पहली दिवाली का बोनस मिला है? खर्च करने से पहले जान लें निवेश के ये 5 स्मार्ट तरीके, भविष्य में बनेगा मोटा फंड

पहली बार दिवाली बोनस मिला है तो पूरा पैसा शॉपिंग में खर्च करने की गलती न करें. इस रकम से इमरजेंसी फंड बनाने, महंगा कर्ज चुकाने और म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. जानिए 20:30:50 फॉर्मूला क्या है और एसआईपी, एसटीपी, गोल्ड व एफडी के जरिए बोनस का सही इस्तेमाल कैसे करें.

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दिवाली पर मिलने वाला बोनस हर नौकरीपेशा के लिए खास होता है. खासकर उन युवाओं के लिए, जिन्हें पहली बार कंपनी की तरफ से बोनस मिला है. अक्सर लोग इस पैसे को नए फोन, कपड़े, घूमने-फिरने या शॉपिंग पर खर्च कर देते हैं. लेकिन अगर इस रकम का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की शुरुआत बन सकती है. आप अपने बोनस से इमरजेंसी फंड बना सकते हैं, कर्ज चुका सकते हैं और म्यूचुअल फंड से लेकर गोल्ड तक में निवेश कर सकते हैं. आइए जानते हैं बोनस के पैसे को निवेश करने के 5 स्मार्ट तरीके.

  1. बोनस को 20:30:50 के फॉर्मूले से बांटें

पहली बार बोनस मिलने पर पूरा पैसा खर्च करने के बजाय इसे तीन हिस्सों में बांटना बेहतर हो सकता है. इसके लिए 20:30:50 का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है.

  • 20 फीसदी खर्च करें: बोनस का कुछ हिस्सा अपनी पसंद की चीज खरीदने या घूमने-फिरने पर खर्च करें.
  • 30 फीसदी बचत करें: इस रकम से इमरजेंसी फंड बनाएं या महंगा कर्ज चुकाएं.
  • 50 फीसदी निवेश करें: बाकी रकम को लंबी अवधि के निवेश विकल्पों में लगाएं.

इस तरह आप अपनी खुशियों के साथ भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का भी ध्यान रख सकते हैं.

  1. सबसे पहले इमरजेंसी फंड बनाएं

निवेश शुरू करने से पहले इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है. नौकरी छूटने, मेडिकल इमरजेंसी या परिवार में अचानक खर्च आने पर यह पैसा काम आता है. शुरुआत में कम से कम तीन महीने के जरूरी खर्च के बराबर रकम अलग रखनी चाहिए. धीरे-धीरे इसे छह महीने के खर्च तक बढ़ाया जा सकता है. इस पैसे को ऐसी जगह रखना बेहतर है, जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके. इसके लिए बैंक एफडी या लिक्विड म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प देख सकते हैं. अगर आपके ऊपर क्रेडिट कार्ड का बकाया या ज्यादा ब्याज वाला पर्सनल लोन है तो बोनस के एक हिस्से से उसे चुकाना भी समझदारी होगी.

  1. म्यूचुअल फंड और इंडेक्स फंड में करें निवेश

अगर आपके पास इमरजेंसी फंड है और कोई महंगा कर्ज नहीं है तो बोनस का कुछ हिस्सा म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. युवा निवेशकों के पास लंबी अवधि होती है, जिसका फायदा कंपाउंडिंग के जरिए मिल सकता है.

डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड और इंडेक्स फंड लंबी अवधि के निवेश के विकल्प हो सकते हैं. इसके अलावा पीपीएफ और एनपीएस को भी अपने वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से पोर्टफोलियो में शामिल किया जा सकता है. सीधे शेयर बाजार में पैसा लगाने के बजाय नए निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड को समझना और उसके जोखिम का आकलन करना बेहतर शुरुआत हो सकती है.

  1. SIP या STP से लगाएं बोनस का पैसा

अगर आपको एक साथ पूरी रकम शेयर बाजार से जुड़े निवेश में लगाने में जोखिम महसूस होता है तो एसआईपी या एसटीपी का विकल्प देख सकते हैं. एसआईपी के जरिए हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में निवेश की जाती है. वहीं एसटीपी में पहले पैसा लिक्विड फंड में रखा जाता है और फिर तय अंतराल पर धीरे-धीरे इक्विटी फंड में ट्रांसफर किया जाता है.

अगर आपको बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता है तो बोनस की रकम को 3 से 6 महीने में निवेश करने का तरीका अपना सकते हैं.

  1. गोल्ड और एफडी को भी दें जगह

अपने पूरे बोनस को शेयर बाजार या इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगाना जरूरी नहीं है. पोर्टफोलियो में गोल्ड और फिक्स्ड डिपॉजिट को भी जगह दी जा सकती है. गोल्ड महंगाई के असर से बचाव में मदद कर सकता है, जबकि एफडी में अपेक्षाकृत स्थिर रिटर्न और पैसे की सुरक्षा मिलती है. हालांकि, निवेश से पहले अपनी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता जरूर देखें.

सोशल मीडिया पर मिलने वाले स्टॉक टिप्स या अचानक ज्यादा रिटर्न देने वाले निवेश विकल्पों के पीछे भागने से बचें. जिस निवेश की जानकारी नहीं है, उसमें बिना समझे पैसा लगाना नुकसानदायक हो सकता है.

बोनस से शुरू करें निवेश की आदत

पहली दिवाली का बोनस भले ही बहुत बड़ी रकम न हो, लेकिन इसका सही इस्तेमाल आपकी आर्थिक जिंदगी की अच्छी शुरुआत बन सकता है. जरूरी है कि आप पहले बचत और कर्ज का हिसाब ठीक करें, फिर अपने लक्ष्य के मुताबिक निवेश करें. नियमित निवेश और अनुशासन से लंबी अवधि में अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है.

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