US वीजा इंटरव्यू के लिए देने होंगे 750 डॉलर, 6 देशों में शुरू हुई नई सुविधा; क्या भारतीय भी उठा सकते हैं फायदा?
US ने B1/B2 वीजा एप्लिकेंट्स के लिए एक्सपीडाइटेड अपॉइंटमेंट पायलट प्रोग्राम शुरू किया है. इसके तहत पात्र एप्लिकेंट्स सामान्य 185 डॉलर की MRV फीस के अलावा 750 डॉलर देकर जल्दी वीजा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट ले सकते हैं. उपलब्धता होने पर 10 बिजनेस डेज के भीतर इंटरव्यू स्लॉट मिल सकता है. हालांकि, 750 डॉलर की फीस वीजा अप्रूवल या तेज प्रोसेसिंग की गारंटी नहीं देती.

US Visa: US डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने कुछ देशों के लिए नॉनइमिग्रेंट वीजा (NIV) एक्सपीडाइटेड अपॉइंटमेंट पायलट प्रोग्राम शुरू किया है. इसके तहत पात्र B1/B2 वीजा एप्लिकेंट्स अतिरिक्त 750 डॉलर की फीस देकर सामान्य प्रक्रिया के मुकाबले जल्दी वीजा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट ले सकते हैं. यह पायलट प्रोग्राम 18 अगस्त 2026 को अपडेट किया गया है और इसका उद्देश्य जरूरी यात्रा वाले एप्लिकेंट्स को 10 बिजनेस डेज के भीतर इंटरव्यू स्लॉट उपलब्ध कराना है. हालांकि, यह सुविधा अपॉइंटमेंट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी.
750 डॉलर की अतिरिक्त फीस देनी होगी
इस सुविधा का लाभ लेने वाले एप्लिकेंट्स को सामान्य 185 डॉलर की मशीन रीडेबल वीजा (MRV) फीस के अलावा 750 डॉलर का भुगतान करना होगा. पहले एप्लिकेंट्स को सामान्य वीजा एप्लिकेशन प्रोसेस पूरी करनी होगी, 185 डॉलर की फीस जमा करनी होगी और रेगुलर इंटरव्यू अपॉइंटमेंट लेना होगा. इसके बाद, अगर उनके लोकेशन पर पेड एक्सपीडाइट ऑप्शन उपलब्ध है, तो वे पहले की अपॉइंटमेंट के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं. यह 750 डॉलर की फीस प्रत्येक एप्लिकेंट और प्रत्येक अपॉइंटमेंट के लिए अलग से देनी होगी.
10 बिजनेस डेज में मिल सकता है इंटरव्यू
पायलट प्रोग्राम के तहत पात्र एप्लिकेंट्स को उपलब्धता होने पर 10 बिजनेस डेज के भीतर इंटरव्यू स्लॉट मिल सकता है. हालांकि, 750 डॉलर का भुगतान वीजा प्रोसेसिंग को तेज करने या वीजा अप्रूवल की गारंटी नहीं देता. एप्लिकेंट्स को अन्य आवेदकों की तरह ही सिक्योरिटी स्क्रीनिंग और एलिजिबिलिटी चेक्स से गुजरना होगा.
क्या इंडिया भी है शामिल
नहीं. 18 अगस्त 2026 तक जारी सूची में इंडिया को इस पायलट प्रोग्राम में शामिल नहीं किया गया है. फिलहाल कनाडा, कोलंबिया, ग्वाटेमाला, कोस्टा रिका, होंडुरास और मैक्सिको में यह सुविधा उपलब्ध है. मैक्सिको में यह प्रोग्राम 21 जुलाई 2026 से शुरू हुआ था, जबकि बाकी सूचीबद्ध लोकेशंस में 18 अगस्त 2026 से इसे लागू किया गया. US डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के मुताबिक, पायलट प्रोग्राम की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक है और इस दौरान अन्य लोकेशंस को भी इसमें शामिल किया जा सकता है.
इंडियन एप्लिकेंट्स के लिए क्या है विकल्प
फिलहाल इंडियन B1/B2 वीजा एप्लिकेंट्स 750 डॉलर देकर इस पेड एक्सपीडाइट सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते. उन्हें सामान्य अपॉइंटमेंट प्रोसेस का पालन करना होगा. जरूरी और योग्य मामलों में मौजूदा इमरजेंसी अपॉइंटमेंट प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है.
750 डॉलर देने पर वीजा की गारंटी नहीं
यह फीस केवल जल्दी इंटरव्यू अपॉइंटमेंट पाने के लिए है. इससे वीजा अप्रूवल या तेज वीजा प्रोसेसिंग की कोई गारंटी नहीं है. यह फीस नॉन-रिफंडेबल और नॉन-ट्रांसफरेबल भी है. अगर एप्लिकेंट का वीजा रिजेक्ट हो जाता है तो 750 डॉलर वापस नहीं किए जाएंगे. अपॉइंटमेंट मिस या कैंसल करने पर भी यह राशि जब्त हो जाएगी.