RIL Q2 Results: रिलायंस की दूसरी तिमाही के नतीजे रहे दमदार, 40% बढ़ा मुनाफा; रेवेन्यू ₹3.32 लाख करोड़

Reliance Industries Ltd (RIL) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 की सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 40.6% बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 18,165 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. वहीं Jio Platforms ने पहली बार अपने नतीजे जारी किए. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 14% बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये हो गया.

RIL ने जारी किया दूसरी तिमाही का रिजल्ट Image Credit:

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली Reliance Industries ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 40.6 फीसदी बढ़कर 25548 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 18165 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़कर 3.32 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू है.

कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और Jio कारोबार में मजबूत ग्रोथ से नतीजों को सहारा मिला. दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भी सालाना आधार पर 23.9% बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी की मुनाफे में बढ़ोतरी के पीछे रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार की अहम भूमिका रही. कंपनी ने कहा कि दूसरी तिमाही में उसके कारोबार ने मुश्किल कारोबारी माहौल के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया. कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहा, जबकि भू-राजनीतिक तनाव के कारण दुनियाभर की सप्लाई चेन पर दबाव रहा.

जियो के नतीजे भी रहे शानदार

वहीं इस सप्ताह की शुरुआत में शेयर बाजार में अच्छी लिस्टिंग के बाद Jio Platforms ने शुक्रवार को पहली बार अपने नतीजे जारी किए. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 14% बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये हो गया. यह बढ़ोतरी सब्सक्राइबर्स की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी, डिजिटल सर्विसेज बिजनेस में ग्रोथ और औसत प्रति यूजर रेवेन्यू (ARPU) में मामूली बढ़ोतरी के दम पर हुई.

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू एक साल पहले के 36,332 करोड़ रुपये से 11% बढ़कर 40475 करोड़ रुपये हो गया. जून तिमाही के मुकाबले भी कंपनी के प्रदर्शन में सुधार हुआ. पिछली जून तिमाही में दर्ज 7765 करोड़ रुपये के मुकाबले नेट प्रॉफिट 8% बढ़ा, जबकि तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 3% की बढ़ोतरी हुई.

EBITDA में 17% की बढ़ोतरी

कंपनी का EBITDA दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 17% बढ़ा. इसकी वजह रेवेन्यू में बढ़ोतरी, कारोबार के आकार का फायदा और मार्जिन में सुधार रहा. कंपनी का EBITDA मार्जिन 250 बेसिस पॉइंट बढ़कर 54.1% हो गया.

दूसरी तिमाही में Jio का औसत प्रति यूजर रेवेन्यू (ARPU) बढ़कर 218.8 रुपये हो गया. फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए प्रमोशनल ऑफर्स का असर बेहतर सब्सक्राइबर मिक्स और बढ़ते इस्तेमाल से मिलने वाले फायदे पर पड़ा.

दूसरी तिमाही में Jio के हर यूजर का औसत डेटा इस्तेमाल 44.2 GB प्रति महीने रहा. इस दौरान कंपनी के कुल डेटा ट्रैफिक में सालाना आधार पर 22% की बढ़ोतरी हुई. कंपनी की मासिक ग्राहक छोड़ने की दर यानी मंथली चर्न 1.6% पर स्थिर रही. तिमाही के दौरान कंपनी के साथ 9.1 मिलियन यानी 91 लाख नए सब्सक्राइबर्स जुड़े.

30 करोड़ तक पहुंची 5G सब्सक्राइबर्स की संख्या

सितंबर के अंत तक Jio के 5G सब्सक्राइबर्स की संख्या 300 मिलियन यानी 30 करोड़ हो गई. पिछले 12 महीनों में इसमें 66 मिलियन यानी 6.6 करोड़ यूजर्स जुड़े हैं. कंपनी के कुल वायरलेस ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी बढ़कर 56% हो गई. Jio के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या 30 मिलियन यानी 3 करोड़ रही. पिछले 12 महीनों में इसमें 7.3 मिलियन यानी 73 लाख नए सब्सक्राइबर्स जुड़े.

वहीं, Jio AirFiber के कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या 15.1 मिलियन यानी 1.51 करोड़ हो गई. पिछले 12 महीनों में Jio के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स में हुई कुल बढ़ोतरी में 75% से ज्यादा योगदान Jio AirFiber का रहा.

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