10 साल के लिए निवेश करना है? ये 4 म्यूचुअल फंड बन सकते हैं विकल्प, जानें खासियत
लंबी अवधि के निवेश के लिए सही म्यूचुअल फंड चुनना आसान नहीं है. एक रिपोर्ट में HDFC Flexi Cap, Bandhan Large & Mid Cap, WOC Mid Cap और ICICI Prudential Value को लॉन्ग टर्म नजरिए से संभावित विकल्प बताया गया है.

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि लंबे समय के लिए कौन-सा फंड चुना जाए. खासकर तब, जब बाजार में सैकड़ों स्कीम उपलब्ध हों. ऐसे में सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना सही रणनीति नहीं मानी जाती. फंड का प्रदर्शन, जोखिम, फंड मैनेजर की निरंतरता और निवेश की रणनीति भी देखना जरूरी है.
Financial Express की रिपोर्ट में ऐसे ही चार म्यूचुअल फंड पर नजर डाली गई है, जिन्हें अगले एक दशक जैसे लंबे निवेश नजरिए से देखा जा सकता है. इनमें HDFC Flexi Cap, Bandhan Large & Mid Cap, WOC Mid Cap और ICICI Prudential Value शामिल हैं. इन फंडों का चयन बेंचमार्क से प्रदर्शन, रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न और फंड मैनेजमेंट की स्थिरता जैसे पहलुओं के आधार पर किया गया है.
HDFC Flexi Cap: स्थिरता पर फोकस
HDFC Flexi Cap फंड उन निवेशकों के लिए दिलचस्प हो सकता है, जो एक ही कैटेगरी में अलग-अलग मार्केट कैप वाली कंपनियों में निवेश चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इस फंड ने लंबे समय में अपने बेंचमार्क के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन और अच्छी निरंतरता दिखाई है.
Flexi Cap फंड का फायदा यह है कि फंड मैनेजर बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में आवंटन बदल सकता है. इससे निवेश रणनीति में लचीलापन रहता है.
Bandhan Large & Mid Cap: लार्ज और मिड कैप का मिश्रण
दूसरा फंड Bandhan Large & Mid Cap है. जैसा कि नाम से पता चलता है, यह लार्ज और मिड कैप कंपनियों पर फोकस करता है. रिपोर्ट के अनुसार इस फंड ने लंबी अवधि में अच्छा प्रदर्शन और निरंतरता दिखाई है.
हालांकि, HDFC Flexi Cap की तुलना में इसमें थोड़ी ज्यादा अस्थिरता देखी गई है. इसलिए निवेशकों को इसमें पैसा लगाने से पहले अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को जरूर समझना चाहिए.
WOC Mid Cap: जोखिम के साथ ज्यादा संभावित ग्रोथ
WOC Mid Cap इस सूची का मिड कैप फोकस वाला फंड है. रिपोर्ट के मुताबिक रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न के लिहाज से इसका प्रदर्शन मजबूत रहा है. हालांकि इसकी ट्रैक रिकॉर्ड अवधि बाकी कुछ फंडों की तुलना में छोटी है.
मिड कैप कंपनियों में निवेश होने के कारण इसमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा हो सकता है. इसलिए यह विकल्प उन निवेशकों के लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकता है, जिनकी निवेश अवधि लंबी है और जो ज्यादा जोखिम सह सकते हैं.
ICICI Prudential Value: सस्ती वैल्यू वाले शेयरों पर नजर
चौथा नाम ICICI Prudential Value का है. यह फंड Value Investing की रणनीति पर काम करता है, यानी ऐसी कंपनियों को तलाशने पर जोर रहता है जिनके शेयरों की कीमत उनके संभावित वास्तविक मूल्य की तुलना में कम मानी जाती है.
हाल की अवधि में इसका प्रदर्शन कुछ अन्य फंडों से पीछे रहा है, लेकिन Value Investing की रणनीति लंबे समय में अलग तरह का पोर्टफोलियो एक्सपोजर दे सकती है. इससे निवेशक को अन्य इक्विटी फंडों के मुकाबले कुछ हद तक अलग निवेश शैली मिलती है.
सिर्फ रिटर्न देखकर न चुनें फंड
लंबी अवधि के निवेश में सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड के पीछे न भागें. निवेशक को फंड की कैटेगरी, निवेश रणनीति, खर्च, फंड मैनेजर का ट्रैक रिकॉर्ड और अपने जोखिम स्तर को देखना चाहिए.
रिपोर्ट में भी जोर दिया गया है कि बाजार में गिरावट के दौरान निवेश बनाए रखना और अलग-अलग कैटेगरी में सही तरीके से डायवर्सिफिकेशन करना महत्वपूर्ण है. किसी भी म्यूचुअल फंड में रिटर्न की गारंटी नहीं होती और पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है.
इसलिए इन चार फंडों को निवेश की अंतिम सलाह नहीं, बल्कि लंबी अवधि के लिए रिसर्च शुरू करने के संभावित विकल्पों के तौर पर देखना बेहतर होगा.