TVS ग्रुप विवाद: कारोबार, संपत्ति और समझौता, इन 3 सवालों के ईद-गिर्द पारिवारिक कलह; बंटवारे पर क्यों है मतभेद?
TVS परिवार की कारोबारी कहानी में एक अहम पहलू यह है कि परिवार के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों का नेतृत्व करते हैं. विवाद का मुख्य सवाल ये है कि कारोबार चलाने की जिम्मेदारी बांट देना क्या परिवार की संपत्ति का अंतिम बंटवारा भी माना जा सकता है?

टीवीएस समूह (TVS Group) भारत के पुराने और बड़े कारोबारी घरानों में से एक है. इसका कारोबार दोपहिया वाहनों, ऑटो पार्ट्स, ट्रैक्टर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में फैला है. इस समूह की कंपनियों में टीवीएस मोटर कंपनी (TVS Motor Company) और ट्रैक्टर बनाने वाली TAFE जैसी कंपनियां शामिल हैं.
TVS परिवार की कारोबारी कहानी में एक अहम पहलू यह है कि परिवार के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों का नेतृत्व करते हैं. इसलिए TVS समूह में पारिवारिक मतभेद, कारोबारी नियंत्रण और कंपनियों के बीच संबंधों को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि समूह का स्ट्रक्चर कैसा है. अक्टूबर 2026 में सामने आए विवाद के केंद्र में एक ही परिवार के चार सदस्य हैं.
परिवार के चार सदस्य और उनकी भूमिका
वेणु श्रीनिवासन: टीवीएस मोटर और टीवीएस होल्डिंग्स के चेयरमैन. परिवार की संपत्ति और ट्रस्ट से जुड़े अधिकारों को लेकर विवाद के एक पक्ष में हैं.
मल्लिका श्रीनिवासन: वेणु श्रीनिवासन की पत्नी और TAFE की चेयरपर्सन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर. वह संपत्ति के बंटवारे को लेकर अलग रुख रखती हैं.
लक्ष्मी वेणु: वेणु और मल्लिका की बेटी तथा सुंदरम-क्लेटन की मैनेजिंग डायरेक्टर. वह परिवार की संपत्ति में अपने आर्थिक अधिकारों की उचित पहचान चाहती हैं.
सुदर्शन वेणु: वेणु श्रीनिवासन के बेटे और टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर.
विवाद का मुख्य सवाल
विवाद का मुख्य सवाल ये है कि कारोबार चलाने की जिम्मेदारी बांट देना क्या परिवार की संपत्ति का अंतिम बंटवारा भी माना जा सकता है? वेणु श्रीनिवासन और उनके बेटे सुदर्शन की तरफ से यह माना जाता रहा है कि परिवार के कारोबार के बंटवारे की व्यवस्था हो चुकी है.
दूसरी तरफ, मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु का कहना है कि परिवार की आर्थिक संपत्ति और उसके मालिकाना हक को लेकर ट्रांसपेरेंसी एवं सहमति वाला समझौता अभी नहीं हुआ है.
कारोबार का बंटवारा कैसे हुआ?
इस विवाद को समझने के लिए दो अहम तारीखें जानना जरूरी है.
2020: TVS के बड़े परिवार में कारोबारी बंटवारा
टीवीएस के व्यापक परिवार में कारोबार के अलग-अलग हिस्सों को लेकर बंटवारे की व्यवस्था हुई. लेकिन मल्लिका और लक्ष्मी का कहना है कि इस व्यवस्था को वेणु श्रीनिवासन के अपने परिवार के भीतर संपत्ति के अंतिम बंटवारे के बराबर नहीं माना जा सकता.
मार्च 2024: वेणु श्रीनिवासन के परिवार में समझौता
परिवार के भीतर एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) हुआ. दोनों पक्षों में मतभेद इस बात पर है कि इस समझौते का दायरा क्या था और क्या इससे संपत्ति के मालिकाना हक का बंटवारा भी पूरा हो गया था.
मल्लिका श्रीनिवासन के अनुसार, मार्च 2024 का MoU ट्रेडमार्क, ब्रांड के इस्तेमाल और प्रतिस्पर्धा न करने जैसी शर्तों से संबंधित था. उनके मुताबिक, इसमें परिवार की संपत्ति के आर्थिक मालिकाना हक का फाइनल सेटलमेंट शामिल नहीं था.
भाई-बहन के बीच संपत्ति को लेकर विवाद क्यों है?
अगली पीढ़ी में कारोबार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से इस तरह सामने आई है. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सवाल आर्थिक असमानता को लेकर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवीएस मोटर और सुंदरम-क्लेटन के कारोबार के आकार और मार्केट वैल्यू में बड़ा अंतर है.
इससे यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि कंपनियों का प्रबंधन अलग-अलग लोगों को देने के साथ-साथ परिवार की कुल संपत्ति और आर्थिक हितों का बंटवारा किस आधार पर हुआ.
हालांकि, कंपनी की जिम्मेदारी संभालना और उस कंपनी या परिवार की संपत्ति का मालिक होना दो अलग बातें हैं. किसी कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर होने भर से यह तय नहीं हो जाता कि संबंधित व्यक्ति को परिवार की दूसरी संपत्तियों में कितना हिस्सा मिलेगा.
VS Trust की भूमिका क्या है?
यह विवाद सिर्फ दो कंपनियों के बंटवारे तक सीमित नहीं है. इसमें ट्रस्ट के जरिए रखे गए शेयरों और उन पर नियंत्रण का सवाल भी शामिल है. 13 अक्टूबर 2026 को पब्लिश Livemint की रिपोर्ट के मुताबिक, वेणु श्रीनिवासन VS Trust के एकमात्र ट्रस्टी हैं.
रिपोर्ट्स में ट्रस्ट की हिस्सेदारी सुंदरम-क्लेटन में 46.83 फीसदी और टीवीएस होल्डिंग्स में 66.55 फीसदी बताई गई है. टीवीएस होल्डिंग्स के पास टीवीएस मोटर में लगभग 56 फीसदी हिस्सेदारी है.
अब अगर इस विवाद पर नजर डालें, तो मुख्य रूप से तीन सवाल निकलकर सामने आते हैं.
- ट्रस्ट का नियंत्रण: ट्रस्ट के पास मौजूद शेयरों के इस्तेमाल और उनसे जुड़े अधिकार महत्वपूर्ण हैं.
- परिवार का आर्थिक हित: परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति का अंतिम बंटवारा अलग सवाल है.
- उत्तराधिकार: भविष्य में इन आर्थिक हितों और संपत्तियों पर किसका कितना अधिकार होगा, यह विवाद का केंद्रीय मुद्दा है.
मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु ने क्या कहा?
12 अक्टूबर 2026 को मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु ने संयुक्त बयान जारी करके अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वेणु श्रीनिवासन के परिवार के भीतर आर्थिक संपत्ति के बंटवारे पर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है.
उनका कहना है कि परिवार की संपत्ति का मूल्यांकन पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और सभी संबंधित सदस्यों के आर्थिक हितों को उचित मान्यता मिलनी चाहिए.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को परिवार की सारी संपत्ति का अकेला मालिक मानकर उसके एकतरफा बंटवारे को पहले से सहमत व्यवस्था नहीं माना जा सकता.
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि TAFE में मल्लिका की भूमिका को टीवीएस परिवार के भीतर संपत्ति के बराबर बंटवारे का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए. विवाद के समाधान को लेकर कहा गया कि इसे आपसी बातचीत और निष्पक्ष समझौते के जरिए सुलझाना चाहिए.
क्या मामला अदालत तक पहुंच सकता है?
NDTV Profit की एक रिपोर्ट के अनुसार, मतभेद बढ़ने पर लक्ष्मी वेणु कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती हैं. रिपोर्ट में मद्रास हाई कोर्ट में उत्तराधिकार से जुड़ा मुकदमा संभावित विकल्प बताया गया था.
सुंदरम-क्लेटन के बोर्डरूम में भी दिखा था तनाव
अप्रैल 2026 में सुंदरम-क्लेटन के बोर्ड में कंपनी सचिव को हटाने और फिर बहाल करने को लेकर भी घटनाक्रम सामने आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में लक्ष्मी वेणु और वेणु श्रीनिवासन के बीच मतभेदों की चर्चा हुई. बाद में वेणु श्रीनिवासन ने कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका फिर संभाल ली.
इस पूरे मामले को पारिवारिक संपत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. लेकिन बोर्ड के फैसलों और संपत्ति के मालिकाना हक के विवाद को अलग-अलग समझना चाहिए. TVS Group का विवाद मूल रूप से तीन सवालों के इर्द-गिर्द घूमता है.
कारोबार, संपत्ति और समझौता
कारोबार किसके हाथ में होगा? टीवीएस मोटर का नेतृत्व सुदर्शन वेणु के पास है, जबकि सुंदरम-क्लेटन का नेतृत्व लक्ष्मी वेणु करती हैं.
परिवार की संपत्ति किसकी है? मल्लिका और लक्ष्मी का कहना है कि आर्थिक मालिकाना हक का निष्पक्ष और पारदर्शी बंटवारा अब भी बाकी है.
पुराने समझौतों का अर्थ क्या है? विवाद इस बात पर है कि 2020 के पारिवारिक बंटवारे और मार्च 2024 के MoU से कौन-कौन से अधिकार तय हुए थे.