RBI MPC Meeting: बुधवार को ब्याज दरों पर फैसला, 25 बेसिस प्वाइंट रेपो रेट बढ़ने की उम्मीद, महंगाई पर भी नजर

भारतीय रिजर्व बैंक बुधवार को मौद्रिक नीति का ऐलान करेगा. गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10 बजे रेपो रेट पर फैसला बताएंगे. अगर दर बढ़ती है तो यह 2025 में 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद बड़ा बदलाव होगा. अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी.

RBI बुधवार को मौद्रिक नीति का ऐलान करेगा. Image Credit:

भारतीय रिजर्व बैंक बुधवार को मौद्रिक नीति का ऐलान करेगा. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10 बजे ब्याज दरों पर फैसला बताएंगे. यह फैसला मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की बैठक के बाद लिया जाएगा. माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह पिछले कई महीनों से जारी ब्याज दरों में स्थिरता के बाद बड़ा बदलाव होगा. फिलहाल रिजर्व बैंक की रेपो रेट 5.25 फीसदी है.

25 बेसिस प्वाइंट बढ़ सकती है रेपो रेट

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर लोगों को 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद है. एक्सपर्ट का मानना है कि रिजर्व बैंक इस बार ब्याज दरों को बढ़ा सकता है. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक का रुख भी सख्त रह सकता है. हालांकि रुख में बदलाव होगा या नहीं इसे लेकर राय बंटी हुई है. कुछ जानकारों का मानना है कि रिजर्व बैंक तुरंत ब्याज दर बढ़ाने से बच सकता है.

2025 में 125 बेसिस प्वाइंट की हुई थी कटौती

रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है तो यह रिजर्व बैंक के रुख में बड़ा बदलाव होगा. रिजर्व बैंक ने 2025 में कुल चार बार ब्याज दरों में कटौती की थी. इन चार कटौतियों में कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कमी की गई थी. इसके बाद लंबे समय तक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया. अब संभावित बढ़ोतरी से ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म होने का संकेत मिल सकता है.

फरवरी 2023 में आखिरी बार बढाई थी दर

रिजर्व बैंक ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो रेट बढ़ाई थी. उस समय केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6.50 फीसदी कर दिया था. इसके बाद 2023 और 2024 के दौरान रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया. इसके बाद 2025 में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती शुरू की थी. फिलहाल रेपो रेट 5.25 फीसदी पर है.

महंगाई पर भी रहेगी नजर

मौद्रिक नीति के फैसले में महंगाई एक अहम मुद्दा रहेगी. सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा महंगाई को 4 फीसदी पर रखने की जिम्मेदारी दी है. इसमें 2 फीसदी ऊपर या नीचे जाने की गुंजाइश है. अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई. जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी. ऐसे में महंगाई में बढ़ोतरी भी रिजर्व बैंक के फैसले को प्रभावित कर सकती है.

रुख में बदलाव पर भी रहेगी नजर

बुधवार के फैसले में सिर्फ रेपो रेट ही नहीं बल्कि रिजर्व बैंक के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी. ज्यादातर प्रतिभागियों को 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद है. हालांकि रुख को लेकर एक्सपर्ट की राय अलग- अलग है. कुछ जानकार मानते हैं कि ब्याज दर बढ़ाना जरूरी हो सकता है. वहीं कुछ के अनुसार केंद्रीय बैंक इस बैठक में दर बढ़ाने से बच सकता है.