चीन का ’90 फीसदी मॉडल’ घातक, भारत के इन सेक्टर पर सीधा खतरा, प्रोफेसर ने बताया निपटने का फॉर्मूला

भारत के हेल्थ और इकोनॉमिक सेक्टर से जुड़ी बड़ी चर्चा TV9 नेटवर्क के WITT Summit 2026 में सामने आई है. विदेश मामलों के जानकार प्रोफेसर राम चरण ने भारत की अर्थव्यवस्था और चीन के साथ उसके आर्थिक संबंधों पर गंभीर और चेतावनी भरा नजरिया पेश किया है. उन्होंने अपने संबोधन में भारत के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों, वैश्विक संघर्षों और चीन की रणनीति को विस्तार से समझाया है.

प्रोफेसर राम चरण ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने वैश्विक महंगाई और रुपये की कमजोरी के बीच अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश की है. रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक संघर्षों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर डाला है. रूस से तेल खरीदने को लेकर दबाव और अन्य बाहरी कारणों की वजह से रुपये की कीमत 76 से गिरकर 92 प्रति डॉलर तक पहुंच गई, जिससे महंगाई बढ़ी और सट्टेबाजों को फायदा मिला. उन्होंने “जियो-इकोनॉमिक वॉर” का जिक्र करते हुए बताया कि अब युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के जरिए भी लड़ा जा रहा है. भारत का आयात 2020 में 65 अरब डॉलर से बढ़कर 2026 में 126 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और अगर यही रफ्तार जारी रही तो 2030 तक यह 739 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

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