पोस्ट ऑफिस RD vs PPF: ₹10,000 महीने जमा करने पर कहां बनेगा ज्यादा पैसा?

हर महीने ₹10,000 निवेश करके 15 साल में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं? पोस्ट ऑफिस की RD और PPF योजनाओं में आपके लिए कौन बेहतर है? मौजूदा ब्याज दरों के आधार पर PPF में करीब ₹32.54 लाख और RD में करीब ₹24.22 लाख का फंड बन सकता है. जानिए दोनों योजनाओं के रिटर्न, निवेश की अवधि और टैक्स से जुड़े फायदे.

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इस खबर का मुख्य एंगल यह है कि हर महीने ₹10,000 निवेश करने पर 15 साल में PPF में करीब ₹32.54 लाख, जबकि पोस्ट ऑफिस RD में करीब ₹24.22 लाख का फंड बनने का अनुमान है. दोनों योजनाओं में कुल निवेश ₹18 लाख होगा. ये आंकड़े मौजूदा ब्याज दरों को स्थिर मानकर किए गए अनुमान हैं, गारंटीड रिटर्न नहीं.

हर महीने ₹10,000 जमा करने पर कितना बनेगा फंड?

अगर आप हर महीने ₹10,000 बचाकर लंबे समय में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए विकल्प हो सकते हैं. दोनों सरकारी छोटी बचत योजनाएं हैं, लेकिन इनके ब्याज, निवेश की अवधि और टैक्स के नियम अलग-अलग हैं.

अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस RD पर 6.7% सालाना ब्याज मिल रहा है. वहीं, PPF पर 7.1% सालाना ब्याज दिया जा रहा है.

RD और PPF में रिटर्न की तुलना

अगर दोनों योजनाओं में हर महीने ₹10,000 जमा किए जाएं, तो 15 साल में कुल निवेश ₹18 लाख होगा. मौजूदा ब्याज दरों को पूरे समय समान मानकर किए गए अनुमान के मुताबिक, दोनों योजनाओं में मिलने वाला फंड इस तरह हो सकता है.

जानकारीपोस्ट ऑफिस RDPPF
मासिक निवेश₹10,000₹10,000
सालाना निवेश₹1.20 लाख₹1.20 लाख
मौजूदा ब्याज दर6.7%7.1%
कुल निवेश₹18 लाख₹18 लाख
अनुमानित फंड₹24.22 लाख₹32.54 लाख
अनुमानित ब्याज₹6.22 लाख₹14.54 लाख

इस अनुमान के अनुसार, PPF में करीब ₹8.32 लाख ज्यादा फंड बन सकता है. हालांकि, वास्तविक रकम भविष्य की ब्याज दरों और निवेश की शर्तों पर निर्भर करेगी.

पोस्ट ऑफिस RD और PPF की अवधि में अंतर

पोस्ट ऑफिस RD की शुरुआती अवधि पांच साल होती है. 15 साल तक निवेश जारी रखने के लिए मैच्योरिटी के बाद रकम को दोबारा निवेश करने की योजना बनानी होगी. वहीं, PPF की अवधि 15 साल है. इसमें सालाना अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं.

किस योजना में निवेश करना बेहतर?

अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बचत करना और टैक्स से जुड़े फायदे पाना है, तो PPF उपयोगी विकल्प हो सकता है. पुराने टैक्स सिस्टम में पात्र निवेश पर धारा 80C के तहत छूट भी मिल सकती है. PPF में ब्याज और मैच्योरिटी की रकम मौजूदा नियमों के अनुसार टैक्स-फ्री होती है.

दूसरी ओर, RD उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो हर महीने नियमित बचत करना चाहते हैं और शुरुआत में पांच साल की अवधि रखना पसंद करते हैं. निवेश से पहले ध्यान दें: दोनों योजनाओं की ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा हो सकती है. इसलिए 15 साल का फंड तय मानने के बजाय अपने लक्ष्य, टैक्स और पैसों की जरूरत के हिसाब से फैसला करें.

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