Jio BlackRock को क्यों बदलनी पड़ी अपनी Strategy? क्या है मुकेश अंबानी का प्लान
Zerodha और groww को टक्कर देने उतरे थे मुकेश अंबानी. लेकिन कुछ ही महीनों में बदलनी पड़ गई उनको अपनी पूरी स्ट्रेटजी. Jio ब्लैक रॉक को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया गया था कि यह भारत के इन्वेस्टमेंट मार्केट को पूरी तरह डिजिटल बना देगी. जैसे Jio ने टेलीकॉम इंडस्ट्री को बदल कर रख दिया था. लेकिन अब कहानी बदलती नजर आ रही है क्योंकि जिस Jio ब्लैक रॉक ने डायरेक्ट इन्वेस्टिंग मॉडल पर भरोसा जताया था.
पिछले कुछ वर्षों में भारत में इन्वेस्टिंग कल्चर तेजी से बदल रहा है. पहले जहां लोग FD, गोल्ड और प्रॉपर्टी को सबसे सुरक्षित इन्वेस्टमेंट मानते थे, वहीं अब SIP और म्यूच्यूल फंड्स में करोड़ों नए इन्वेस्टर्स तक पहुंच चुके हैं. मोबाइल एप्स ने इन्वेस्टिंग को इतना आसान बना दिया है कि लोग घर बैठे कुछ मिनटों में ही अकाउंट खोलकर म्यूच्यूल फंड्स खरीद सकते हैं. इसी बदलाव का फायदा Go और Zerodha जैसे प्लेटफार्म ने उठाया. उन्होंने इन्वेस्टर्स को बताया कि अब किसी एजेंट की जरूरत नहीं है. आप खुद डायरेक्ट म्यूच्यूल फंड्स खरीद सकते हैं और कमीशन बचा सकते हैं. यही मॉडल देखकर Jio ब्लैक रॉक ने भी शुरुआत में डायरेक्ट टू कंज्यूमर स्ट्रेटजी अपनाई. जाने क्या है पूरा मामला…