₹5,000 की SIP से ₹40 लाख का पोर्टफोलियो! 3 साल में कैसे बनाई इतनी दौलत?

बेंगलुरु के 26 साल के टेक प्रोफेशनल अर्जुन परमार ने 2023 में 18,000 रुपये की मासिक सैलरी से करियर शुरू किया था. उन्होंने साल के आखिर में 5,000 रुपये की SIP से निवेश की शुरुआत की. समय के साथ सैलरी बढ़ने पर निवेश भी बढ़ाया. आज उनका म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो करीब 35से 40 लाख रुपये है.

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तीन साल पहले महीने के सिर्फ 18,000 रुपये मिलते थे. इस बीच नौकरी छूटी, चार जगहों से रिजेक्शन मिला, लेकिन निवेश का सिलसिला नहीं रुका. बेंगलुरु के 26 साल के अर्जुन परमार की कहानी बताती है कि संपत्ति बनाने के लिए सिर्फ मोटी सैलरी ही नहीं, बल्कि खर्च पर कंट्रोल, लगातार निवेश और मुश्किल वक्त के लिए तैयारी भी जरूरी है. उन्होंने 2023 के आखिर में इंडेक्स फंड में हर महीने 5,000 रुपये की एसआईपी शुरू की थी. अब उनके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो की वैल्यू करीब 35 से 40 लाख रुपये है. खास बात ये है कि उनका अगला टारगेट 35 साल की उम्र तक 5 करोड़ रुपये का निवेश पोर्टफोलियो बनाना है.

₹18,000 की सैलरी से शुरू हुआ सफर

financial express की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के उज्जैन में रहने वाले अर्जुन ने 2019 में जेईई पास करके एनआईटी में दाखिला लिया था. वह कंप्यूटर साइंस से जुड़ी ब्रांच चाहते थे, लेकिन उन्हें मैकेनिकल इंजीनियरिंग मिली. कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान कई टेक कंपनियों में सॉफ्टवेयर की नौकरी के लिए आवेदन करना आसान नहीं रहा. इसके बाद उन्होंने खुद प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम सीखने पर ध्यान दिया.

जुलाई 2023 में उन्होंने टेक महिंद्रा में सॉफ्टवेयर ट्रेनी के रूप में नौकरी शुरू की. उनका सालाना पैकेज करीब 2.2 लाख रुपये था और हर महीने लगभग 18,000 रुपये हाथ में आते थे. वह अपने माता-पिता को हर महीने 5000 से 7,000 रुपये भेजते थे और बाकी रकम से बचत करने की कोशिश करते थे. इसी साल के आखिर में उन्होंने इंडेक्स फंड में 5,000 रुपये की मासिक एसआईपी शुरू की.

₹18,000 से ₹1 लाख महीने की कमाई तक कैसे पहुंचे?

अक्टूबर 2024 में करीब 15 महीने टेक महिंद्रा में काम करने के बाद अर्जुन ने एक्सेंचर जॉइन किया. यहां उनका सालाना पैकेज बढ़कर करीब 12 लाख रुपये हो गया. बेंगलुरु जाने के बाद भी उन्होंने शुरुआत में सहकर्मियों के साथ फ्लैट साझा किया और मासिक खर्च 45,000 रुपये से नीचे रखने की कोशिश की.

कमाई बढ़ने के साथ उन्होंने निवेश भी बढ़ाया. उनकी मासिक एसआईपी करीब 35,000 से 40,000 रुपये हो गई और परिवार को भेजी जाने वाली रकम लगभग 15,000 रुपये प्रति माह पहुंच गई. मार्च 2025 तक उनकी बचत, ईपीएफ और निवेश मिलाकर करीब 8 से 10 लाख रुपये हो चुके थे.

₹45 लाख का पैकेज मिला, लेकिन नौकरी ज्यादा समय नहीं चली

अगस्त 2025 में अर्जुन को एक बड़ी वैश्विक टेक कंपनी में नौकरी मिली. उनका सीटीसी करीब 45 लाख रुपये हो गया, जिसमें तय सैलरी, बोनस और आरएसयू शामिल थे. इस दौरान उनके खर्च भी बढ़े. बेहतर घर, बाहर खाना, गैजेट और यात्रा पर खर्च बढ़ने से कुछ समय के लिए उनका मासिक खर्च 1.2 लाख रुपये से ज्यादा हो गया. हालांकि, उन्होंने निवेश भी बढ़ाकर करीब 1 से 1.25 लाख रुपये प्रति माह कर दिया.

लेकिन मई 2026 में कंपनी के पुनर्गठन के दौरान उनकी नौकरी चली गई. 45 लाख रुपये का पैकेज एक झटके में खत्म हो गया. इस मुश्किल वक्त में करीब 6 लाख रुपये की लिक्विड बचत उनके काम आई. उन्हें रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए तुरंत अपने शेयर या म्यूचुअल फंड निवेश बेचने की जरूरत नहीं पड़ी.

चार जगह रिजेक्शन के बाद फिर मिली नौकरी

नौकरी जाने के बाद अर्जुन ने मई से अगस्त 2026 तक दोबारा कोडिंग, सिस्टम डिजाइन और मॉक इंटरव्यू की तैयारी की. इस दौरान उन्हें करीब चार जगहों से रिजेक्शन मिला. आखिरकार सितंबर 2026 में उन्होंने एक दूसरी बड़ी वैश्विक टेक कंपनी जॉइन की. उनका मौजूदा सालाना सीटीसी करीब 50 लाख रुपये है.

हालांकि, 50 लाख रुपये का सीटीसी हर महीने बैंक खाते में 4.16 लाख रुपये आने के बराबर नहीं है. इसमें बोनस और आरएसयू भी शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स, पीएफ और दूसरी कटौतियों के बाद उनकी मासिक टेक-होम सैलरी करीब 2.8 से 3 लाख रुपये है.

₹65-75 लाख की वित्तीय संपत्ति कहां लगी है?

रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल अर्जुन की वित्तीय संपत्ति करीब 65 से 75 लाख रुपये है. इसमें म्यूचुअल फंड का हिस्सा सबसे बड़ा है, जिसकी वैल्यू करीब 35 से 40 लाख रुपये है. सीधे शेयरों में 7 से 10 लाख रुपये और वेस्टेड आरएसयू में करीब 8 से 10 लाख रुपये हैं. इसके अलावा, उनके पास 7 से 8 लाख रुपये का इमरजेंसी फंड, 3 से 4 लाख रुपये का सोना, 50,000-75,000 रुपये की क्रिप्टो होल्डिंग और 3 से 4 लाख रुपये की ईपीएफ व दूसरी रिटायरमेंट बचत है.

माता-पिता के लिए खरीदा ₹40-45 लाख का घर

साल 2026 में अर्जुन ने उज्जैन में अपने माता-पिता के लिए करीब 40 से 45 लाख रुपये का घर खरीदा. इसके लिए उन्होंने लगभग 8 से 10 लाख रुपये का डाउन पेमेंट किया और करीब 30 से 35 लाख रुपये का होम लोन लिया. वह इस घर को अपने 5 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य का हिस्सा नहीं मानते, क्योंकि उनके लिए यह फैसला सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि माता-पिता को अपना घर देने से जुड़ा था.

35 साल की उम्र तक ₹5 करोड़ बनाने का टारगेट

अर्जुन अब 35 साल की उम्र तक घर से अलग 5 करोड़ रुपये का निवेश पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं. कमाई बढ़ने के साथ उनका लक्ष्य सालाना निवेश को करीब 20 लाख रुपये तक ले जाने का है. वह लगभग 40 साल की उम्र तक आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहते हैं, ताकि नौकरी का चुनाव सिर्फ सैलरी के आधार पर न करना पड़े. उनकी कहानी से सबसे अहम सीख यह है कि ज्यादा कमाई अपने आप दौलत नहीं बनाती. कमाई बढ़ने पर खर्च को काबू में रखना, नियमित निवेश करना और कम से कम छह महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है.

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