दिवाली के बाद UPI पेमेंट पर लगेगा MDR चार्ज? जानें कब से लागू होंगे नए नियम और किसे देना होगा पैसा
दिवाली के बाद UPI पेमेंट को लेकर नए MDR नियम लागू हो सकते हैं. इसके तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी चार्ज लगेगा. हालांकि, आम ग्राहकों, छोटे दुकानदारों और P2P ट्रांजैक्शन को राहत मिलेगी. जानिए कब से लागू होंगे नियम और 3,000 से 75,000 रुपये तक के पेमेंट पर कितना चार्ज लगेगा.
Highlights
- दिवाली के बाद चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होने की तैयारी
- 2,000 रुपये से ज्यादा के पात्र ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी चार्ज
- आम ग्राहकों के P2P और छोटे पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेंगे
दिवाली के बाद यूपीआई पेमेंट को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की तैयारी की है. पहले यह नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था, लेकिन त्योहारों को देखते हुए इसे टाल दिया गया. अब इसे दिवाली के तुरंत बाद लागू करने की बात कही गई है. हालांकि, इसकी सटीक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है.
9 नवंबर से लागू हो सकता है नया नियम?
NPCI ने 13 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद MDR लागू करने का फैसला दिवाली तक टाल दिया था. इसके मुताबिक, दिवाली के तुरंत बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी. दिवाली के अगले दिन यानी 9 नवंबर से इसकी शुरुआत होने की संभावना है, लेकिन इसे आधिकारिक तारीख नहीं माना जा सकता.
इससे पहले 1 जनवरी 2027 से नए नियम लागू होने की चर्चा भी सामने आई थी. हालांकि, NPCI ने अभी तक जनवरी की तारीख की पुष्टि नहीं की है. ऐसे में कारोबारियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करना होगा.
क्या है UPI का नया MDR चार्ज?
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह फीस है, जो दुकानदार या कारोबारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने और प्रोसेस करने के लिए चुकाता है. नई व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR लगाने का प्रस्ताव है.
हालांकि, सभी कारोबारियों के लिए एक जैसी दर नहीं होगी. 75,000 रुपये या इससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम 300 रुपये चार्ज लगेगा. वहीं, कुछ जरूरी सेवाओं और कम मार्जिन वाले कारोबारों के लिए 5 रुपये की फ्लैट फीस तय की गई है.
कितने रुपये के पेमेंट पर कितना लगेगा चार्ज?
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक:
- 2,000 रुपये तक के पेमेंट पर कोई MDR नहीं.
- 3,000 रुपये के पेमेंट पर 12 रुपये चार्ज.
- 5,000 रुपये के पेमेंट पर 20 रुपये चार्ज.
- 10,000 रुपये के पेमेंट पर 40 रुपये चार्ज.
- 25,000 रुपये के पेमेंट पर 100 रुपये चार्ज.
- 50,000 रुपये के पेमेंट पर 200 रुपये चार्ज.
- 75,000 रुपये या ज्यादा पर अधिकतम 300 रुपये.
ये दरें उन मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होंगी, जो सामान्य 0.4 फीसदी MDR कैटेगरी में आते हैं.
क्या आम ग्राहकों को देना होगा अतिरिक्त पैसा?
यूपीआई इस्तेमाल करने वाले आम लोगों के लिए राहत की बात है कि यह चार्ज ग्राहकों से नहीं, बल्कि पात्र कारोबारियों से लिया जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि दुकानदार MDR को अलग से ग्राहक के बिल में नहीं जोड़ सकते.
इसके अलावा, दोस्तों या परिवार के सदस्यों को पैसे भेजने यानी P2P ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट भी MDR से बाहर रहेंगे.
छोटे दुकानदारों को मिलेगी राहत
छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी राहत दी गई है. P2PM कैटेगरी में आने वाले ऐसे कारोबारी, जिनका यूपीआई के जरिए मासिक कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है, उन्हें MDR नहीं देना होगा.
वहीं, रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि से जुड़े कुछ निर्धारित कारोबारों के लिए 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये की फ्लैट फीस होगी. म्यूचुअल फंड, शेयर और स्टॉक मार्केट से जुड़े पेमेंट पर 0.02 फीसदी MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी.
96 फीसदी UPI ट्रांजैक्शन रहेंगे मुफ्त
सरकार के अनुमान के मुताबिक, करीब 96 फीसदी मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर नए MDR नियमों का असर नहीं पड़ेगा. केवल लगभग 4 फीसदी ट्रांजैक्शन पर नया चार्ज लगने की संभावना है.
इसका मकसद डिजिटल पेमेंट सिस्टम को चलाने वाली कंपनियों और बैंकों के लिए कमाई का जरिया तैयार करना है. फिलहाल कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी करनी होगी, जबकि आम यूपीआई यूजर्स को अपने पेमेंट के लिए अतिरिक्त चार्ज देने की जरूरत नहीं होगी.
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