बंद हुई. पिछले वित्त वर्ष के अंत यानी 31 मार्च को रुपया 94.84 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था. जानकारों का मानना है कि आगे रुपये की चाल वैश्विक हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुख पर निर्भर करेगी.