FD पर 9.1% तक ब्याज! पक्की कमाई वाले निवेश में क्या चल रहा है बड़ा खेल?

हाल के दिनों में, कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और कॉर्पोरेट बॉन्ड भारतीय वित्तीय बाजार में निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. कई कंपनियां, विशेष रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी), अपनी एफडी पर 9.1% तक आकर्षक ब्याज दरें प्रदान कर रही हैं, जो पारंपरिक बैंक एफडी से काफी अधिक हैं. मुथूट कैपिटल 7.9% से 9.1% और श्रीराम फाइनेंस 7.6% तक की पेशकश कर रहे हैं. इसी अवधि में, कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार में भी बड़ी हलचल देखी गई है. जून माह में ही कंपनियों द्वारा ₹1 लाख करोड़ से अधिक के बॉन्ड जारी करने का अनुमान है, जिसमें सिडबी, आरईसी और एनआईआईएफ इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस जैसी संस्थाएं महत्वपूर्ण राशि जुटा रही हैं.

कंपनियां उधार लेने के लिए बॉन्ड का उपयोग कर रही हैं, और निवेशकों को यह आकर्षक लग रहा है क्योंकि यह स्थिर और उच्च रिटर्न का मौका देता है, खासकर तब जब शेयर बाजार में अपेक्षित रिटर्न नहीं मिल रहे हों. हालांकि, निवेशकों को इन उच्च रिटर्न के साथ जुड़े जोखिमों के प्रति सचेत रहना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि सभी निवेशों को एक ही जगह नहीं रखना चाहिए. कंपनी एफडी या कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करते समय, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग (जैसे ट्रिपल ए) और उसकी वित्तीय स्थिरता का गहन मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है.

प्रिंसिपल राशि के भी डिफ़ॉल्ट होने का जोखिम हमेशा बना रहता है, जैसा कि अतीत में कुछ घटनाओं में देखा गया है. इसलिए, निवेशकों को अपना “ड्यू डिलिजेंस” खुद करना चाहिए और अपनी जोखिम सहनशीलता के अनुसार ही निवेश करना चाहिए.

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