HDFC, ICICI प्रूडेंशियल और टाटा म्यूचुअल फंड ने गोल्ड ETF FoFs में निवेश पर लगाई रोक, दिवाली से पहले बड़ा फैसला

गोल्ड फंड-ऑफ-फंड्स (Gold Fund of Funds या Gold FoFs) एक ऐसा म्यूचुअल फंड है, जिसके जरिए आप सोने में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आपको असली सोना खरीदकर रखने की जरूरत नहीं होती. जियो-पॉलिटिकल तनावों के कारण वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं और रुपये पर दबाव पड़ रहा है.

Gold ETF Image Credit: money9live

त्योहारी सीजन से ठीक पहले टाटा म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी बड़ा कदम उठाया. इन सभी ने गुरुवार को नोटिस जारी कर अपने गोल्ड फंड-ऑफ-फंड्स (FoFs) में नए निवेश पर रोक लगा दी है. ईटी ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में इस पाबंदी का कोई कारण नहीं बताया गया है. नोटिस के अनुसार, निवेशक अपने मौजूदा निवेश को भुनाना (रिडीम करना) जारी रख सकते हैं.

निवेश पर अस्थायी रूप से रोक

टाटा म्यूचुअल फंड ने बताया कि 16 अक्टूबर से ‘टाटा गोल्ड ईटीएफ FoF’ में नए और अतिरिक्त एकमुश्त निवेश, स्विच-इन, टॉप-अप, और नई सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) तथा सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रूप से रोक रहेगी. फंड हाउस ने कहा, ‘इसके अलावा, मौजूदा SIP/STP रजिस्ट्रेशन (जो प्रभावी तारीख से पहले किए गए थे) के तहत किस्तें जारी रहेंगी और उन्हें लागू NAV पर प्रोसेस किया जाएगा.’

क्या है गोल्ड फंड-ऑफ-फंड्स?

गोल्ड फंड-ऑफ-फंड्स (Gold Fund of Funds या Gold FoFs) एक ऐसा म्यूचुअल फंड है, जिसके जरिए आप सोने में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आपको असली सोना खरीदकर रखने की जरूरत नहीं होती. यह फंड आमतौर पर ऐसे गोल्ड ETF में निवेश करता है, जो सोने की कीमतों को ट्रैक करते हैं.

सोने की मांग से रुपये पर दबाव

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इस साल रुपया लगभग 7% गिर चुका है, जिससे यह एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक बन गया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रुपये की गिरावट से भारत का आयात बिल बढ़ गया है, जबकि विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय शेयरों की बिकवाली की है. सोने की भारी मांग ने रुपये पर दबाव और बढ़ा दिया है, जिसके चलते सरकार ने इस साल सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है.

जियो-पॉलिटिकल तनाव का कीमतों पर असर

चीन के बाद दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता होने के नाते, भारत हर साल लगभग 700-900 टन सोने का आयात करता है. जियो-पॉलिटिकल तनावों के कारण वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं और रुपये पर दबाव पड़ रहा है. ऐसे में सोने के आयात का भारी बिल भारत के लिए एक अतिरिक्त बोझ बन गया है और इससे देश का व्यापार घाटा (Trade Deficit) भी बढ़ सकता है.

सितंबर में सोने का आयात

सितंबर में सोने का आयात अगस्त के 2.3 अरब डॉलर से घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया. हालांकि, भारत में त्योहारी सीजन के दौरान सोने की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है, क्योंकि लोग धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदते हैं; इस समय को शुभ माना जाता है.

पिछले साल त्योहारी सीजन के दौरान गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश काफी बढ़ गया था, क्योंकि शेयर बाजार से कमजोर रिटर्न मिलने के कारण निवेशक कीमती धातुओं की ओर रुख करने लगे थे.

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